NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
हरियाणा: सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद भी रेलवे प्रशासन ने संजय नगर में शुरू की तोड़फोड़
आज बुधवार सुबह ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में संजय नगर बस्ती को स्टे दे दिया उसके बावजूद रेलवे प्रशासन ने एक न सुनी। मजदूरों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए अधिवक्ताओं ने एक पत्र रेलवे प्रशासन फरीदाबाद एवं डीसीपी फरीदाबाद को भेजा किंतु फरीदाबाद प्रशासन और रेलवे अथॉरिटी सुनने को राजी नहीं हुए।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
29 Sep 2021
हरियाणा: सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद भी रेलवे प्रशासन ने संजय नगर में शुरू की तोड़फोड़

न्यू टाउन फरीदाबाद रेलवे स्टेशन के किनारे पर पिछले 50 वर्षों से भी ज्यादा जिंदगी बिताते असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की बस्ती पर आज यानी बुधवार 29 सितंबर की सुबह रेलवे प्रशासन ने भारी पुलिस को लेकर आठ से ज्यादा जेसीबी मशीनों के साथ धावा बोल दिया जबकि यह मामला दीपक शर्मा बनाम भारत सरकार सुप्रीम कोर्ट में सुना गया।

इस बस्ती को उजड़ने से बचाने के लिए लड़ रहे मज़दूर आवास समिति ने बताया कि आज बुधवार सुबह ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में संजय नगर बस्ती को स्टे दे दिया उसके बावजूद रेलवे प्रशासन ने एक न सुनी। मजदूरों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए अधिवक्ताओं ने एक पत्र रेलवे प्रशासन फरीदाबाद एवं डीसीपी फरीदाबाद को भेजा किंतु फरीदाबाद प्रशासन और रेलवे अथॉरिटी सुनने को राजी नहीं हुए।

संजय नगर बस्ती के मजदूर परिवारों ने पुनर्वास की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन भी शुरू किया और रेलवे प्रशासन को केवल दोपहर तक की मोहलत मांगी किंतु रेलवे प्रशासन ने पुलिस को लेकर मजदूरों पर चढ़ाई कर दी और फिर लगभग 300 से ज्यादा घरों को धराशाई कर दिया।



निर्मल गोराना ने बताया कि हरियाणा सरकार तभी कोर्ट से आदेश लेकर उसके क्रियान्वयन के लिए पूरी ताकत के साथ आगे बढ़कर खोरी गांव, महालक्ष्मी डेरा, इंदिरा नगर जैसे इलाकों को तोड़ डालती है किंतु आज जब सुप्रीम कोर्ट ने संजय नगर के मामले में स्टे दिया है तो उसको लागू करने के लिए तैयार नहीं है। आज एक ऐसी स्थिति बन चुकी है कि न तो कोर्ट के आदेशों का सही रूप में पालन किया जा रहा है और नहीं देश के मेहनतकश मजदूरों को न्याय दिया जा रहा है बस जो प्रशासन और सरकार चाहेगी उस रूप में क्रियान्वयन होगा अर्थात जिसकी लाठी उसकी भैंस। जिन रेलवे अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना की है उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने चाहिए।



निर्मल गोराना ने आरोप लगाया है कि फरीदाबाद में जिस गति से मजदूरों के घर उजाड़े जा रहे हैं, उस गति से सरकार पुनर्वास के बारे में चिंतित नहीं है जबकि सरकार इस राष्ट्र की संपत्ति का खुद ही नुकसान कर रही है जिसकी भरपाई सरकार को ही करनी होगी।

गुड्डी देवी ने बताया कि टाइम मिलने के बावजूद भी उसका घर तोड़ दिया गया इसलिए अब वह रेलवे के अधिकारियों के खिलाफ हाईकोर्ट में केस फाइल करेगी।

याचिकाकर्ता दीपक शर्मा ने बताया कि हरियाणा सरकार मजदूर विरोधी है और हमारे घर तोड़ रही है जबकि पुनर्वास हमारा अधिकार है जो सरकार हमसे जबरदस्ती छीन रही है।

मजदूर नेता जीतू ने बताया कि गरीब मजदूरों के पास में जो टूटे-फूटे बर्तन थे उनको भी रौंद दिया गया यह कार्य हरियाणा सरकार को शोभा नहीं देता है किंतु आज हरियाणा सरकार का और संवेदनहीन चेहरा मजदूरों के सामने आ गया है।

दलित राइट्स एक्टिविस्ट दीनदयाल ने बताया कि उनको और उनके कई साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें पुलिस छोड़ नहीं रही है जबकि दीनदयाल तो प्रयास कर रहे थे कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश रेलवे प्रशासन एक बार देख ले।  

आपको बता दें कि हरियाणा के फरीदाबाद जिले में अरावली की पहाड़ियों एवं पर्यावरण के नाम पर मजदूर परिवारों के मानवाधिकारों को ताक पर रखकर इस वैश्विक महामारी कोरोना के दौर में भी कई बस्तियों को उजाड़ कर फेंक दिया गया है। इनमें खोरी गांव, महालक्ष्मी डेरा, जमाई कॉलोनी शामिल हैं, जिनके निवासी पुनर्वास के लिए दर दर की ठोकर खा रहे हैं किंतु हरियाणा सरकार और नगर निगम बेदखल मजदूर परिवारों के साथ संवेदनहीनता बरतता नजर आ रही है। वहीं दूसरी ओर रेलवे प्रशासन ने भी गरीब मजदूर परिवारों को कोरोना की महामारी के दौरान बेदखल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। हाल ही में रेलवे प्रशासन द्वारा इंदिरा नगर की 200 झुग्गियों को बिना पुनर्वास के बेदखल कर दिया गया। साथ ही अब  फरीदाबाद न्यू टाउन रेलवे स्टेशन के पास में बसी संजय नगर की झुग्गियों को नॉर्दन रेलवे प्रशासन द्वारा अभी 14 सितंबर 2021 को नोटिस दिया गया था। जिसके  बाद आज वहां भी बुलडोजर चलना शुरू हो गया।

दीपक शर्मा ने बताया कि संजय नगर में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूर जैसे घरेलू कामगार, निर्माण मजदूर, हॉकर्स, फैक्ट्री मजदूर जिनके लभभग 500 से ज्यादा परिवार पिछले 50 वर्षों से रह रहे हैं। लगभग 3000 की जनसंख्या वाले संजय नगर में 575 से ज्यादा गर्भवती एवं धात्री महिलाएं हैं जबकि दो आंगनवाड़ी केंद्र एवं एक सामुदायिक केंद्र भी बना हुआ है।  

संजय नगर बस्ती निवासी ज्ञान देवी ने बताया की उनके पास वर्ष 1994 का वोटर कार्ड है। केला देवी ने बताया की वर्ष 1990 से उनका परिवार राशन कार्ड के द्वारा सरकार से राशन ले रहा है जबकि एकाएक रेलवे उजाड़ने के लिए छाती पर खड़ा है। ऐसे दौर में हमारे पास न रोजगार है न धन, न सरकार का सहयोग।

Haryana
Supreme Court
Sanjay Nagar
evictions Indian
Demolition Drive
COVID-19
Khori village
Faridabad
Haryana Demolition

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?


बाकी खबरें

  • श्याम मीरा सिंह
    यूक्रेन में फंसे बच्चों के नाम पर PM कर रहे चुनावी प्रचार, वरुण गांधी बोले- हर आपदा में ‘अवसर’ नहीं खोजना चाहिए
    28 Feb 2022
    एक तरफ़ प्रधानमंत्री चुनावी रैलियों में यूक्रेन में फंसे कुछ सौ बच्चों को रेस्क्यू करने के नाम पर वोट मांग रहे हैं। दूसरी तरफ़ यूक्रेन में अभी हज़ारों बच्चे फंसे हैं और सरकार से मदद की गुहार लगा रहे…
  • karnataka
    शुभम शर्मा
    हिजाब को गलत क्यों मानते हैं हिंदुत्व और पितृसत्ता? 
    28 Feb 2022
    यह विडम्बना ही है कि हिजाब का विरोध हिंदुत्ववादी ताकतों की ओर से होता है, जो खुद हर तरह की सामाजिक रूढ़ियों और संकीर्णता से चिपकी रहती हैं।
  • Chiraigaon
    विजय विनीत
    बनारस की जंग—चिरईगांव का रंज : चुनाव में कहां गुम हो गया किसानों-बाग़बानों की आय दोगुना करने का भाजपाई एजेंडा!
    28 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के बनारस में चिरईगांव के बाग़बानों का जो रंज पांच दशक पहले था, वही आज भी है। सिर्फ चुनाव के समय ही इनका हाल-चाल लेने नेता आते हैं या फिर आम-अमरूद से लकदक बगीचों में फल खाने। आमदनी दोगुना…
  • pop and putin
    एम. के. भद्रकुमार
    पोप, पुतिन और संकटग्रस्त यूक्रेन
    28 Feb 2022
    भू-राजनीति को लेकर फ़्रांसिस की दिलचस्पी, रूसी विदेश नीति के प्रति उनकी सहानुभूति और पश्चिम की उनकी आलोचना को देखते हुए रूसी दूतावास का उनका यह दौरा एक ग़ैरमामूली प्रतीक बन जाता है।
  • MANIPUR
    शशि शेखर
    मुद्दा: महिला सशक्तिकरण मॉडल की पोल खोलता मणिपुर विधानसभा चुनाव
    28 Feb 2022
    मणिपुर की महिलाएं अपने परिवार के सामाजिक-आर्थिक शक्ति की धुरी रही हैं। खेती-किसानी से ले कर अन्य आर्थिक गतिविधियों तक में वे अपने परिवार के पुरुष सदस्य से कहीं आगे नज़र आती हैं, लेकिन राजनीति में…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License