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राजनीति
हिसारः फसल के नुक़सान के मुआवज़े को लेकर किसानों का धरना
हिसार के तीन तहसील बालसमंद, आदमपुर तथा खेरी के किसान गत 11 मई से धरना दिए हुए हैं। उनका कहना है कि इन तीन तहसीलों को छोड़कर सरकार ने सभी तहसीलों को मुआवजे का ऐलान किया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
20 May 2022
hisar

पिछले साल कपास की फसल को हुए नुकसान को लेकर मुआवजे की मांग करते हुए हरियाणा के हिसार में किसान आंदोलन कर रहे हैं। हिसार के तीन तहसील बालसमंद, आदमपुर तथा खेरी के किसान गत 11 मई से धरना दिए हुए हैं। उनका कहना है कि इन तीन तहसीलों को छोड़कर सरकार ने सभी तहसीलों को मुआवजे का ऐलान किया है जबकि इन तहसीलों के किसानों की फसलों का भी भारी नुकसान हुआ है। इनके नुकसान पर सरकार मौन है। ऐसे में किसानों को आर्थिक परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है।

हिसार से न्यूजक्लिक के साथ बातचीत में सीपीआइएम नेता दिनेश ने कहा कि, "फसलों का पूरे जिले में नुकसान हुआ है। कही आधा नुकसान था तो कही आधा से ज्यादा। हिसार में जो सरकार ने मुआवाजे की घोषणा की या जो मुआवजा किसानों को दिया उसमें तीन तहसीलों आदमपुर, बालसमद और खेरी को छोड़कर बाकी तहसीलों में कर दिया। इंश्योरेंस कंपनियों ने तो किसानों के नुकसान को दिखाया है लेकिन सरकार ने जो सर्वे किया है उसमें इन तीन तहसीलों में नुकसान नहीं दिखाया है। जब इंश्योरेंस कंपनियां मुआवजा दे रही हैं तो सरकार को भी मुआवजा देना चाहिए।"

उन्होंने आगे कहा कि, "राज्य के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला जो राजस्व मंत्री भी उन्होंने मुआवाजा देने का आश्वसान दिया था लेकिन उनके आश्वासन में दो तहसील बालसमंद और आदमपुर शामिल नहीं हैं। साथ ये भी बताते चलें कि जिसका आश्वासन दिया गया था वहां भी कुछ नहीं हो रहा है। आदमपुर तहसील में भी दस-बारह दिन पहले आंदोलन हुआ था। उस समय भी प्रशासन और उपमुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वासन देकर मुआवजा दिलाने का समय मांगा था लेकिन वह भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।"

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार को किसानों ने हिसार-भादरा स्टेट हाई-वे पर तंबू लगाकर धरना दिया। धरने के दौरान कई किसानों ने अपनी गिरफ्तारी देने का दावा किया है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के ट्वीटर हैंडल से एक ट्वीट करते हुए लिखा गया है कि किसान नेता रवि आजाद सहित 300 से ज्यादा किसानों ने हिसार के बालसमंद से गिरफ्तारी दी। बर्बाद फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर किसान लंबे समय से आंदोलन पर थे।

किसान नेता रवि आजाद सहित 300 से ज्यादा किसानों ने हिसार के बालसमंद से दी गिरफ्तारी
बर्बाद फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर किसान लंबे समय से थे आंदोलन पर

हरियाणा के किसान बालसमंद के आंदोलन पर नजर बनाए रखें, भाकियू के आदेश का करें इंतजार#FarmersProtest @Kisanektamorcha #Farmers pic.twitter.com/sbrKrHcZiC

— BHARTIYA KISAN UNION (TIKAIT), HARYANA (@bku_tikait_HR) May 19, 2022

उधर किसानों की गिरफ्तारी को लेकर अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि एसडीएम ने किसी भी किसान के गिरफ्तारी करने से इनकार किया है। रात करीब 9.30 बजे तक किसानों को पुलिस ने रोके रखा। किसान बालसमंद तथा आदमपुर तहसील क्षेत्र के किसानों के लिए फसल मुआवजे की मांग को लेकर अड़े रहे।

नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर बालसमंद क्षेत्र के किसान 11 मई से धरने पर बैठे हैं। गुरुवार को महापंचायत बुलाई गई थी। किसानों ने हिसार भादरा रोड पर टेंट लगाकर पंचायत की। किसानों ने प्रदर्शन करते हुए हरियाणा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

धरना दे रहे किसानों का कहना था कि अधिकारी मौके पर आकर मुआवजे का ऐलान करें। उनका कहना था कि दोपहर 2.30 बजे तक अधिकारियों के न पहुंचने पर तीन बजे किसान गिरफ्तारी देंगे। अधिकारियों के न पहुंचने पर दोपहर करीब तीन बजे किसानों ने अपनी गिरफ्तारी देने का दावा किया था।

उधर बालसमंद तहसील में हिरासत में लिए गए किसानों के समर्थन में बाडोपट्टी टोल कमेटी के सदस्यों ने बाडोपट्टी टोल पर बीजेपी सरकार का पुतला फूंका।

वहीं हिसार के एसडीएम अश्ववीर नैन ने कहा कि मैं किसानों से मिलने गया था। उनकी समस्या सुनना चाहता था। किसान अपनी शिकायत बताने की बजाय नारेबाजी करने लगे। प्रशासन ने किसानों को गिरफ्तार नहीं किया है। किसान खुद ही नहीं जाना चाहते। 

Hisar
Haryana
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Crop Damage
Compensation
Agriculture
agrarian crisis

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