NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
क्या भारत कोरोना का नया हॉटस्पॉट बन गया है?
भारत में कोरोना वायरस के नए मामलों में अब रोजाना ही नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। देश में मात्र 13 दिनों में कोविड-19 मरीजों की संख्या 30 लाख से 40 लाख के पार हुई।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
05 Sep 2020
कोरोना वायरस
प्रतीकात्मक तस्वीर

भारत में मात्र 13 दिनों में कोविड-19 मरीजों की संख्या 30 लाख से 40 लाख के पार पहुंच गई, जिनमें से शनिवार को दर्ज 86,432 नये मामले भी शामिल हैं। दुनिया में किसी भी और देश में कभी भी इस संख्या में नए मामले सामने नहीं आए।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार सुबह आठ बजे जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक देश में कुल कोविड-19 मरीजों की संख्या बढ़कर 40,23,179 हो गई है। मंत्रालय के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 1,089 मरीजों की मौत हुई है, जिन्हें मिलाकर अबतक देश में कुल 69,561 संक्रमितों की मौत हो चुकी है।

क्या कहते हैं आंकड़े?

आंकड़ों के मुताबिक, भारत में कोविड-19 मरीजों की संख्या 10 लाख से 20 लाख तक पहुंचने में 21 दिनों का समय लगा जबकि 20 से 30 लाख मरीज होने में 16 और दिन लगे। हालांकि, संक्रमितों की संख्या 30 लाख से 40 लाख तक पहुंचने में मात्र 13 दिनों का समय लगा है।

मंत्रालय के मुताबिक, कोविड-19 मरीजों की संख्या एक लाख तक पहुंचने में 110 दिन लगे थे जबकि संक्रमितों की संख्या एक लाख से 10 लाख तक पहुंचने में 59 दिन लगे। आंकड़ों के मुताबिक कोविड-19 से मरने वालों की दर में और गिरावट आई है और अब यह 1.73 प्रतिशत रह गई है। आंकड़ों के मुताबिक, इस समय देश में कोविड-19 के 8,46,395 मरीज उपचाराधीन हैं जो कुल संक्रमितों का 21.04 प्रतिशत है।

उल्लेखनीय है कि सात अगस्त को भारत में कोविड-19 मरीजों की संख्या 20 लाख के पार चली गई जबकि 23 अगस्त को संक्रमितों की संख्या 30 लाख को पार कर गई।

कम जांच चिंताजनक

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के मुताबिक अबतक देश में कुल 4,77,38,491 नमूनों की जांच गई है, जिनमें से 10,59,346 नमूनों की जांच अकेले चार सितंबर को की गई।

इसके बावजूद भारत अभी भी जांचों की संख्या में दूसरे देशों से काफी पीछे है। अमेरिका में अभी तक आठ करोड़ से भी ज्यादा सैंपलों की जांच हो चुकी है। अगर आबादी के हिसाब से हर 10 लाख लोगों पर टेस्ट का आंकड़ा देखा जाए, तो भारत अब भी दूसरे देशों से बहुत पीछे है।

हर 10 लाख लोगों पर भारत अभी भी सिर्फ लगभग 32,000 टेस्ट कर रहा है, जबकि ब्राजील करीब 67,000 टेस्ट, अमेरिका और रूस 2.5 लाख से ज्यादा और दक्षिण अफ्रीका 62,000 से ही ज्यादा टेस्ट कर रहा है।

टेस्टिंग का एक और चिंताजनक पहलू यह है कि कुल जांचों की संख्या में सबसे सटीक टेस्ट आरटी-पीसीआर की संख्या घटती जा रही है और कई बार गलत नेगेटिव नतीजा देने वाले रैपिड टेस्ट की संख्या बढ़ती जा रही है। जुलाई तक कुल टेस्टों में रैपिड टेस्टों का अनुपात औसत चार प्रतिशत के आस पास था, लेकिन अब यह लगभग 45 प्रतिशत के आसपास है।

पूरे देश में फैल रहा संक्रमण

पिछले तीन महीनों में संक्रमण के मामले पूरे देश में कुछ इस तरह से बढ़े हैं कि महामारी अब लगभग हर राज्य में और राज्यों के अधिकतर हिस्सों में फैल रही है। मई में देश के एक-तिहाई मामले सिर्फ महाराष्ट्र में थे जबकि कम से कम 19 दूसरे राज्यों में एक प्रतिशत से भी कम मामले थे। ये स्थिति अब बदल चुकी है। अब किसी भी राज्य में 20 प्रतिशत से ज्यादा मामले नहीं हैं।

महाराष्ट्र की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत पर आ गई है और एक से 20 प्रतिशत तक हिस्से वाले राज्य बढ़ गए हैं। मई में ऊपर के तीन हॉट स्पॉटों की कुल मामलों में हिस्सेदारी 60 प्रतिशत हुआ करती थी, अब 44 प्रतिशत है। शुरू के कई हॉटस्पॉट अभी भी हॉटस्पॉट बने ही हुए हैं पर उनके अलावा 20 नए हॉटस्पॉट भी निकल कर आ रहे हैं।

आपराधिक लापरवाही

यह चिंताजनक है कि संक्रमण फैलते जाने के बावजूद तमाम लोग मास्क लगाने और शारीरिक दूरी के नियम का पालन करने में आनाकानी कर रहे हैं। यह एक किस्म की आपराधिक लापरवाही है। आखिर इससे खराब बात और क्या हो सकती है कि लोग इस तथ्य से परिचित होने के बाद भी सतर्कता का परिचय नहीं दे रहे हैं कि इस महामारी का कोई सीधा इलाज नहीं और इसका कोई भरोसा नहीं कि कारगर वैक्सीन कब आएगी।

सार्वजनिक स्थलों पर न जाने कितने ऐसे लोग दिखते हैं जो न तो मास्क लगाए होते हैं और न ही शारीरिक दूरी बनाए रखने की परवाह करते हैं। आखिर मास्क का सही से इस्तेमाल और शारीरिक दूरी के नियम का पालन करने के साथ साफ-सफाई और सेहत का ध्यान रखना हर किसी की प्राथमिकता क्यों नहीं बन सकता? ऐसा करना केवल नागरिक कर्तव्य ही नहीं, राष्ट्रीय दायित्व भी है। इसकी पूर्ति होने लगे तो कोरोना वायरस के संक्रमण की रफ्तार को जल्द ही काबू में करके जन-जीवन को पटरी पर लाया जा सकता है।

बेपरवाह सरकार

कोरोना संक्रमण के इस दौर में सबसे बुरी बात सरकार की बेपरवाही है। दुर्भाग्य यह है कि वायरस को फैलने से रोकने के लिए व्यापक व प्रभावी टेस्टिंग, संक्रमित व्यक्तियों का इलाज एवं महामारी से लड़ने के लिए क्षमता, बुनियादी ढांचे तथा मानव संसाधनों का विस्तार आदि सरकार की प्राथमिकता में आ ही नहीं पा रहे हैं।

इसकी कमी इस आपदा के आने के पहले दिन से थी और अब लगभग छह महीने बीत जाने के बाद भी इसी तरह की खबरें आ रही हैं। इसके उलट सरकार ने लंबे और अब लगभग नाकाम साबित हो चुके कठोर लॉकडाउन लगाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी समझ ली थी। हालांकि उसके दुष्परिणाम अब सामने आ रहे हैं। फिलहाल जिस रफ्तार से मरीजों की संख्या बढ़ रही है उससे आने वाला समय चिंताजनक है।

समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ 

Coronavirus
COVID-19
Corona in India
Corona cases
health sector in India
health care facilities
Corona hotspot India
Narendra modi
modi sarkar

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • farmers
    चमन लाल
    पंजाब में राजनीतिक दलदल में जाने से पहले किसानों को सावधानी बरतनी चाहिए
    10 Jan 2022
    तथ्य यह है कि मौजूदा चुनावी तंत्र, कृषि क़ानून आंदोलन में तमाम दुख-दर्दों के बाद किसानों को जो ताक़त हासिल हुई है, उसे सोख लेगा। संयुक्त समाज मोर्चा को अगर चुनावी राजनीति में जाना ही है, तो उसे विशेष…
  • Dalit Panther
    अमेय तिरोदकर
    दलित पैंथर के 50 साल: भारत का पहला आक्रामक दलित युवा आंदोलन
    10 Jan 2022
    दलित पैंथर महाराष्ट्र में दलितों पर हो रहे अत्याचारों की एक स्वाभाविक और आक्रामक प्रतिक्रिया थी। इसने राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया था और भारत की दलित राजनीति पर भी इसका निर्विवाद प्रभाव…
  • Muslim Dharm Sansad
    रवि शंकर दुबे
    हिन्दू धर्म संसद बनाम मुस्लिम धर्म संसद : नफ़रत के ख़िलाफ़ एकता का संदेश
    10 Jan 2022
    पिछले कुछ वक्त से धर्म संसदों का दौर चल रहा है, पहले हरिद्वार और छत्तीसगढ़ में और अब बरेली के इस्लामिया मैदान में... इन धर्म संसदों का आखिर मकसद क्या है?, क्या ये आने वाले चुनावों की तैयारी है, या…
  • bjp punjab
    डॉ. राजू पाण्डेय
    ‘सुरक्षा संकट’: चुनावों से पहले फिर एक बार…
    10 Jan 2022
    अपने ही देश की जनता को षड्यंत्रकारी शत्रु के रूप में देखने की प्रवृत्ति अलोकप्रिय तानाशाहों का सहज गुण होती है किसी निर्वाचित प्रधानमंत्री का नहीं।
  • up vidhan sabha
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी: कई मायनों में अलग है यह विधानसभा चुनाव, नतीजे तय करेंगे हमारे लोकतंत्र का भविष्य
    10 Jan 2022
    माना जा रहा है कि इन चुनावों के नतीजे राष्ट्रीय स्तर पर नए political alignments को trigger करेंगे। यह चुनाव इस मायने में भी ऐतिहासिक है कि यह देश-दुनिया का पहला चुनाव है जो महामारी के साये में डिजिटल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License