NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
हरियाणा: आंगनबाड़ी कर्मियों का विधानसभा मार्च, पुलिस ने किया बलप्रयोग, कई जगह पुलिस और कार्यकर्ता हुए आमने-सामने
यूनियन नेताओं ने गुरुवार को कहा पंचकुला-यमुनानगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बरवाला टोल प्लाजा पर हड़ताली कार्यकर्ताओं और सहायकों पर  हरियाणा पुलिस ने लाठीचार्ज  किया।  
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
03 Mar 2022
Haryana

हरियाणा में सैकड़ों हड़ताली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।  आंगनवाड़ी कर्मियों के प्रस्तावित विधानसभा मार्च को रोकने के लिए पुलिस ने  ये कार्रवाई की, हरियाणा पुलिस कसी भी सूरत में इन आशाकर्मियों को चंडीगढ़ नहीं पंहुचने नहीं देना चाहती थी। आशाकर्मियों की यूनियन ने गुरुवार को आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें मार्च में शामिल होने से रोकने के लिए कई जगह बल प्रयोग भी किया।  

आंदोलनकारी महिलाओं को पंचकुला-यमुनानगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बरवाला टोल प्लाजा पर हरियाणा पुलिस के हल्के लाठीचार्ज का भी सामना करना पड़ा, जिसके कारण गुरुवार को यूनियन के कम से कम एक सदस्य को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। जबकि कई अन्य को हल्की चोट आई है।  

चंडीगढ़ में राज्य विधानसभा के बाहर धरना प्रदर्शन करने से पहले गुरुवार की सुबह, पिछले साल 8 दिसंबर से हड़ताल पर चल रही सीटू समर्थित हरियाणा आंगनवाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन (HAWHU) और AIUTUC समर्थित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका यूनियन (AKSU) के नेतृत्व में, सभी महिला कर्मचारियों को पंचकुला बस स्टैंड के पास एक पार्क में इकट्ठा होना था।  

हरियाणा विधानसभा का बज सत्र बुधवार को शुरू हो गया था। प्रदर्शनकारी  मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली सरकार पर उनकी मांगों को तुरंत स्वीकार करने के लिए दबाव डाल रहे हैं , जिसमें कई माँगो के अलावा, उनके मासिक मानदेय में वृद्धि शामिल है।  2018 में केंद्र सरकार द्वारा उन्हें वेतन वृद्धि का वादा किया गया था। लेकिन अभी तक वाद पूरा नहीं हुआ है।

हालांकि, बुधवार देर रात जारी एक प्रेस बयान में, HAWHU के नेताओं ने आरोप लगाया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को ले जाने वाले वाहनों को “जब्त कर लिया गया है।” बयान में कहा गया है कि पलवल, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ सहित विभिन्न जिलों में कई कार्यकर्ताओं और सहायकों को भी हिरासत में लिया गया है।

सीटू-हरियाणा की प्रदेश अध्यक्ष सुरेखा ने न्यूज़क्लिक को बताया कि गुरुवार की सुबह, यमुनानगर, रोहतक, दादरी सहित आसपास के जिलों से सैकड़ों आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका बरवाला टोल प्लाजा पहुंचीं, जहां उन्हें पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा। हालांकि, “पुलिस ने, हमें रोक दिया। उन्होंने हमारे खिलाफ लाठीचार्ज भी किया। कई लोगों को चोटें आईं और हमारे एक सदस्य को अस्पताल ले जाया गया।  

ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ आंगनवाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स (AIFAWH) के महासचिव एआर सिंधु गुरुवार दोपहर न्यूज़क्लिक को बताया कि बरवाला टोल प्लाजा से  यूनियनों के कई नेताओं को भी हिरासत में लिया गया। “मेरे साथ, हरियाणा पुलिस ने उषा रानी को भी हिरासत में लिया। उन्होंने हमें अभी तक यह नहीं बताया है कि हमें कहाँ ले जाया जा रहा है।  रानी AIFAWH की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

सीटू की सुरेखा ने दावा किया कि हिरासत में लिए जाने और कथित बल प्रयोग के बावजूद बरवाला टोल प्लाजा पर कार्यकर्ताओं और सहायकों का पहुंचना जारी है। “हम राज्य विधानसभा में पहुंचना चाहते थे। लेकिन अब हम यहां ही नाकेबंदी करेंगे।"

गुरुवार को आंगनवाड़ी कर्मियों  की अनिश्चितकालीन हड़ताल का 86 वां दिन है, जिसके परिणामस्वरूप हरियाणा के 22 जिलों में लगभग 26,000 सरकारी डेकेयर केंद्रों का संचालन ठप हो गया है।

HAWHU के महासचिव शकुंतला ने गुरुवार को न्यूज़क्लिक को बताया कि 21 फरवरी को हुई हड़ताली यूनियन  नेताओं और राज्य सरकार के अधिकारियों के बीच वार्ता का अंतिम दौर छठी बार भी गतिरोध को समाप्त करने में विफल रहा। शकुंतला ने आगे बताया “हमें करनाल में महापड़ाव का आयोजन करने के बाद ही बैठक के लिए बुलाया गया था। लेकिन फिर भी राज्य सरकार ने हमारी मांगों पर बात करने से इनकार कर दिया। वे चाहते हैं कि हम पहले हड़ताल की कार्रवाई वापस लें।"

हजारों की संख्या में एकत्रित, हड़ताली महिलाओं ने पिछले महीने की शुरुआत में करनाल में सीएम खट्टर के आवास के पास एक महापड़ाव किया था।

शकुंतला ने कहा कि "बातचीत करने की ऐसी शर्त" दोनों यूनियनों की संयुक्त कार्रवाई समिति को स्वीकार्य नहीं है जो चल रहे आंदोलन की अगुवाई कर रही है। उन्होंने कहा  “अब तक, राज्य सरकार ने कई जिलों में 300 से अधिक श्रमिकों और सहायकों को सस्पेंड  कर दिया है। हालांकि, हम पीछे नहीं हटेंगे।”

Haryana
Anganwadi Workers
Anganwadi Workers' Protest
AKSU
AICCTU
HAWHU
AIFAWH

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

मुंडका अग्निकांड के खिलाफ मुख्यमंत्री के समक्ष ऐक्टू का विरोध प्रदर्शन

हिसारः फसल के नुक़सान के मुआवज़े को लेकर किसानों का धरना

जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!

दिल्ली : नौकरी से निकाले गए कोरोना योद्धाओं ने किया प्रदर्शन, सरकार से कहा अपने बरसाये फूल वापस ले और उनकी नौकरी वापस दे

लंबे संघर्ष के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायक को मिला ग्रेच्युटी का हक़, यूनियन ने बताया ऐतिहासिक निर्णय

दिल्ली: बर्ख़ास्त किए गए आंगनवाड़ी कर्मियों की बहाली के लिए सीटू की यूनियन ने किया प्रदर्शन

दिल्ली: लेडी हार्डिंग अस्पताल के बाहर स्वास्थ्य कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी, छंटनी के ख़िलाफ़ निकाला कैंडल मार्च

दिल्ली: कोविड वॉरियर्स कर्मचारियों को लेडी हार्डिंग अस्पताल ने निकाला, विरोध किया तो पुलिस ने किया गिरफ़्तार


बाकी खबरें

  • up elections
    असद रिज़वी
    लखनऊ में रोज़गार, महंगाई, सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन रहे मतदाताओं के लिए बड़े मुद्दे
    24 Feb 2022
    लखनऊ में मतदाओं ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर वोट डाले। सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन की बहाली बड़ा मुद्दा था। वहीं कोविड-19 प्रबंधन, कोविड-19 मुफ्त टीका,  मुफ्त अनाज वितरण पर लोगों की अलग-अलग…
  • M.G. Devasahayam
    सतीश भारतीय
    लोकतांत्रिक व्यवस्था में व्याप्त खामियों को उजाकर करती एम.जी देवसहायम की किताब ‘‘चुनावी लोकतंत्र‘‘
    24 Feb 2022
    ‘‘चुनावी लोकतंत्र?‘‘ किताब बताती है कि कैसे चुनावी प्रक्रियाओं की सत्यता को नष्ट करने के व्यवस्थित प्रयासों में तेजी आयी है और कैसे इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
  • Salempur
    विजय विनीत
    यूपी इलेक्शनः सलेमपुर में इस बार नहीं है मोदी लहर, मुकाबला मंडल-कमंडल के बीच होगा 
    24 Feb 2022
    देवरिया जिले की सलेमपुर सीट पर शहर और गावों के वोटर बंटे हुए नजर आ रहे हैं। कोविड के दौर में योगी सरकार के दावे अपनी जगह है, लेकिन लोगों को याद है कि ऑक्सीजन की कमी और इलाज के अभाव में न जाने कितनों…
  • Inequality
    प्रभात पटनायक
    आर्थिक असमानता: पूंजीवाद बनाम समाजवाद
    24 Feb 2022
    पूंजीवादी उत्पादन पद्धति के चलते पैदा हुई असमानता मानव इतिहास में अब तक पैदा हुई किसी भी असमानता के मुकाबले सबसे अधिक गहरी असमानता है।
  • putin
    अब्दुल रहमान
    मिन्स्क समझौते और रूस-यूक्रेन संकट में उनकी भूमिका 
    24 Feb 2022
    अति-राष्ट्रवादियों और रूसोफोब्स के दबाव में, यूक्रेन में एक के बाद एक आने वाली सरकारें डोनबास क्षेत्र में रूसी बोलने वाली बड़ी आबादी की शिकायतों को दूर करने में विफल रही हैं। इसके साथ ही, वह इस…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License