NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
कम ऑक्सीजन आपूर्ति पर उच्च न्यायालय ने केंद्र को लगाई फ़टकार से पूछा: क्यों न अवमानना कार्यवाही शुरू की जाए
पीठ ने नाराजगी प्रकट करते हुए कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय आदेश दे चुका है और अब हम भी आपसे कह रहे हैं कि जैसे भी हो दिल्ली को 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति कीजिए। हम चाहते हैं कि आदेश का पालन हो..इसके अलावा कुछ नहीं सुनेंगे।’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
05 May 2021
दिल्ली उच्च न्यायालय

नयी दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को केंद्र से कारण बताने को कहा कि कोविड-19 मरीजों के उपचार के लिए दिल्ली को ऑक्सीजन की आपूर्ति पर आदेश की तामील नहीं कर पाने के लिए उसके खिलाफ अवमानना कार्यवाही क्यों नहीं शुरू की जाए।

अदालत ने कहा, ‘‘आप शुतुरमुर्ग की तरह रेत में सिर छिपा सकते हैं, हम ऐसा नहीं करेंगे। ’’

पीठ ने कहा कि उच्चतम न्यायालय पहले ही आदेश दे चुका है, अब उच्च न्यायालय भी कह रहा है कि जैसे भी हो केंद्र को हर दिन दिल्ली को 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति करनी होगी।

उच्च न्यायालय की पीठ ने कहा, ‘‘आप इस शहर का हिस्सा हैं और खुद हालात देख रहे हैं। क्या आपको इन चीजों के बारे में कुछ पता नहीं है।’’

न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने केंद्र की इस दलील को भी खारिज कर दिया कि मौजूदा चिकित्सकीय ढांचे के आलोक में दिल्ली 700 मीट्रिक टन चिकित्सकीय ऑक्सीजन की हकदार नहीं है।

अदालत ने केंद्र सरकार के दो वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस पर जवाब देने के लिए बुधवार को अदालत के समक्ष हाजिर होने का निर्देश दिया।

पीठ ने कहा कि उच्चतम न्यायालय का 30 अप्रैल का विस्तृत आदेश दिखाता है कि उसने केंद्र को 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मुहैया कराने का निर्देश दिया था, ना कि महज 490 मीट्रिक टन।

पीठ ने कहा, ‘‘हमने आपसे कहा था कि अवमानना कार्यवाही अंतिम विकल्प है लेकिन हम उस पर भी सोच रहे हैं और हमें उस स्तर पर नहीं ले जाएं। बहुत हो चुका है। आपके पास 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आपूर्ति के अलावा कोई चारा नहीं है।’’

पीठ ने नाराजगी प्रकट करते हुए कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय आदेश दे चुका है और अब हम भी आपसे कह रहे हैं कि जैसे भी हो दिल्ली को 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति कीजिए। हम चाहते हैं कि आदेश का पालन हो..इसके अलावा कुछ नहीं सुनेंगे।’’

दिल्ली में ऑक्सीजन संकट और कोविड-19 संबंधी मुद्दों पर पीठ ने करीब पांच घंटे तक सुनवाई की। पीठ ने कहा, ‘‘हम हर दिन इस खौफनाक हकीकत को देख रहे हैं कि लोगों को अस्पतालों में ऑक्सीजन या आईसीयू बेड नहीं मिल रहे, कम गैस आपूर्ति के कारण बेड की संख्या घटा दी गयी है।’’

पीठ ने कहा, ‘‘लिहाजा, हम केंद्र सरकार को कारण बताने को कह रहे हैं कि मई के हमारे आदेश और उच्चतम न्यायालय के 30 अप्रैल के आदेश की तामील नहीं करने के लिए क्यों नहीं अवमानना कार्यवाही शुरू की जाए। नोटिस का जवाब देने के लिए हम पीयूष गोयल और सुमित्रा डावरा (केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी) को कल उपस्थित होने का निर्देश देते हैं।’’

अतिरिक्त महाधिवक्ता (एसीजी) चेतन शर्मा ने कहा कि 30 अप्रैल के आदेश की तामील संबंधी रिपोर्ट बुधवार सुबह उच्चतम न्यायालय में दाखिल की जाएगी।

इस दलील पर पीठ ने कहा, ‘‘हमें यह समझ नहीं आ रहा कि जब दिल्ली में 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति ही नहीं की गयी तो क्या हलफनामा दाखिल किया जाएगा। यहां तक कि पूर्व में आवंटित 490 मीट्रिक टन और संशोधित 590 मीट्रिक टन की आपूर्ति भी किसी दिन नहीं की गयी।’’

शर्मा ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली को रोजाना 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए नहीं कहा था।

इस पर उच्च न्यायालय ने कहा कि शीर्ष अदालत के आदेश को पढ़ने से स्पष्ट है कि उसने केंद्र सरकार को 700 मीट्रिक टन तरलीकृत ऑक्सीजन की आपूर्ति का निर्देश दिया था।

दिल्ली को पिछले हफ्ते औसतन प्रतिदिन 393 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिली : आप विधायक

 राष्ट्रीय राजधानी के 41 अस्पतालों ने दिल्ली सरकार को तीन मई को ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए एसओएस (जीवन रक्षा संदेश) भेजा, जहां करीब 7000 लोग ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे। यह जानकारी मंगलवार को आप विधायक राघव चड्ढा ने दी।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में पिछले हफ्ते प्रतिदिन औसतन 393 मीट्रिक टन (एमटी) ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई जबकि जरूरत 976 मीट्रिक टन की थी।

चड्ढा ने कहा, ‘‘41 अस्पतलों ने सोमवार को दिल्ली सरकार को एसओएस संदेश भेजा जहां 7142 लोग ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे।’’ उन्होंने कहा कि ‘टीम केजरीवाल’ ने सभी एसओएस कॉल का तत्परता से जवाब दिया और इन अस्पतालों को 21.3 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की।

आप सरकार ने दुख जताया कि ‘‘दिल्ली को पिछले हफ्ते प्रतिदिन औसतन 393 एमटी ऑक्सीजन प्राप्त हुई जबकि जरूरत 976 एमटी की थी।’’

उन्होंने कहा कि 393 एमटी कुल मांग का केवल 40 फीसदी है।

चड्ढा ने कहा कि महानगर को सोमवार को 433 एमटी ऑक्सीजन मिली, जो कुल जरूरत का 44 फीसदी है।

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के कारण महानगर के कई अस्पताल चिकित्सीय ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे हैं।

Delhi High court
Modi government
Oxygen shortage
COVID-19

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • राज वाल्मीकि
    अब साहित्य का दक्षिण टोला बनाने की एक कोशिश हो रही है: जयप्रकाश कर्दम
    13 Feb 2022
    इतवार विशेष: दलित साहित्य और दलित लेखकों के साथ भेदभाव हो रहा है जैसे गांव में होता है न, दलित बस्ती दक्षिण टोला। दलित साहित्य को भी यह मान लीजिए कि यह एक दक्षिण टोला है। इस तरह वे लोग दलित साहित्य…
  • Saharanpur
    शंभूनाथ शुक्ल
    यूपी चुनाव 2022: शांति का प्रहरी बनता रहा है सहारनपुर
    13 Feb 2022
    बीजेपी की असली परीक्षा दूसरे चरण में हैं, जहां सोमवार, 14 फरवरी को वोट पड़ेंगे। दूसरे चरण में वोटिंग सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, संभल, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बदायूँ, शाहजहांपुर ज़िलों की विधानसभा…
  • Uttarakhand
    कृष्ण सिंह
    चुनाव 2022: उत्तराखंड में दलितों के मुद्दे हाशिये पर क्यों रहते हैं?
    13 Feb 2022
    अलग उत्तराखंड राज्य बनने के बाद भी दलित समाज के अस्तित्व से जुड़े सवाल कभी भी मुख्यधारा के राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक प्रश्न नहीं रहे हैं। पहाड़ी जिलों में तो दलितों की स्थिति और भी…
  • Modi
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: अगर आरएसएस न होता...अगर बीजेपी नहीं होती
    13 Feb 2022
    "...ये तो अंग्रेजों की चापलूसी में लगे थे। कह रहे थे, अभी न जाओ छोड़ कर, कि दिल अभी भरा नहीं"
  • election
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: चुनाव आयोग की साख पर इतना गंभीर सवाल!
    13 Feb 2022
    हर हफ़्ते की कुछ खबरें और उनकी बारिकियाँ बड़ी खबरों के पीछे छूट जाती हैं। वरिष्ठ पत्रकार जैन हफ़्ते की इन्हीं कुछ खबरों के बारे में बता रहे हैं। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License