NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
हरिद्वार कुंभ: क्या गंगा में डुबकी लगाने से भागेगा कोरोना!
अनूप नौटियाल कहते हैं कि कोविड टेस्टिंग को लेकर उत्तराखंड सरकार ने केंद्र को गलत डाटा मुहैया कराया है। हरिद्वार में 55,000 टेस्ट हर रोज़ नहीं हो रहे हैं। 1-21 मार्च के भीतर हरिद्वार में 1,11,749 टेस्ट नतीजे आए हैं। यानी औसतन 5,321 टेस्ट हर रोज़। ये विश्लेषण उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी हेल्थ बुलेटिन के आधार पर किया गया है।
वर्षा सिंह
23 Mar 2021
tirath singh rawat
20 मार्च को हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर पूजा करते मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत कोविड पॉज़िटिव पाए गए हैं। अपने ट्विटर पर उन्होंने ये जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री ने लिखा “मेरी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मैं ठीक हूँ और मुझे कोई परेशानी नहीं है। डॉक्टर्स की निगरानी में मैंने स्वयं को आइसोलेट कर लिया है। आप में से जो भी लोग गत कुछ दिनों में मेरे निकट संपर्क में आयें हैं, कृपया सावधानी बरतें और अपनी जाँच करवाएं।

इसी महीने मुख्यमंत्री पद की ज़िम्मेदारी संभालने के बाद मुख्यमंत्री बेहद एक्टिव रहे। कोरोना के समय में हरिद्वार कुंभ का आयोजन उत्तराखंड सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के लिए ये पहला बड़ा टास्क भी है। 11 मार्च को महाशिवरात्रि के अवसर पर वह भी हरिद्वार कुंभ पहुंचे और साधु-संतों का आशीर्वाद लिया। वहां से उन्होंने ये संदेश भी दिया कि कुंभ 12 वर्षों में एक बार आता है। यह आस्था का सवाल है। कोरोना के नियमों का पालन करना है। सोशल डिस्टेन्सिंग और मास्क पहनना है। लेकिन कुंभ मेले के लिए अनावश्यक रोकटोक नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री जन-भावनाओं के अनुरूप फैसले लेने की बात कर रहे थे। 20 मार्च को भी मुख्यमंत्री ने हरकी पैड़ी पर गंगा की पूजा-अर्चना की।

नियमों में ढील नहीं सख़्ती की है ज़रूरत

हरिद्वार के साधु-संत और छोटे-बड़े व्यापारी चाहते थे कि कुंभ आने वाले लोगों को कोरोना के नाम पर अनावश्यक परेशान न किया जाए। क्योंकि आस्था के इस पर्व का कारोबार भी बड़ा है। साधु-संत भी रोकटोक पर नाराज़ थे। इससे पहले त्रिवेंद्र सिंह रावत के समय कुंभ से जुड़ी एसओपी में श्रद्धालुओं के लिए 72 घंटे के भीतर की कोविड-19 नेगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट लाने की अनिवार्यता की थी।  

तीरथ सिंह रावत ने इस अनिवार्यता को खत्म कर दिया। उन्होंने कहा कि कुंभ में शामिल होने के लिए आरटीपीसीआर रिपोर्ट लाना जरूरी नहीं है। उऩ्होंने कहा कि कुंभ 12 वर्षों में एक बार आता है। हम नहीं चाहते कि लोग इस अवसर को खो दें। उन्होंने यह भी जोड़ा कि हरिद्वार आने वाले सभी लोगों का आरटीपीसीआर टेस्ट कराना या लाखों लोगों की नेगेटिव रिपोर्ट चेक करना व्यवहारिक तौर पर संभव नहीं है। कुंभ को लेकर हरिद्वार में लगाई गई रोक को खत्म करने पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी थी। देश में बढ़ते कोविड केस को लेकर उन्होंने कहा था कि ऐसे हालात में हमें कुंभ में ज्यादा सतर्क होना होगा।

(महाशिवरात्रि पर साधु-संतों से आशीर्वाद लेते मुख्यमंत्री)

आधिकारिक तौर पर कुंभ इस बार 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक है। इसके अलावा स्नान के दिनों में यहां लाखों की भीड़ जुट रही है। कुंभ मेला आईजी संजय गुंज्याल ने जानकारी साझा की थी कि 11 मार्च को महाशिवरात्रि पर सुबह करीब 11 बजे तक 22 लाख से अधिक लोग स्नान कर चुके थे।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत भी इस अवसर पर हरिद्वार पहुंचे और साधु-संतों का आशीर्वाद लिया। साधु-संतों की रैलियों में सोशल-डिस्टेन्सिंग कहीं नहीं थी। चेहरों पर मास्क नहीं थे। साधुओं के बीच मौजूद मुख्यमंत्री स्वयं बिना मास्क और बिना सोशल डिस्टेन्सिंग के नज़र आते हैं।

केंद्र ने राज्य सरकार को किया आगाह

21 मार्च को ही केन्‍द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने कुंभ को लेकर चिंता जतायी। उन्होंने इस बारे में राज्य के मुख्य सचिव ओम प्रकाश को पत्र भी लिखा। 16-17 मार्च, 2021 को एनसीडीसी के निदेशक के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय केन्‍द्रीय टीम ने उत्तराखंड का दौरा किया था। टीम ने हरिद्वार में चल रहे कुम्‍भ मेले के लिए राज्य द्वारा के चिकित्सा और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की।

केंद्रीय टीम की रिपोर्ट के मुताबिक प्रतिदिन 10-20 तीर्थयात्री और 10-20 स्थानीय लोग कोविड-19 से संक्रमित हो रहे हैं। इस संक्रमण दर से कुंभ के दौरान कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ने की आशंका जतायी गई। टीम ने कहा कि कुंभ मेले के दौरान स्थ्‍िाति काफी बिगड़ सकती है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने अपने पत्र में मुख्य सचिव को हरिद्वार में हर रोज़ की जा रही कोविड टेस्टिंग को नाकाफी बताया। उनके मुताबिक राज्य सरकार ने बताया है कि हरिद्वार में हर रोज़ 50,000 रैपिड एंटीजेन टेस्ट और 5,000 आरटीपीआर परीक्षण किए जा रहे हैं। तीर्थयात्राओं की बड़ी संख्या को देखते हुए इतने टेस्ट पर्याप्त नहीं हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने राज्य सरकार से कोविड टेस्ट बढ़ाने को कहा। साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी कोविड एसओपी का पालन करने को कहा। जिसमें कुंभ के दिनों में पवित्र स्‍नान से पहले और बाद में फ्रंटलाइन श्रमिकों का कोरोना परीक्षण जारी रखने, पर्याप्त संख्‍या में गंभीर रोगियों की देखभाल और इलाज सुविधाएं सुनिश्चित कराना, कोविड के दौरान सोशल डिस्टेन्सिंग और मास्क जैसे नियमों का पालन करना शामिल था। कोविड के मामले बढ़ने पर तुरंत एनसीडीसी की सलाह से जीनोम सिक्वेसिंग के लिए नमूने भेजने को कहा गया।

(एसडीसी संस्था ने उठाया कोविड टेस्ट डाटा पर सवाल)

हरिद्वार में हर रोज़ 50,000 टेस्ट?

कोरोना के डाटा का विश्लेषण कर रही देहरादून की संस्था सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्यूनिटीज़ फाउंडेशन के अनूप नौटियाल कहते हैं कि कोविड टेस्टिंग को लेकर उत्तराखंड सरकार ने केंद्र को गलत डाटा मुहैया कराया है। हरिद्वार में 55,000 टेस्ट हर रोज़ नहीं हो रहे हैं। 1-21 मार्च के भीतर हरिद्वार में 1,11,749 टेस्ट नतीजे आए हैं। यानी औसतन 5,321 टेस्ट हर रोज़। ये विश्लेषण उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी हेल्थ बुलेटिन के आधार पर किया गया है।

हर रोज़ जारी होने वाले स्वास्थ्य बुलेटिन के मुताबिक 1-21 मार्च के बीच सबसे अधिक 16,025 कोविड टेस्ट नतीजे 11 मार्च (महाशिवरात्रि) को जारी किए गए। 12 मार्च को 13,311, 13 मार्च को 9373 टेस्ट नतीजे आए। ये इस महीने अब तक के सर्वाधिक टेस्ट हैं। जबकि हरिद्वार में 20 मार्च तक 6716 टेस्ट के नतीजों का इंतज़ार चल रहा है।

अनूप नौटियाल ने कहा कि कुंभ का आयोजन केंद्र की गाइड लाइन्स के तहत ही कराया जाना चाहिए। लोगों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य की जगह लोकप्रिय तरीके और लोकप्रिय बयान नहीं ले सकते। ये सुनिश्चित करना चाहिए कि हरिद्वार कुंभ कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ाने का आयोजन न बन जाए। इसलिए हरिद्वार आने वाले लोगों को कुंभ वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन और आरटीपीसीआर टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट लेकर जरूर आएं।

 

( हरिद्वार कुंभ में स्वागत के साथ सुरक्षा की बात भी है ज़रूरी)

जन भावना या जन सुरक्षा है ज़रूरी

केंद्र की चिंता के बाद 22 मार्च को हरिद्वार में अपर मेला अधिकारी राजमी शरण शर्मा ने बैठक की। इस बैठक में धर्मशला, होटल, बजट होटल, होटल और रेस्टोरेंट, टैक्सी यूनियन, टूर और ट्रेवलर्स एसोसिएशन, व्यापार संघ, स्वयं सेवी संगठनों के पदाधिकारी भामिल हुए। अपर मेला अधिकारी ने कहा कि अगर आपके व्यावसायिक स्थलों में कोराना के लक्षण वाले आते हैं, तो उसकी सूचना तुरन्त दें। धर्मशालाओं और होटलों में कोविड-19 के नियमों का पालन कराने को कहा गया।

 बैठक में अपर मेला अधिकारी ने कहा कि कई राज्यों में कोराना की दूसरी लहर (सेकंड वेव) सामने आ रही है। जिसे देखते हुये भारत सरकार ने भी चेतावनी जारी की है और हमें भी इस ओर सावधान रहने की जरूरत है।

 देशभर में कोविड के बढ़ते केसों के बाद कोरोना से जुड़ी जांच और सख्ती बढ़ा दी गई है। छत्‍तीसगढ़ सरकार ने बढ़ते कोविड केस के बाद सभी स्‍कूल, कॉलेज और आंगनवाडी केन्‍द्रों को बंद करने के आदेश दिये हैं। राजस्‍थान सरकार ने भी आठ शहरों में रात का कर्फ्यू लगाने का फैसला लिया है। बिहार में देश के विभिन्‍न हिस्‍सों से आए लोगों की औचक जांच शुरू की गई है। उत्तराखंड को भी यहां सतर्क होने की जरूरत है। कुंभ 12 साल बाद फिर आएगा। ज़िंदगी एक बार ही आती है।

 (वर्षा सिंह, देहरादून स्थित स्वतंत्र पत्रकार हैं।)

UTTRAKHND
teerath singh rawat
haridwar
mahakumbh 2021
COVID-19

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • modi
    अनिल जैन
    खरी-खरी: मोदी बोलते वक्त भूल जाते हैं कि वे प्रधानमंत्री भी हैं!
    22 Feb 2022
    दरअसल प्रधानमंत्री के ये निम्न स्तरीय बयान एक तरह से उनकी बौखलाहट की झलक दिखा रहे हैं। उन्हें एहसास हो गया है कि पांचों राज्यों में जनता उनकी पार्टी को बुरी तरह नकार रही है।
  • Rajasthan
    सोनिया यादव
    राजस्थान: अलग कृषि बजट किसानों के संघर्ष की जीत है या फिर चुनावी हथियार?
    22 Feb 2022
    किसानों पर कर्ज़ का बढ़ता बोझ और उसकी वसूली के लिए बैंकों का नोटिस, जमीनों की नीलामी इस वक्त राज्य में एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। ऐसे में गहलोत सरकार 2023 केे विधानसभा चुनावों को देखते हुए कोई जोखिम…
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव, चौथा चरण: केंद्रीय मंत्री समेत दांव पर कई नेताओं की प्रतिष्ठा
    22 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश चुनाव के चौथे चरण में 624 प्रत्याशियों का भाग्य तय होगा, साथ ही भारतीय जनता पार्टी समेत समाजवादी पार्टी की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। एक ओर जहां भाजपा अपना पुराना प्रदर्शन दोहराना चाहेगी,…
  • uttar pradesh
    एम.ओबैद
    यूपी चुनाव : योगी काल में नहीं थमा 'इलाज के अभाव में मौत' का सिलसिला
    22 Feb 2022
    पिछले साल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि "वर्तमान में प्रदेश में चिकित्सा सुविधा बेहद नाज़ुक और कमज़ोर है। यह आम दिनों में भी जनता की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त…
  • covid
    टी ललिता
    महामारी के मद्देनजर कामगार वर्ग की ज़रूरतों के अनुरूप शहरों की योजना में बदलाव की आवश्यकता  
    22 Feb 2022
    दूसरे कोविड-19 लहर के दौरान सरकार के कुप्रबंधन ने शहरी नियोजन की खामियों को उजागर करके रख दिया है, जिसने हमेशा ही श्रमिकों की जरूरतों की अनदेखी की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License