NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अलीमुद्दीन की लिंचिंग के दोषी को उच्च न्यायालय से ज़मानत
इस मामले में निचली अदालत ने मार्च 2018 में दीपक मिश्रा समेत 11 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इससे पहले अन्य दस अन्य दोषियों को भी न्यायालय से ज़मानत मिल चुकी है।
भाषा
28 Feb 2020
Alimuddin lynching case

रांची : झारखंड उच्च न्यायालय ने रामगढ़ में अलीमुद्दीन अंसारी की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या के सजायाफ्ता दीपक मिश्र को गुरूवार को जमानत दे दी। इससे पहले इस मामले के दस अन्य दोषियों को न्यायालय से ज़मानत मिल चुकी है।

न्यायमूर्ति ए के गुप्ता एवं न्यायमूर्ति राजेश कुमार की खंडपीठ ने दीपक को दस-दस हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानत राशि पर रिहा करने का आदेश दिया है। इससे पहले एक बार उच्च न्यायालय ने दीपक मिश्र को जमानत देने से इनकार कर दिया था।

निचली अदालत ने इस मामले में दीपक मिश्र सहित अन्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। दीपक ने निचली अदालत की सजा के खिलाफ अपील दाखिल कर जमानत की गुहार लगाई गई थी जिसमें इस मामले से जुड़े दस अन्य आरोपियों को भी जमानत मिल जाने का जिक्र था।

सुनवाई के दौरान वरीय अधिवक्ता ए के कश्यप ने खंडपीठ को बताया कि मॉब लिंचिंग की घटना के दौरान दीपक मिश्र को अगुवाई करने वाला बताया गया था लेकिन इसका कोई साक्ष्य नहीं है। 

उन्होंने कहा कि इसके अलावा अलीमुद्दीन की पत्नी ने जिस असलम अंसारी की सूचना पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। निचली अदालत में उसकी गवाही नहीं की गई है। साथ ही, अलीमुद्दीन को मारने में उपयोग किए गए लाठी-डंडे दीपक मिश्र के घर से बरामद नहीं हुए थे।

इसलिए उन्हें जमानत दी जानी चाहिए।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद पीठ ने दीपक मिश्र को जमानत प्रदान कर दी।

आपको बता दें कि प्रतिबंधित मांस ले जाने के आरोप में जून 2017 में अलीमुद्दीन की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में निचली अदालत ने मार्च 2018 में दीपक समेत 11 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इस मामले में दीपक मिश्र को छोड़कर सभी को पूर्व में उच्च न्यायालय से जमानत मिल चुकी है।

Alimuddin Ansari
Ramgarh Lynching
jharkhand high court
BJP
Jharkhand
mob lynching

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • chunav chakra
    न्यूज़क्लिक टीम
    प्रेम दिवस पर यूपी, उत्तराखंड और गोवा की चुनावी परीक्षा: क्या वोटर नफ़रत को कहेंगे ना!
    12 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी को पहले चरण का मतदान संपन्न हो गया। अब दूसरे चरण की बारी है। और दूसरा चरण है प्रेम दिवस के दिन। जी हां, 14 फरवरी, वैलेंटाइन डे। इसी दिन एक ही चरण में उत्तराखंड और गोवा के…
  • Pfizer
    रिचा चिंतन
    फाइज़र का 2021 का राजस्व भारत के स्वास्थ्य बजट से सात गुना ज़्यादा है
    12 Feb 2022
    2020 से 2021 के बीच फाइज़र के राजस्व में 140 फ़ीसदी की बेतहाशा बढ़ोत्तरी हुई है। जहां कई गरीब़ देशों को वैक्सीन का इंतज़ार है, वहीं फाइज़र ने मौके का फायदा उठाते हुए अपनी आपूर्ति सिर्फ़ उच्च आय वाले…
  • cartoon
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    ख़बर भी-नज़र भी: आईपीएल में करोड़ों की बोली, यूपी में मुफ़्त राशन के नाम पर मांगे जा रहे हैं वोट
    12 Feb 2022
    एक तरफ़ चुनावी राज्यों ख़ासकर यूपी में मुफ़्त राशन का बखान कर वोट हासिल करने की कोशिश की जा रही है। दूसरी तरफ़ हमारे क्रिकेटर इतने महंगे बिक रहे हैं कि अगर सबकी राशि जोड़ दी जाए तो यह कहना…
  • Ghost Village
    मुकुंद झा
    उत्तराखंड चुनाव: घोस्ट विलेज, केंद्र और राज्य सरकारों की विफलता और पहाड़ की अनदेखी का परिणाम है?
    12 Feb 2022
    प्रोफेसर ममगाईं ने कहा कि पहाड़ लगातार ख़ाली हो रहे हैं जबकि मैदानी ज़िलों में जनसंख्या लगातार बढ़ रही है जो राज्य की डेमोग्रफी के लिए भी ख़तरा है।
  • sfi
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली में गूंजा छात्रों का नारा— हिजाब हो या न हो, शिक्षा हमारा अधिकार है!
    12 Feb 2022
    हिजाब विवाद की गूंज अब कर्नाटक के साथ यूपी और राजस्थान में भी सुनाई देने लगी है। दिल्ली में भी इसे लेकर प्रदर्शन किया गया। उधर, सुप्रीम कोर्ट ने आश्वस्त किया है कि सभी के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License