NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
हाथरस मामला: सीबीआई ने चारों आरोपी लड़कों के ख़िलाफ़ आरोपपत्र दाख़िल किया
आरोपियों के वकील ने अदालत के बाहर संवाददाताओं को बताया कि सीबीआई ने संदीप, लवकुश, रवि और रामू के खिलाफ सामूहिक बलात्कार एवं हत्या के आरोप लगाए हैं तथा हाथरस में स्थानीय अदालत ने संज्ञान लिया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
18 Dec 2020
हाथरस मामला: सीबीआई ने चारों आरोपी लड़कों के ख़िलाफ़ आरोपपत्र दाख़िल किया

नयी दिल्ली: पूरे देश को झकझोर देने वाले उत्तर प्रदेश के हाथरस बलात्कार और हत्याकांड में सीबीआई ने आज शुक्रवार को आख़िरकार उन चारों युवकों के ख़िलाफ चार्जशीट दायर कर दी, जिनपर पहले दिन से आरोप था। 

आरोपियों के वकील ने अदालत के बाहर संवाददाताओं को बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने संदीप, लवकुश, रवि और रामू के खिलाफ सामूहिक बलात्कार एवं हत्या के आरोप लगाए हैं तथा हाथरस में स्थानीय अदालत ने संज्ञान लिया है।

उल्लेखनीय है कि हाथरस में इस दलित युवती से अगड़ी जाति के इन चार युवकों ने 14 सितंबर को कथित तौर पर बलात्कार किया था। इलाज के दौरान 29 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में पीड़िता की मौत हो गई थी। इसके बाद उसकी 30 सितंबर की रात उसके घर के पास रात में अंत्येष्टि कर दी गई थी।

युवती के परिवार ने आरोप लगाया था कि स्थानीय पुलिस ने आनन-फानन में अंत्येष्टि करने के लिए उन पर दबाव डाला था। इसी के बाद इस कांड की गूंज पूरे देश में सुनाई दी और लोगों में ग़म और गुस्से की लहर दौड़ गई। एक बार फिर निर्भयाकांड जैसे आंदोलन के आसार दिखाई दिए। लोगों में बलात्कार और हत्या को लेकर तो गुस्सा था ही, सबसे ज़्यादा गुस्सा उस सरकार, उस सिस्टम के प्रति था जिसने उस लड़की के माता-पिता तक को आख़िरी बार उसका चेहरा तक देखने नहीं दिया और रात के अंधेरे में गुपचुप ढंग से पुलिस लगाकार अंतिम संस्कार के नाम पर शव को जला दिया।

हालांकि, स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने कहा, ‘‘अंत्येष्टि परिवार की इच्छा के अनुसार की गई।’’

अधिकारियों ने बताया कि जांच एजेंसी ने मामले के आरोपियों--संदीप, लवकुश, रवि और रामू--की भूमिका पर गौर किया है, जो न्यायिक हिरासत में हैं।

उन्होंने बताया कि गुजरात के गांधीनगर स्थित प्रयोगशाला (लैबोरेट्री) में आरोपियों की विभिन्न फोरेंसिक जांच भी की गई है।

सीबीआई के जांचकर्ता जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के चिकित्सकों से भी मिले। घटना के बाद पीड़िता को इसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

सीबीआई ने घटना की जांच के लिए एक टीम गठित की और जांच कार्य अपनी गाजियाबाद (उप्र) इकाई को सौंपा था। टीम, पीड़िता के परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज कर चुकी है।

यहां यह भी जानना ज़रूरी है कि उस समय गांव के दबंगों और भाजपा के तमाम नेताओं ने इन आरोपियों को बचाने की भरसक कोशिश की थी और लड़की और उसके परिवार को ही कठघरे में खड़ा करने का प्रयास किया। इस सबको लेकर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को व्यापक स्तर पर आलोचना का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद यह मामला सीबीआई को सौंपा गया।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

इसे देखें- हाथरस : योगी जी, ज़ुल्म का घड़ा तो फूटेगा

इसे देखें -योगी जी, मोदी जी, हाथरस पर दुनिया की है नज़र

Hathras
Hathras Rape case
CBI
UP Hathras GangRape
UttarPradesh
UP police
UP sarkar
Yogi Adityanath
yogi government

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

सरकारी एजेंसियाँ सिर्फ विपक्ष पर हमलावर क्यों, मोदी जी?

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

क्या वाकई 'यूपी पुलिस दबिश देने नहीं, बल्कि दबंगई दिखाने जाती है'?

मलियाना नरसंहार के 35 साल, क्या मिल पाया पीड़ितों को इंसाफ?


बाकी खबरें

  • channi sidhu
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: ‘अनिवार्य’ वैक्सीन से सिद्धू-चन्नी के ‘विकल्प’ तक…
    23 Jan 2022
    देश के 5 राज्यों में चुनावों का मौसम है, इसलिए खबरें भी इन्हीं राज्यों से अधिक आ रही हैं। ऐसी तमाम खबरें जो प्रमुखता से सामने नहीं आ पातीं  “खबरों के आगे-पीछे” नाम के इस लेख में उन्हीं पर चर्चा होगी।
  • Marital rape
    सोनिया यादव
    मैरिटल रेप: घरेलू मसले से ज़्यादा एक जघन्य अपराध है, जिसकी अब तक कोई सज़ा नहीं
    23 Jan 2022
    भारतीय कानून की नज़र में मैरिटल रेप कोई अपराध नहीं है। यानी विवाह के बाद औरत सिर्फ पुरुष की संपत्ति के रूप में ही देखी जाती है, उसकी सहमति- असहमति कोई मायने नहीं रखती।
  • Hum Bharat Ke Log
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    महज़ मतदाता रह गए हैं हम भारत के लोग
    23 Jan 2022
    लोगों के दिमाग में लोकतंत्र और गणतंत्र का यही अर्थ समा पाया है कि एक समय के अंतराल पर राजा का चयन वोटों से होना चाहिए और उन्हें अपना वोट देने की कुछ क़ीमत मिलनी चाहिए।
  • Hafte Ki Baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    नये चुनाव-नियमों से भाजपा फायदे में और प्रियंका के बयान से विवाद
    22 Jan 2022
    कोरोना दौर में चुनाव के नये नियमों से क्या सत्ताधारी पार्टी-भाजपा को फ़ायदा हो रहा है? कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने प्रशांत किशोर पर जो बयान दिया; उससे कांग्रेस का वैचारिक-राजनीतिक दिवालियापन…
  • chunav chakra
    न्यूज़क्लिक टीम
    चुनाव चक्र: यूपी की योगी सरकार का फ़ैक्ट चेक, क्या हैं दावे, क्या है सच्चाई
    22 Jan 2022
    एनसीआरबी की रिपोर्ट है कि 2019 की अपेक्षा 2020 में ‘फ़ेक न्यूज़’ के मामलों में 214 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। फ़ेक न्यूज़ के जरिए एक युद्ध सा छेड़ दिया गया है, जिसके चलते हम सच्चाई से कोसो दूर होते…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License