NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
हिमाचल: जलशक्ति विभाग के मज़दूरों ने किया प्रदर्शन, कहा अगर मांगे नहीं मानी तो करेंगे आंदोलन तेज़
यूनियन ने प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर आउटसोर्स कर्मियों को नियमित नहीं किया गया, उनके लिए नीति नहीं बनाई, न्यूनतम वेतन सुनिश्चित न किया तथा उनसे आठ घण्टे से ज़्यादा कार्य लेना बंद न किया गया तो आंदोलन तेज होगा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
23 Sep 2021
Himachal
फ़ोटो साभार: सोशल मीडिया

आई एंड पी एच वर्करज़ यूनियन सम्बन्धित सीटू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश के जलशक्ति विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय टूटीकंडी शिमला पर मजदूरों ने मंगलवार 21 सितंबर  को जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में जलशक्ति विभाग, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, गुम्मा वाटर सप्लाई व शिमला जल प्रबंधन निगम के आउटसोर्स कर्मियों ने भाग लिया। यूनियन ने प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर आउटसोर्स कर्मियों को नियमित न किया गया, उनके लिए नीति न बनाई, न्यूनतम वेतन सुनिश्चित न किया तथा उनसे आठ घण्टे से ज़्यादा कार्य लेना बंद न किया गया तो आंदोलन तेज होगा।

प्रदर्शन के दौरान यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा की अध्यक्षता में मुख्य अभियंता से मिला व उन्हें बारह सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा। मुख्य अभियंता ने इन मांगों का तुरन्त समाधान करने का आश्वासन दिया।

मज़दूर नेताओं  ने कहा है कि जलशक्ति विभाग में श्रम कानूनों की धज्जियां उड़ा रही हैं। मजदूरों को चार महीने बाद आधा-अधूरा वेतन दिया जा रहा है। इसलिए मजदूरों को हर महीने सात तारीख से पहले वेतन दिया जाए। मजदूरों से आठ से बारह घण्टे कार्य लिया जा रहा है व बेहद कम वेतन दिया जा रहा है। उन्हें हिमाचल प्रदेश सरकार के शेडयूल ऑफ एम्प्लॉयमेंट अनुसार घोषित मासिक वेतन दिया जाए। जलशक्ति विभाग द्वारा की जा नियमित नियुक्तियों में पहले से कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों को प्राथमिकता दी जाए। मजदूरों को साप्ताहिक अवकाश तक नहीं दिया जा रहा है। उन्हें साप्ताहिक अवकाश सहित अर्जित,आकस्मिक, राष्ट्रीय, त्योहार व मेडिकल लीव आदि सभी प्रकार की छुट्टियां दी जाएं। ठेकेदार अथवा आउटसोर्स कम्पनी बदलने पर मजदूरों को नौकरी से न निकाला जाए व उनकी सेवाएं पूर्ववत जारी रखी जाएं। उन्होंने सिरमौर जिला में ठेकेदार बदलने पर नौकरी से निकाले गए मजदूरों को बहाल करने की मांग की है। उन्होंने मजदूरों से आठ घण्टे से ज़्यादा कार्य न लेने की मांग की है व ओवरटाइम कार्य करने पर डबल ओवरटाइम वेतन की मांग की है।

यूनियन ने  मांग की है कि  मजदूरों से अपनी श्रेणी के सनुसार कार्य करवाया जाए अन्यथा जिस श्रेणी का कार्य मजदूर कर रहे हैं, उन्हें उसी पद पर नियुक्ति दी जाए व उसके अनुसार वेतन दिया जाए। उन्हें कम से कम नौ हजार रुपये वेतन दिया जाए। उन्होंने हैरानी जताई कि इन मजदूरों को केवल तीन हज़ार से लेकर तीन हज़ार पांच सौ रुपये तक कैश इन हैंड दिया जा रहा है।

यूनियन ने  एसटीपी के सीवरमैन व अन्य मजदूरों के वेतन में तुरन्त बढ़ोतरी की मांग की है। यूनियन ने एसजेपीएनएल में कमीशन प्रणाली बन्द करके मजदूरों को न्यूनतम  मासिक वेतन देने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि जलशक्ति विभाग में मजदूरों से अपनी स्कीम के अलावा अन्य कार्य न करवाया जाए। चौकीदार से फील्ड कार्य व बेलदार से पम्प ऑपरेटर का कार्य न करवाया जाए। छोटी से छोटी स्कीम में भी कम से कम तीन कर्मियों को नियुक्त किया जाए। मजदूरों के जून 2021 के बाद के वेतन का तुरन्त भुगतान किया जाए। मजदूरों के लिए ईपीएफ सुविधा सख्ती से लागू की जाए व इसका पिछले सारे वर्षों का सारा रिकॉर्ड मजदूरों को उपलब्ध करवाया जाए। 

मजदूरों के लिए ईएसआई सुविधा सख्ती से लागू की जाए व  उनके परिवार के ब्यौरे सहित ईएसआई कार्ड बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि मजदूरों से काटी जाने वाली ईपीएफ व ईएसआई की लगभग सात सौ रुपये की राशि के बजाए ठेकेदार व आउटसोर्स कम्पनियां दो हज़ार से लेकर पच्चीस सौ रुपये तक काट कर भारी घपलेबाजी कर रही हैं परंतु जलशक्ति विभाग के आलाधिकारी व प्रदेश सरकार मौन है।

Himachal Pradesh
I&PH Workers Union
CITU
workers protest

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

हिमाचल में हाती समूह को आदिवासी समूह घोषित करने की तैयारी, क्या हैं इसके नुक़सान? 

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

मुद्दा: आख़िर कब तक मरते रहेंगे सीवरों में हम सफ़ाई कर्मचारी?

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर

#Stop Killing Us : सफ़ाई कर्मचारी आंदोलन का मैला प्रथा के ख़िलाफ़ अभियान

तमिलनाडु: छोटे बागानों के श्रमिकों को न्यूनतम मज़दूरी और कल्याणकारी योजनाओं से वंचित रखा जा रहा है


बाकी खबरें

  • EVM
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: इस बार किसकी सरकार?
    09 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में सात चरणों के मतदान संपन्न होने के बाद अब नतीजों का इंतज़ार है, देखना दिलचस्प होगा कि ईवीएम से क्या रिजल्ट निकलता है।
  • moderna
    ऋचा चिंतन
    पेटेंट्स, मुनाफे और हिस्सेदारी की लड़ाई – मोडेरना की महामारी की कहानी
    09 Mar 2022
    दक्षिण अफ्रीका में पेटेंट्स के लिए मोडेरना की अर्जी लगाने की पहल उसके इस प्रतिज्ञा का सम्मान करने के इरादे पर सवालिया निशान खड़े कर देती है कि महामारी के दौरान उसके द्वारा पेटेंट्स को लागू नहीं किया…
  • nirbhaya fund
    भारत डोगरा
    निर्भया फंड: प्राथमिकता में चूक या स्मृति में विचलन?
    09 Mar 2022
    महिलाओं की सुरक्षा के लिए संसाधनों की तत्काल आवश्यकता है, लेकिन धूमधाम से लॉंच किए गए निर्भया फंड का उपयोग कम ही किया गया है। क्या सरकार महिलाओं की फिक्र करना भूल गई या बस उनकी उपेक्षा कर दी?
  • डेविड हट
    यूक्रेन विवाद : आख़िर दक्षिणपूर्व एशिया की ख़ामोश प्रतिक्रिया की वजह क्या है?
    09 Mar 2022
    रूस की संयुक्त राष्ट्र में निंदा करने के अलावा, दक्षिणपूर्वी एशियाई देशों में से ज़्यादातर ने यूक्रेन पर रूस के हमले पर बहुत ही कमज़ोर और सतही प्रतिक्रिया दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा दूसरों…
  • evm
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: नतीजों के पहले EVM को लेकर बनारस में बवाल, लोगों को 'लोकतंत्र के अपहरण' का डर
    09 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में ईवीएम के रख-रखाव, प्रबंधन और चुनाव आयोग के अफसरों को लेकर कई गंभीर सवाल उठे हैं। उंगली गोदी मीडिया पर भी उठी है। बनारस में मोदी के रोड शो में जमकर भीड़ दिखाई गई, जबकि ज्यादा भीड़ सपा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License