NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
गुज्जरों के मामले में उच्च न्यायालय ने उत्तराखंड सरकार को लगाई फटकार
न्यायालय ने उत्तरकाशी जिले के गोविंद पशु विहार राष्ट्रीय पार्क में जाने से वन गुज्जर परिवारों को रोके जाने और उन्हें अमानवीय दशाओं में रहने को मजबूर करने के लिए राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए इसे उनके 'जीने के मूल अधिकार का उल्लंघन' करार दिया है ।
भाषा
27 May 2021
High Court Of Uttarakhand

देहरादून : उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने उत्तरकाशी जिले के गोविंद पशु विहार राष्ट्रीय पार्क में जाने से वन गुज्जर परिवारों को रोके जाने और उन्हें अमानवीय दशाओं में रहने को मजबूर करने के लिए राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए इसे उनके 'जीने के मूल अधिकार का उल्लंघन' करार दिया है ।

एक गैर सरकारी संगठन द्वारा इन गुज्जर परिवारों की दुर्दशा को लेकर अदालत से दखल की प्रार्थना वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश राघवेंद्र सिंह चौहान और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की एक खंडपीठ ने परिवारों की समस्या के समाधान के लिए तत्काल उपाय करने के आदेश दिए ।

अदालत ने कहा कि अगर जांच में ये लोग कोविड मुक्त पाए जाते हैं और इनके पास वैध कानूनी दस्तावेज हैं तो उन्हें अपनी आजीविका कमाने के लिए पार्क में प्रविष्ट होने देने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए ।

कोरोना वायरस के मनुष्यों से जानवरों में फैलने की आशंका के मद्देनजर इन परिवारों के प्रवेश से पार्क में रहने वाले वन्यजीवों को खतरा होने की संभावना की महाधिवक्ता एस एन बाबुलकर द्वारा दी गई दलील पर उच्च न्यायालय ने कहा कि इनकी तत्काल कोविड जांच कराई जाए।

अदालत ने कहा कि अगर ये लोग कोरोना मुक्त पाए जाते हैं और इनके पास वैध परमिट है तो कानून द्वारा अनुमन्य अवधि के लिए इन्हें पार्क में प्रवेश देने की व्यवस्था की जाए ।

याचिकाकर्ता द्वारा सप्लीमेंटरी हलफनामे के साथ जमा कराई गई तस्वीरों का जिक्र करते हुए उच्च न्यायालय ने कहा कि इनसे पता चलता है कि परिवारों को खुले आसमान के नीचे खुले खेतों में खुले तंबुओं में रहने के लिये मजबूर किया गया है । फोटो में छोटे बच्चे और नवजात शिशु कंबल में लिपटाकर जमीन पर सोते हुए दिखाई दे रहे हैं । फोटो से यह भी पता चलता है कि कुछ मवेशी तंबुओं के पास बंधे है जबकि कुछ अन्य मर गए हैं ।

अदालत ने कहा कि इससे पार्क के उपनिदेशक का निर्दयी रूख पता चलता है और नागरिक प्रशासन ने इन परिवारों को ऐसी दशाओं में जीने को मजबूर कर दिया है जो जानवरों के जीने लायक दशाओं से भी बदतर हैं ।

न्यायालय ने कहा कि प्रथमदृष्टया भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीने के मूल अधिकार का प्रतिवादियों द्वारा उल्लंघन किया जा रहा है । उच्च न्यायालय ने उत्तरकाशी के जिलाधिकारी और पार्क के उपनिदेशक को इन परिवारों को 'पक्के मकानों' में रखने तथा उन्हें खाना, पानी और दवाइयों के अलावा उनके मवेशियों के लिए चारा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए ।

High Court Of Uttarakhand
Gujjar case

Related Stories

भगवती प्रोडक्ट्स के 303 श्रमिकों की छंटनी रद्द, कार्यबहाली समेत पूरा वेतन देने का आदेश


बाकी खबरें

  • fact check
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेकः सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के फ़ैक्ट चेक का फ़ैक्ट चेक
    13 Jan 2022
    सूचना एवं लोक संपर्क विभाग का फ़ैक्ट चेक ग़लत और भ्रामक है। इससे एक महत्वपूर्ण सवाल जरूर उठता है कि उत्तर प्रदेश का सूचना एवं लोक संपर्क विभाग भाजपा की आइटी सेल की तरह व्यवहार क्यों कर रहा है?
  • Palestine
    पीपल्स डिस्पैच
    ब्रिटेन: फ़िलिस्तीन के ख़िलाफ़ यूज किए जाने वाले हथियार बनाने वाली इज़राइली फ़ैक्ट्री बंद, आगे भी जारी रहेगा अभियान
    13 Jan 2022
    फ़िलिस्तीन एक्शन ग्रुप ने अपने अभियान के हिस्से के रूप में कारखाने पर कब्ज़ा करने, नाकेबंदी करने और तोड़फोड़ करने जैसे प्रत्यक्ष कार्रवाइयों की एक श्रृंखला को अंजाम दिया, जो आख़िरकार इसके बेचने और…
  • CST
    एम. के. भद्रकुमार
    पुतिन ने कज़ाकिस्तान में कलर क्रांति की साज़िश के ख़िलाफ़ रुख कड़ा किया
    13 Jan 2022
    कज़ाकिस्तान की घटनाओं पर अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन की नाराज़गी अतार्किक थी।
  • Newsletter
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    हासिल किया जा सकने वाला स्वास्थ्य का सबसे ऊंचा मानक प्रत्येक मनुष्य का मौलिक अधिकार है
    13 Jan 2022
    कोरोना महामारी की वजह से संयुक्त राज्य अमेरिका ब्राजील और भारत में सबसे अधिक मौतें हुई हैं। इन मौतों के लिए कोरोना महामारी से ज्यादा जिम्मेदार इन देशों का स्वास्थ्य का सिस्टम है। 
  • jammu and kashmir
    अनीस ज़रगर
    जम्मू में जनजातीय परिवारों के घर गिराए जाने के विरोध में प्रदर्शन 
    13 Jan 2022
    पीड़ित परिवार गुज्जर-बकरवाल जनजाति के हैं, जो इस क्षेत्र के सबसे हाशिए पर रहने वाले समुदायों में से एक हैं। यह समुदाय सदियों से ज्यादातर खानाबदोश चरवाहों के रूप में रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License