NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
हिमाचल : सीटू ने सरकार से टैक्सी व अन्य निजी परिवहन सेवाओं में कार्यरत लोगों की आर्थिक मदद की मांग की
सीटू राज्य कमेटी ने कोरोना के कारण मासिक किस्त न चुका पाने वाले संचालकों की गाड़ियों को सरकारी, निजी बैंकों व फाइनेंस कम्पनियों द्वारा जब्त करने के घटनाक्रम की कड़ी निंदा की है व इसे अमानवीय करार दिया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
02 Jun 2021
हिमाचल : सीटू ने सरकार से टैक्सी व अन्य निजी परिवहन सेवाओं में कार्यरत लोगों की आर्थिक मदद की मांग की

देश पिछले एक साल से कोरोना महामारी से जूझ रहा है। इसके कारण समय समय पर लॉकडाउन लगता रहा है। जिस वजह से लोगों के रोजगार पर गहरा असर पड़ा है। ख़ासकर ऑटो टैक्सी चालकों पर। हिमाचल प्रदेश एक ऐसा राज्य है जहाँ बड़ी संख्या में बाहरी सैलानी जाते हैं और वही स्थनीय लोगों के रोज़गार का बड़ा जरिया भी है। लेकिन कोरोना के बीच लोग न के बराबर आ रहे हैं जिस वजह से वहां के लाखों टैक्सी व अन्य निजी परिवहन के लोगों की आर्थिक स्थिति काफ़ी खराब हो रही है। ऐसे में मज़दूर संगठन सीटू ने प्रदेश सरकार से हिमाचल प्रदेश के निजी क्षेत्र में कार्यरत टैक्सी, ऑटोरिक्शा, बस, ट्रक व अन्य निजी परिवहन सेवाओं में कार्यरत लोगों को तुरन्त आर्थिक मदद देने की मांग की है।

राज्य कमेटी ने कोरोना के कारण मासिक किस्त न चुका पाने वाले संचालकों की गाड़ियों को सरकारी,निजी बैंकों व फाइनेंस कम्पनियों द्वारा जब्त करने के घटनाक्रम की कड़ी निंदा की है व इसे अमानवीय करार दिया है।

सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा व महासचिव प्रेम गौतम ने एक बयान जारी कर कहा है कि कोरोना महामारी के कारण समाज के सभी तबके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। हिमाचल प्रदेश में इस से हज़ारों लोगों का रोज़गार पूर्णतः खत्म हो गया है व हज़ारों लोगों का रोज़गार आंशिक रूप से या बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्व रोज़गार में लगे लोगों पर सबसे बड़ा हमला हुआ है। बैंक व फाइनेंस कम्पनियों से कर्जा लेकर स्व रोज़गार में लगे लोगों के लिए बैंक का कर्जा तक चुकाना मुश्किल हो गया है। हिमाचल प्रदेश एक पर्यटन राज्य है। हिमाचल प्रदेश में पंजीकृत दो लाख से ज़्यादा कमर्शियल गाड़ियों में से भी लगभग आधे पर्यटन क्षेत्र से ही जुड़ी हुई हैं। हिमाचल प्रदेश में पर्यटन गतिविधियां बिल्कुल ठप्प हैं। कोरोना कर्फ्यू के कारण जनता की आवाजाही लगभग बन्द है जिस कारण ट्रांसपोर्ट व्यवस्था भी ठप्प है। कारखानों में उत्पादन भी बेहद कम है। ऐसी परिस्थिति में ट्रांसपोर्ट सेक्टर में कार्य करने वालों की हालत बेहद खराब है। उन्हें अपने घर का खर्चा तक चलाना मुश्किल हो गया है।

 

आगे उन्होंने कहा  हिमाचल प्रदेश में इस सेक्टर में कार्यरत लोगों के पास काम न होने से वे बेहद मानसिक तनाव में हैं। इस कारण सुजानपुर के एक युवक ने आत्महत्या तक कर ली। रोज़गार पूरी तरह खत्म हो चुका है। ऐसे समय में सरकार को इस सेकर में कार्यरत लोगों की सरकार को आर्थिक मदद करनी चाहिए थी परन्तु ऐसा कुछ भी न हुआ। जिन सरकारी,निजी बैंकों अथवा फाइनेंस कम्पनियों से लोगों ने गाड़ियां फाइनेंस करवाई हैं,वे इन लोगों पर मासिक किस्ते जमा करवाने के लिए दबाव बना रहे हैं व इनकी गाड़ियों को अपने कब्जे में लेने की कोशिश कर रहे हैं जोकि पूरी तरह गैर मानवीय कार्य है। सरकार भी इस सारे घटनाक्रम पर खामोश है।


सीटू ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह सरकारी,निजी बैंक व फाइनेंस कम्पनियों द्वारा की जा रही इन लोगों की मानसिक प्रताड़ना पर रोक लगाए व कोरोना काल के बाद जब तक हालात सामान्य न हो जाएं तब तक गाड़ी संचालकों से मासिक किस्तों की वसूली पर पूर्ण रोक लगाई जाए। उन्होंने प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर सरकार ने इन लोगों को राहत न दी व इन पर बेवजह कार्रवाई बन्द न की तो ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लोगों को लामबंद करके आंदोलन किया जाएगा।

CITU
taxi and other private transport services
Himachal Pradesh

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

हिमाचल में हाती समूह को आदिवासी समूह घोषित करने की तैयारी, क्या हैं इसके नुक़सान? 

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर

तमिलनाडु: छोटे बागानों के श्रमिकों को न्यूनतम मज़दूरी और कल्याणकारी योजनाओं से वंचित रखा जा रहा है

LIC के कर्मचारी 4 मई को एलआईसी-आईपीओ के ख़िलाफ़ करेंगे विरोध प्रदर्शन, बंद रखेंगे 2 घंटे काम

रोहतक : मारुति सुज़ुकी के केंद्र में लगी आग, दो कर्मियों की मौत


बाकी खबरें

  • Ukraine
    सी. सरतचंद
    यूक्रेन युद्ध की राजनीतिक अर्थव्यवस्था
    01 Mar 2022
    अन्य सभी संकटों की तरह, यूक्रेन में संघर्ष के भी कई आयाम हैं जिनकी गंभीरता से जांच किए जाने की जरूरत है। इस लेख में, हम इस संकट की राजनीतिक अर्थव्यवस्था की पृष्ठभूमि की जांच करने की कोशिश करेंगे।
  • Chamba Tunnel
    सीमा शर्मा
    जाने-माने पर्यावरणविद् की चार धाम परियोजना को लेकर ख़तरे की चेतावनी
    01 Mar 2022
    रवि चोपड़ा के मुताबिक़, अस्थिर ढलान, मिट्टी के कटाव और अनुक्रमित कार्बन(sequestered carbon) में हो रहे नुक़सान में बढ़ोत्तरी हुई है।
  • UP Election
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तर प्रदेश चुनाव: 'कमंडल' पूरी तरीके से फ़ेल: विजय कृष्ण
    28 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश चुनाव में इन दिनों सत्ताधारी भाजपा जनता पार्टी के राज्य बिगड़ते जातीय समीकरणों पर काफी चर्चा चल रही है. विशेषज्ञों के अनुसार जिन जातीय समीकरणों ने भाजपा को 2017 में सत्ता दिलाने में…
  • Manipur Elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    मणिपुर चुनावः जहां मतदाता को डर है बोलने से, AFSPA और पानी संकट पर भी चुप्पी
    28 Feb 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने नौजवानों की राजनीतिक आकांक्षाओं और उम्मीदों को टटोला, साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता ओनिल से जाना पानी संकट और ड्रग्स पर भाजपा की चुप्पी का सबब। साथ ही भारत…
  • Modi
    सोनिया यादव
    काशी में पीएम मोदी ने 'राजनीतिक गिरावट' की कही बात, लेकिन भूल गए ख़ुद के विवादित बोल
    28 Feb 2022
    चुनावी रैलियों में पीएम मोदी ने भले ही बीजेपी के स्टार प्रचारक के तौर पर अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और अपने समर्थकों को ख़ुश किया होगा, लेकिन एक पीएम के तौर पर वो इस पद की गरिमा को गिराते ही नज़र आते…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License