NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए उपकरण की मांग को लेकर घाना और नाइजीरिया में हेल्थकेयर पेशेवरों की हड़ताल
इन दोनों देशों में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा की खराब स्थिति ने बड़े पैमाने पर संक्रमण का खतरा बढ़ा दिया है।
पीपल्स डिस्पैच
19 Mar 2020
nigeria

घाना और नाइजीरिया सहित अफ्रीकी देशों में कोरोनोवायरस के खिलाफ काम करने को लेकर उपकरणों में हो रही कमी के चलते हेल्थकेयर पेशेवर बेहद खफा हैं। उच्च स्तर के अधिकारियों द्वारा उनकी सुरक्षा और आजीविका में लापरवाही को लेकर शिकायत की जा रही है।

घाना में जहां 15 मार्च तक COVID-19 संक्रमण के छह मामलों की पुष्टि हुई थी वहीं मोर्चरी के कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर सरकार इस तरह के महामारी के समय में उनके काम को पूरा करने में आवश्यक सुरक्षा उपाय और प्रशिक्षण नहीं देती है तो वे हड़ताल पर चले जाएंगे।

मोर्चरी वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष एडमंड मेंसा ने कहा, "अगर कोरोनायरस पीड़ित व्यक्ति की मौत हो जाती है तो इसके विधि को पूरा करने के लिए हमारे प्रबंधन ने हमें प्रशिक्षण में शामिल नहीं किया है और न ही [हमें] उपकरण प्रदान किया है। किसी ने भी हमें शामिल नहीं किया है। हमें नजरअंदाज कर दिया गया है।"

यूनियन ने सरकार को आवश्यक उपकरण और प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए अगले सप्ताह तक का समय दिया है नहीं तो काम रोक दिया जाएगा।

नाइजीरिया में जब COVID-19 के तीसरे मामले की पुष्टि हुई थी तो एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (एआरडी) के अबुजा सिटी खंड के नेतृत्व में डॉक्टरों ने 17 मार्च को अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दिया। इन डॉक्टरों के वेतन का पूर्ण भुगतान किए हुए दो महीने से अधिक का समय हो गया है।

कोरोना वायरस की महामारी के समय हड़ताल से बचने के लिए डॉक्टरों ने पिछले 14 दिनों की हड़ताल के अल्टीमेटम की समयसीमा समाप्त होने के बाद सरकार से अपनी शिकायतों को दूर करने के लिए आठ दिन तक की समय सीमा बढ़ा दी थी।

हालांकि चूकि सरकार बढ़ाई गई समय सीमा 13 मार्च को समाप्त हो जाने के बाद उनकी मांगों को पूरा करने में विफल रही तो एआरडी के सदस्यों ने हड़ताल पर जाने के लिए ये कठिन फैसला लेने से पहले विचार-विमर्श किया।

हालांकि दोनों पश्चिमी अफ्रीकी देशों में अपेक्षाकृत बेहतर सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था है लेकिन सरकारों ने अक्सर पैसे और पर्याप्त डॉक्टरों की कमी का हवाला दिया है जो बड़े पैमाने पर महामारी की चपेट में आने को उन्हें असुरक्षित बनाता है। अब तक इन दोनों देशों में COVID-19 संक्रमण के ज्ञात मामलों की संख्या सीमित है। घाना में ऐसे 6 मामले सामने आए हैं जबकि नाइजीरिया में अब तक केवल 2 ज्ञात मामले की ही पुष्टि हुई है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Nigeria
Coronavirus
Healthcare professionals strike
Public Healthcare
COVID-19
Association of resident doctors

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • up
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेकः पुरानी तस्वीरों को यूपी के विकास के प्रमाण के तौर पर पेश कर रही भाजपा
    27 Dec 2021
    भाजपा उत्तर प्रदेश के वीडियो में काफ़ी ऐसी तस्वीरें इस्तेमाल की गई हैं जो या तो अन्य राज्यों की हैं या फिर भाजपा के शासनकाल से पहले की हैं।
  • Mirza Ghalib
    सत्यम् तिवारी
    आह ग़ालिब, वाह ग़ालिब: हम ने ये माना कि दिल्ली में रहें, खावेंगे क्या?
    27 Dec 2021
    ग़ालिब के ख़ुतूत को देखें तो 1857 के ग़दर के बाद 1859 से जो भी लिखा गया, उसके इख्तिताम पर लिखा होता, 'नजात का तालिब, ग़ालिब…’
  • Periyar
    बी. सिवरामन
    समकालीन दौर में पेरियार की प्रासंगिकता
    27 Dec 2021
    पेरियार ईवी रामासामी सिर्फ एक तमिल नेता नहीं थे और उन्हें ब्राह्मण-विरोधी जाति की राजनीति के नेता नहीं माना जा सकता है। बल्कि, वर्ण-जाति व्यवस्था के हिंदू जाति-सामंतवाद के ख़िलाफ़ एक अग्रणी सेनानी के…
  • River
    भारत डोगरा
    केन-बेतवा लिंकिंग परियोजना केवल प्रतिष्ठा से है जुड़ी, इसमें जल संकट का समाधान नहीं
    27 Dec 2021
    केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना की भारी आर्थिक लागत और पारिस्थितिक नुकसान को देखते हुए इससे मिलने वाले लाभ संदिग्ध हैं। इसलिए यह परियोजना उचित नहीं है।
  • bihar
    राहुल कुमार गौरव
    पीएम के 'मन की बात' में शामिल जैविक ग्राम में खाद की कमी से गेहूं की बुआई न के बराबर
    27 Dec 2021
    बिहार के जिस जैविक ग्राम को पीएम मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम में 29 अगस्त को शामिल किया गया था वहां जैविक खाद तो दूर डीएपी की भी भारी किल्लत है जिसके चलते अब तक यहां 80% क्षेत्रों में गेहूं की बुआई…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License