NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
हिमाचल के प्राइवेट स्कूलों ने दिया 30 मार्च तक फ़ीस जमा करने का आदेश, अभिभावकों ने की तारीख़ आगे बढ़ाने की मांग
छात्र अभिभावक मंच ने हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव व उच्चतर शिक्षा निदेशक से मांग की है कि कोविड-19 के चलते हुए प्रदेशव्यापी लॉकडाउन व कर्फ़्यू के मद्देनज़र प्राइवेट स्कूलों में फ़ीस जमा करने की तारीख़ को आगे बढ़ाया जाए।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
25 Mar 2020
shimla

पूरे देश में कोरोना महामारी ने आम जनजीवन पर बहुत असर डाला है और  इसका ख़तरा लगातार बढ़ रहा है। इस दौरान लोगों को कई तरह की चिंताएँ सता रही हैं। लेकिन अभी भी कई लोग दूसरों का शोषण करने से बाज़ नहीं आ रहे हैं। ऐसी ही एक ख़बर हिमाचल प्रदेश से आ रही है। वहां प्राइवेट स्कूलों के प्रशासन ने अभिभावकों से 30 मार्च तक फ़ीस जमा करने को कहा है। प्रशासन अभिभावकों पर दबाव बना रहा है। जबकि अभी पूरे देश में लॉकडाउन है, जनता का हर काम बंद है। इसको लेकर अभिभावकों में नाराज़गी है।

छात्र अभिभावक मंच जो हिमाचल में प्राइवेट स्कूल द्वारा किए जा रहे शोषण के ख़िलाफ़ काफ़ी लंबे समय से संघर्ष करता रहा है, उसने हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव व उच्चतर शिक्षा निदेशक से मांग की है कि कोविड-19 के चलते हुए प्रदेशव्यापी लॉकडाउन व कर्फ़्यू के मद्देनज़र प्राइवेट स्कूलों में फ़ीस जमा करने की तारीख़ को आगे बढ़ाया जाए।

मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा, सह संयोजक बिंदु जोशी व सदस्य फालमा चौहान ने एक बयान कर प्राइवेट स्कूलों के इस फ़रमान की निंदा की और इसे अमानवीय बताया।

मंच की सह संयोजक बिंदु जोशी ने कहा है, "केंद्र और राज्य सरकारों ने वैश्विक महामारी कोविड-19 के चलते पूरे देश और हिमाचल प्रदेश में लॉकडाउन व कर्फ़्यू घोषित कर रखा है लेकिन प्राइवेट स्कूल किसी भी हालत में 30 मार्च से पहले फ़ीस जमा करवाने के लिए अभिभावकों पर दबाव बना रहे हैं। यह मानवता व राष्ट्रहित के ख़िलाफ़ है। कोरोना जैसी महामारी के कारण आपातकालीन सेवाओं के अलावा सभी सेवाएं बंद हैं लेकिन प्राइवेट स्कूलों को इस दौरान भी पैसा व अपना मुनाफ़ा ही याद आ रहा है।"

छात्र अभिभावक मंच की सदस्य फालमा चौहान ने कहा, "प्राइवेट स्कूलों द्वारा फ़ीस को 30 मार्च से पूर्व जमा करवाने का फ़रमान पूरी तरह से सरकार के आदेशों की अवहेलना है। इस दौरान जब गाड़ियां ही नहीं चलेंगीं तो अभिभावक किस तरह बैंकों तक पहुंच कर यह फ़ीस जमा करवाएंगे।"

उन्होंने आगे कहा, "प्राइवेट स्कूलों द्वारा फ़ीस जमा करने के लिए अभिभावकों को बाध्य करने से भीड़ बढ़ेगी व कोरोना के फैलाव का ख़तरा भी बढ़ेगा। देश व प्रदेश में आपातकाल जैसी स्थिति है परन्तु फिर भी प्राइवेट स्कूल अपनी तानाशाही से बाज़ नहीं आ रहे हैं। तत्काल फ़ीस जमा करवाने की कोई इमरजेंसी भी नज़र नहीं आती है। प्राइवेट स्कूलों की इस तानाशाही पर हर हाल में रोक लगनी चाहिए।"

विजेंद्र मेहरा ने कहा, "प्राइवेट स्कूल वैसे भी उच्चतर शिक्षा निदेशक द्वारा जारी 5 दिसम्बर 2019, 18 जनवरी तथा 12 मार्च 2020 के आदेशों की पालन नहीं कर रहे हैं जिसके अनुसार इस वर्ष फ़ीस के निर्धारण से पहले सभी स्कूलों में मार्च के महीने में जनरल हाउस अनिवार्य किया गया था। प्राइवेट स्कूल इन आदेशों को लागू किये बग़ैर ही आनन-फ़ानन में गुपचुप तरीक़े से फ़ीस बढ़ोतरी करके इसे 30 मार्च तक वसूलना चाहते हैं, ताकि अभिभावकों, शिक्षा विभाग, प्रशासन व सरकार का फ़ीस बढ़ोतरी की ओर ध्यान न जा पाए।"

इसके साथ ही मंच ने उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक शिमला से मांग की है कि जब तक महामारी की स्थिति सामान्य न हो जाए तब तक जो भी स्कूल फ़ीस वसूलने के लिए अभिभावकों से ज़ोर-ज़बरदस्ती करते हैं उनके प्रबंधन के ख़िलाफ़ क़ानून की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए व उनपर शिकंजा कसा जाए।

इसे भी पढ़े : शिमला : भारी फीस के खिलाफ छात्र-अभिभावक मंच का आंदोलन तेज़

Himachal Pradesh
shimla
privatization of education
Government schools
school children
PRIVATE SCHOOL

Related Stories

हिमाचल में हाती समूह को आदिवासी समूह घोषित करने की तैयारी, क्या हैं इसके नुक़सान? 

नई शिक्षा नीति से सधेगा काॅरपोरेट हित

उत्तराखंड : ज़रूरी सुविधाओं के अभाव में बंद होते सरकारी स्कूल, RTE क़ानून की आड़ में निजी स्कूलों का बढ़ता कारोबार 

बिहारः प्राइवेट स्कूलों और प्राइवेट आईटीआई में शिक्षा महंगी, अभिभावकों को ख़र्च करने होंगे ज़्यादा पैसे

हिमाचल: प्राइवेट स्कूलों में फ़ीस वृद्धि के विरुद्ध अभिभावकों का ज़ोरदार प्रदर्शन, मिला आश्वासन 

गैर-स्टार्टर स्मार्ट सिटी में शहरों में शिमला कोई अपवाद नहीं है

हिमाचल सरकार ने कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन, घेराव और हड़ताल पर लगाई रोक, विपक्ष ने बताया तानाशाही फ़ैसला

हिमाचल प्रदेश: नियमित करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरीं आंगनबाड़ी कर्मी

हिमाचल प्रदेश: फैक्ट्री में ब्लास्ट से 6 महिला मज़दूरों की मौत, दोषियों पर हत्या का मुक़दमा दर्ज करने की मांग

पर्वतों में सिर्फ़ पर्यटन ही नहीं, पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण भी ज़रूरी है


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटे में 12,514 नए मामले, 251 मरीज़ों की मौत
    01 Nov 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.46 फ़ीसदी यानी 1 लाख 58 हज़ार 817 हो गयी है।
  • economic crisis
    अजय कुमार
    भारतीय अर्थव्यवस्था : हर सर्वे, हर आकंड़ा सुना रहा है बदहाली की कहानी
    01 Nov 2021
    NCRB के आत्महत्या के आंकड़े, आरबीआई के कंज्यूमर कॉन्फिडेंट सर्वे के आंकड़े और मनरेगा फंड के खात्मे के आंकड़े को मिलाकर पढ़िए तो अर्थव्यवस्था की बदहाली में बदलाव के आसार नहीं दिखते हैं।
  • Itihas ke panne
    न्यूज़क्लिक टीम
    गाँधी के 1946 में नोआखाली जाने से क्या हुआ था?
    31 Oct 2021
    'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस अंग में वरिष्ठ पत्रकार नीलांजन बात करते हैं वरिष्ठ इतिहासकार मृदुला मुख़र्जी से. वे 1946 में नोआखाली में हुए दंगों की चर्चा करते हैं और आज का समाज गाँधी जी के…
  • amit shah
    असद रिज़वी
    सियासत: गृह मंत्री के दावे और ज़मीनी हक़ीक़त का फ़र्क़
    31 Oct 2021
    अमित शाह ने प्रदेश की योगी सरकार की कानून-व्यवस्था की जमकर प्रशंसा की। हालाँकि उनकी मौजूदगी में ही शुक्रवार की रात राजधानी में हुई दो हत्याओं ने उनके दावे को धराशायी कर दिया।
  • panchayat
    अनिल अंशुमन
    बिहार पंचायत चुनाव : सत्ता विरोधी प्रत्याशियों पर चल रहा पुलिस प्रशासन का डंडा!
    31 Oct 2021
    बिहार में जारी पंचायत चुनाव में विपक्ष का आरोप है कि सत्ताधारी दल समर्थित उम्मीदवारों को जिताने में पुलिस प्रशासन लगा रहा एड़ी चोटी का ज़ोर लगा रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License