NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
हाथरस मामला: डीएम को न हटाने पर चिंता जताते हुए अदालत ने फ़ैसला सुरक्षित किया
लखनऊ पीठ ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए हाथरस के जिला अधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार के खिलाफ सरकार द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किए जाने पर चिंता व्यक्त की।
भाषा
03 Nov 2020
हाथरस मामला
Image courtesy: Business Standard

लखनऊ: इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने सोमवार को हाथरस मामले में अपना आदेश सुरक्षित रखते हुए जांच की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार के खिलाफ सरकार द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किए जाने पर चिंता जाहिर की।

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 25 नवंबर नियत करते हुए उस दिन सीबीआई से इस मामले में अपनी जांच की स्थिति रिपोर्ट पेश करने को भी कहा है।

हाथरस मामले कि पीड़िता का कथित रूप से जबरन अंतिम संस्कार करने के मुद्दे का स्वत: संज्ञान लेने वाली न्यायमूर्ति पंकज मित्तल और न्यायमूर्ति राजन रॉय की पीठ ने इस मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

पीठ ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए हाथरस के जिला अधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार के खिलाफ सरकार द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किए जाने पर चिंता व्यक्त की।

हालांकि राज्य सरकार ने अपने वकील के माध्यम से अदालत को भरोसा दिलाया कि वह इस सिलसिले में 25 नवंबर तक कोई फैसला लेगी।

अदालत ने बंद कमरे में हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से पूछा कि उसने पूर्व में दिए गए आदेश पर हाथरस के जिला अधिकारी के बारे में क्या निर्णय लिया। इस पर सरकार के वकील ने यह कहते हुए जिलाधिकारी का बचाव किया कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया था। जहां तक हाथरस के पुलिस अधीक्षक के निलंबन का सवाल है तो उनके खिलाफ यह कार्यवाही कथित सामूहिक बलात्कार मामले में समुचित कार्रवाई करने में लापरवाही के आरोप में की गई थी, ना कि अंतिम संस्कार के मामले को लेकर।

इसके पूर्व, राज्य सरकार, जिलाधिकारी लक्षकार और हाथरस के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर ने अदालत में अपने-अपने हलफनामे दाखिल किए।

अपर महाधिवक्ता ने वीके साही ने अदालत से कहा कि राज्य सरकार के हलफनामे में हाथरस जैसी स्थिति में अंत्येष्टि से संबंधित दिशानिर्देशों का एक मसविदा शामिल किया गया है।

वहीं, जिलाधिकारी और तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ने अपने पुराने रुख को दोहराते हुए कहा कि तात्कालिक परिस्थितियों के मद्देनजर मृतका का अंतिम संस्कार किया गया था और दाह संस्कार में केरोसिन का इस्तेमाल नहीं हुआ था।

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार, गृह सचिव तरूण गाबा और हाथरस के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर मौजूद थे।

सुनवाई के दौरान अदालत ने सीबीआई के वकील अनुराग सिंह से मामले की अगली सुनवाई पर एजेंसी द्वारा की जा रही जांच की स्थिति रिपोर्ट पेश करने को कहा।

हाथरस मामले में गिरफ्तार चार अभियुक्तों के वकील सिद्धार्थ लूथरा ने अदालत से गुजारिश की कि वह अपने आदेश में ऐसी कोई टिप्पणी न करें जिससे जांच प्रभावित होने की आशंका पैदा हो।

इस बीच, पीड़िता की वकील सीमा कुशवाहा ने मामले की जांच को उत्तर प्रदेश के बाहर स्थानांतरित करने की मांग दोहराई।

Hathras Case
Hathras DM
lucknow court

Related Stories

कोरोना करोड़-पार और किसानों पर सरकारी-मार!

हाथरस मामले में दुष्कर्म -हत्या की पुष्टि। माफी मांगे योगी सरकार

योगी का `रामराज' = बलिया, हाथरस...

भारत एक मौजः रिपब्लिक का टीआरपी घोटाला, हाथरस की 'नक्सल भाभी' और भी बहुत कुछ

ज़रा सोचिए… जब बाबरी मस्जिद गिरी ही नहीं तो किसे और कैसी सज़ा!

बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में सभी आरोपी बरी, अदालत ने कहा- पूर्व नियोजित नहीं थी घटना

कचहरी में वकील पर बम से हमला : बार एसोसिएशन महामंत्री समेत 17 पर मुकदमा


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    लॉकडाउन-2020: यही तो दिन थे, जब राजा ने अचानक कह दिया था— स्टैचू!
    27 Mar 2022
    पुनर्प्रकाशन : यही तो दिन थे, जब दो बरस पहले 2020 में पूरे देश पर अनियोजित लॉकडाउन थोप दिया गया था। ‘इतवार की कविता’ में पढ़ते हैं लॉकडाउन की कहानी कहती कवि-पत्रकार मुकुल सरल की कविता- ‘लॉकडाउन—2020’।
  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    लीजिए विकास फिर से शुरू हो गया है, अब ख़ुश!
    27 Mar 2022
    ये एक सौ तीस-चालीस दिन बहुत ही बेचैनी में गुजरे। पहले तो अच्छा लगा कि पेट्रोल डीज़ल की कीमत बढ़ नहीं रही हैं। पर फिर हुई बेचैनी शुरू। लगा जैसे कि हम अनाथ ही हो गये हैं। जैसे कि देश में सरकार ही नहीं…
  • सुबोध वर्मा
    28-29 मार्च को आम हड़ताल क्यों करने जा रहा है पूरा भारत ?
    27 Mar 2022
    मज़दूर और किसान आर्थिक संकट से राहत के साथ-साथ मोदी सरकार की आर्थिक नीति में संपूर्ण बदलाव की भी मांग कर रहे हैं।
  • अजय कुमार
    महंगाई मार गई...: चावल, आटा, दाल, सरसों के तेल से लेकर सर्फ़ साबुन सब महंगा
    27 Mar 2022
    सरकारी महंगाई के आंकड़ों के साथ किराना दुकान के महंगाई आकड़ें देखिये तो पता चलेगा कि महंगाई की मार से आम जनता कितनी बेहाल होगी ?
  • जॉन पी. रुएहल
    क्या यूक्रेन मामले में CSTO की एंट्री कराएगा रूस? क्या हैं संभावनाएँ?
    27 Mar 2022
    अपने सैन्य गठबंधन, सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (सीएसटीओ) के जरिये संभावित हस्तक्षेप से रूस को एक राजनयिक जीत प्राप्त हो सकती है और अपने अभियान को आगे बढ़ाने के लिए उसके पास एक स्वीकार्य मार्ग प्रशस्त…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License