NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
हाईकोर्ट ने एनआईए, महाराष्ट्र सरकार से पूछा, क्या वरवर राव का परिवार उनसे मिल सकता है
वरवर राव के वकील ने अदालत से कहा है कि कार्यकर्ता ‘‘लगभग मृत्यु शय्या’’ पर हैं।
भाषा
20 Jul 2020
वरवर राव

मुंबई: बंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया कि वे एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में आरोपी कवि वरवर राव की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में अवगत कराएं और साथ में यह भी बताएं कि क्या आरोपी के परिवार को ‘‘एक उचित दूरी से’’ उनसे मिलने की अनुमति दी जा सकती है।

अदालत ने यह निर्देश तब दिया जब राव के वकील ने अदालत से कहा कि कार्यकर्ता ‘‘लगभग मृत्यु शय्या’’ पर हैं।

राव (81) इस समय यहां नानावती अस्पताल में भर्ती हैं। वह इस महीने के शुरू में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे। इसके अलावा वह अन्य कई बीमारियों से भी पीड़ित हैं।

न्यायमूर्ति एस एस शिन्दे और न्यायमूर्ति एस पी तावडे की खंडपीठ ने एनआईए और राज्य सरकार से राव की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में अवगत कराने और 22 जुलाई तक यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या उनके परिवार के सदस्यों को उनसे मिलने की अनुमति दी जा सकती है।

राव के वकील सुदीप पसबोला ने अदालत से कहा कि कार्यकर्ता ‘‘लगभग मृत्यु शय्या’’ पर हैं।

पसबोला ने कहा, ‘‘उनकी (राव) हालत काफी गंभीर है। जब वह जे जे अस्पताल में थे तो उन्होंने अपना सिर बिस्तर में मार लिया और उन्हें गंभीर चोट आई थी। कोविड-19 के अतिरिक्त वह अन्य कई बीमारियों से भी पीड़ित हैं।’’

 इसे भी पढ़े : तेलगू कवि और सामाजिक कार्यकर्ता वरवरा राव कोरोना पॉजिटिव

उन्होंने राव को जमानत देने का आग्रह किया और कहा, ‘‘उनके दिन गिनती के बचे हैं, और यदि उन्हें मरना है तो कम से कम उन्हें उनके परिवार की मौजूदगी में मरने दिया जाए।’’

अदालत ने इस पर कहा कि यदि उनकी हालत इतनी गंभीर है तो क्या उन्हें अस्पताल से बाहर ले जाना जोखिम भरा नहीं होगा? वह कोविड-19 से भी पीड़ित हैं। ऐसे में वह परिवार से कैसे मिल सकते हैं?

पसबोला ने कहा कि यदि अनुमति मिलती है तो राव का परिवार सावधानी बरत सकता है और उन्हें एक निश्चित दूरी से देख सकता है।

 इसे भी पढ़े :  साझा बयान : वरवर राव समेत सभी विचाराधीन लेखकों-मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग

सरकारी वकील दीपक ठाकरे ने अदालत से कहा कि राव के परिवार के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था की जा सकती है।

एनआईए की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने कहा कि जहां तक वह जानते हैं, कोविड-19 के रोगियों को किसी से भी मिलने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

उन्होंने कहा कि राव शहर के सर्वश्रेष्ठ मल्टी स्पेशलिटी अस्पतालों में से एक में भर्ती हैं और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप उनकी देखभाल की जा रही है।

अदालत ने एनआईए और राज्य सरकार से विवरण मांगते हुए पूछा, ‘‘क्या उनका (राव) परिवार उन्हें अस्पताल में एक उचित दूरी से देख सकता है?’’

 इसे भी पढ़े : “उन्हें जेल में मत मारो” : वरवर राव के परिवार ने लगाई गुहार

Varvar Rao
mumbai high court
NIA
Maharastra

Related Stories

कभी सिख गुरुओं के लिए औज़ार बनाने वाला सिकलीगर समाज आज अपराधियों का जीवन जीने को मजबूर है

महाराष्ट्र: फडणवीस के खिलाफ याचिकाएं दाखिल करने वाले वकील के आवास पर ईडी का छापा

ख़बरों के आगे पीछे: यूक्रेन में फँसे छात्रों से लेकर, तमिलनाडु में हुए विपक्ष के जमावड़े तक..

गढ़चिरौलीः यह लहू किसका है

महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम के कर्मचारियों की हड़ताल जारी, मंत्री ने यूनियन से बात की

उद्धव ठाकरे को थप्पड़ मारने वाली टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री नारायण राणे गिरफ्तार

महाराष्ट्र में भूस्खलन और बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 149 हुई

महाराष्ट्र : रायगढ़ जिले में भूस्खलन के कारण 30 लोगों की मौत

धर्म, क़ानून और स्वामीः क्रूर होते समाज में न्याय और करुणा के स्वर

बॉब डिलन से प्रेरित : "हू किल्ड स्टेन स्वामी?"


बाकी खबरें

  • Bundelkhand
    न्यूज़क्लिक टीम
    उप्र चुनाव: 'कैराना पलायन' के उलट बुंदेलखंड से पलायन चुनावी मुद्दा क्यों नहीं बनता
    04 Feb 2022
    बुंदेलखंड में कई गांव वीरान दिखाई देते हैं। बांस, मिट्टी, फूस, पुआल और कच्ची ईंटों से बने मकानों पर ताले लटके हुए हैं। कथित 'कैराना पलायन' के इसके विपरीत यह क्षेत्र बड़े पैमाने पर हो रहे विस्थापन के…
  • UttarPradesh
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव: नहीं चल पा रहा ध्रुवीकरण का कार्ड
    04 Feb 2022
    तमाम कोशिशों के बाद भी यूपी में बीजेपी का हिंदू-मुस्लिम का कार्ड नहीं चल पा रहा है। पश्चिम UP से आने वाली ग्राउंड रिपोर्ट्स बता रही हैं कि ध्रुवीकरण तो नहीं ही हुआ, उल्टे जाट समुदाय में, किसानों में…
  • CPIM
    भाषा
    नोएडा : रालोद- सपा गठबंधन के प्रत्याशियों को समर्थन देगी माकपा
    04 Feb 2022
    ग्रेटर नोएडा के स्वर्ण नगरी में स्थित प्रेस क्लब में बृहस्पतिवार को पत्रकार वार्ता के दौरान माकपा के जिला प्रभारी गंगेश्वर दत्त शर्मा ने मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘भारतीय जनता पार्टी (…
  • tomar
    भाषा
    सरकार विधानसभा चुनावों के बाद एमएसपी समिति गठित करने के लिए प्रतिबद्ध : तोमर
    04 Feb 2022
    तोमर ने कहा कि एमएसपी पर समिति बनाने का मामला मंत्रालय के विचाराधीन है और विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद इसका गठन किया जाएगा।
  • RRb
    भाषा
    रेलवे ने आरआरबी परीक्षा प्रदर्शन को लेकर दो लाख अभ्यर्थियों से संपर्क साधा
    04 Feb 2022
    रेलवे ने एनटीपीसी और ‘लेवल-1’ की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन करने सड़कों पर उतरे अभ्यर्थियों से संपर्क साधना शुरू किया है और बृहस्पतिवार को उसने करीब दो लाख विद्यार्थियों से…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License