NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
हिसारः फसल के नुक़सान के मुआवज़े को लेकर किसानों का धरना
हिसार के तीन तहसील बालसमंद, आदमपुर तथा खेरी के किसान गत 11 मई से धरना दिए हुए हैं। उनका कहना है कि इन तीन तहसीलों को छोड़कर सरकार ने सभी तहसीलों को मुआवजे का ऐलान किया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
20 May 2022
hisar

पिछले साल कपास की फसल को हुए नुकसान को लेकर मुआवजे की मांग करते हुए हरियाणा के हिसार में किसान आंदोलन कर रहे हैं। हिसार के तीन तहसील बालसमंद, आदमपुर तथा खेरी के किसान गत 11 मई से धरना दिए हुए हैं। उनका कहना है कि इन तीन तहसीलों को छोड़कर सरकार ने सभी तहसीलों को मुआवजे का ऐलान किया है जबकि इन तहसीलों के किसानों की फसलों का भी भारी नुकसान हुआ है। इनके नुकसान पर सरकार मौन है। ऐसे में किसानों को आर्थिक परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है।

हिसार से न्यूजक्लिक के साथ बातचीत में सीपीआइएम नेता दिनेश ने कहा कि, "फसलों का पूरे जिले में नुकसान हुआ है। कही आधा नुकसान था तो कही आधा से ज्यादा। हिसार में जो सरकार ने मुआवाजे की घोषणा की या जो मुआवजा किसानों को दिया उसमें तीन तहसीलों आदमपुर, बालसमद और खेरी को छोड़कर बाकी तहसीलों में कर दिया। इंश्योरेंस कंपनियों ने तो किसानों के नुकसान को दिखाया है लेकिन सरकार ने जो सर्वे किया है उसमें इन तीन तहसीलों में नुकसान नहीं दिखाया है। जब इंश्योरेंस कंपनियां मुआवजा दे रही हैं तो सरकार को भी मुआवजा देना चाहिए।"

उन्होंने आगे कहा कि, "राज्य के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला जो राजस्व मंत्री भी उन्होंने मुआवाजा देने का आश्वसान दिया था लेकिन उनके आश्वासन में दो तहसील बालसमंद और आदमपुर शामिल नहीं हैं। साथ ये भी बताते चलें कि जिसका आश्वासन दिया गया था वहां भी कुछ नहीं हो रहा है। आदमपुर तहसील में भी दस-बारह दिन पहले आंदोलन हुआ था। उस समय भी प्रशासन और उपमुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वासन देकर मुआवजा दिलाने का समय मांगा था लेकिन वह भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।"

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार को किसानों ने हिसार-भादरा स्टेट हाई-वे पर तंबू लगाकर धरना दिया। धरने के दौरान कई किसानों ने अपनी गिरफ्तारी देने का दावा किया है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के ट्वीटर हैंडल से एक ट्वीट करते हुए लिखा गया है कि किसान नेता रवि आजाद सहित 300 से ज्यादा किसानों ने हिसार के बालसमंद से गिरफ्तारी दी। बर्बाद फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर किसान लंबे समय से आंदोलन पर थे।

किसान नेता रवि आजाद सहित 300 से ज्यादा किसानों ने हिसार के बालसमंद से दी गिरफ्तारी
बर्बाद फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर किसान लंबे समय से थे आंदोलन पर

हरियाणा के किसान बालसमंद के आंदोलन पर नजर बनाए रखें, भाकियू के आदेश का करें इंतजार#FarmersProtest @Kisanektamorcha #Farmers pic.twitter.com/sbrKrHcZiC

— BHARTIYA KISAN UNION (TIKAIT), HARYANA (@bku_tikait_HR) May 19, 2022

उधर किसानों की गिरफ्तारी को लेकर अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि एसडीएम ने किसी भी किसान के गिरफ्तारी करने से इनकार किया है। रात करीब 9.30 बजे तक किसानों को पुलिस ने रोके रखा। किसान बालसमंद तथा आदमपुर तहसील क्षेत्र के किसानों के लिए फसल मुआवजे की मांग को लेकर अड़े रहे।

नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर बालसमंद क्षेत्र के किसान 11 मई से धरने पर बैठे हैं। गुरुवार को महापंचायत बुलाई गई थी। किसानों ने हिसार भादरा रोड पर टेंट लगाकर पंचायत की। किसानों ने प्रदर्शन करते हुए हरियाणा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

धरना दे रहे किसानों का कहना था कि अधिकारी मौके पर आकर मुआवजे का ऐलान करें। उनका कहना था कि दोपहर 2.30 बजे तक अधिकारियों के न पहुंचने पर तीन बजे किसान गिरफ्तारी देंगे। अधिकारियों के न पहुंचने पर दोपहर करीब तीन बजे किसानों ने अपनी गिरफ्तारी देने का दावा किया था।

उधर बालसमंद तहसील में हिरासत में लिए गए किसानों के समर्थन में बाडोपट्टी टोल कमेटी के सदस्यों ने बाडोपट्टी टोल पर बीजेपी सरकार का पुतला फूंका।

वहीं हिसार के एसडीएम अश्ववीर नैन ने कहा कि मैं किसानों से मिलने गया था। उनकी समस्या सुनना चाहता था। किसान अपनी शिकायत बताने की बजाय नारेबाजी करने लगे। प्रशासन ने किसानों को गिरफ्तार नहीं किया है। किसान खुद ही नहीं जाना चाहते। 

Hisar
Haryana
farmers
Crop Damage
Compensation
Agriculture
agrarian crisis

Related Stories

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

सार्वजनिक संपदा को बचाने के लिए पूर्वांचल में दूसरे दिन भी सड़क पर उतरे श्रमिक और बैंक-बीमा कर्मचारी

झारखंड: केंद्र सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों और निजीकरण के ख़िलाफ़ मज़दूर-कर्मचारी सड़कों पर उतरे!

दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को मिला व्यापक जनसमर्थन, मज़दूरों के साथ किसान-छात्र-महिलाओं ने भी किया प्रदर्शन

देशव्यापी हड़ताल का दूसरा दिन, जगह-जगह धरना-प्रदर्शन

हड़ताल के कारण हरियाणा में सार्वजनिक बस सेवा ठप, पंजाब में बैंक सेवाएं प्रभावित

हरियाणा: आंगनबाड़ी कर्मियों का विधानसभा मार्च, पुलिस ने किया बलप्रयोग, कई जगह पुलिस और कार्यकर्ता हुए आमने-सामने

हरियाणा : आंगनवाड़ी कर्मचारियों की हड़ताल 3 महीने से जारी, संगठनों ने सरकार से की बातचीत शुरू करने की मांग

केंद्र सरकार को अपना वायदा याद दिलाने के लिए देशभर में सड़कों पर उतरे किसान

हरियाणा: आंगनवाड़ी कर्मचारियों के आंदोलन के 50 दिन पूरे


बाकी खबरें

  • कर्मचारी संगठनों ने ई-श्रम पोर्टल का स्वागत किया पर कमियाँ भी बताईं
    रौनक छाबड़ा
    कर्मचारी संगठनों ने ई-श्रम पोर्टल का स्वागत किया पर कमियाँ भी बताईं
    30 Aug 2021
    संगठनों ने कहा है कि रेजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया की वजह से कई मज़दूर इसमें शामिल होने में असमर्थ होंगे।
  • काबुल पर अमेरिकी ड्रोन हमले में बच्चों समेत कई नागरिकों की मौत
    पीपल्स डिस्पैच
    काबुल पर अमेरिकी ड्रोन हमले में बच्चों समेत कई नागरिकों की मौत
    30 Aug 2021
    स्थानीय लोग अमेरिका के उस दावे को ख़ारिज करते हैं जिसमें उसने कहा कि उसने काबुल हवाई अड्डे पर फिर से हमला करने के लिए एक कार में विस्फोटक लोड करने की कोशिश कर रहे दो कथित आतंकवादियों पर हमला किया था।
  • क्या श्रम मंत्रालय अपने श्रम सुविधा पोर्टल के जरिये सुप्रीम कोर्ट को ठग रहा है?
    बी. सिवरामन
    क्या श्रम मंत्रालय अपने श्रम सुविधा पोर्टल के जरिये सुप्रीम कोर्ट को ठग रहा है?
    30 Aug 2021
    यह कहना कि सरकार केवल पोर्टल चलाएगी और बाक़ी सिरदर्द श्रमिक का है, अत्यधिक ग़ैर-ज़िम्मेदाराना व्यवहार है।
  • केन्या : वेतन समझौता लागू करने में विफलता पर सरकारी विश्वविद्यालयों के प्रोफ़ेसरों की हड़ताल
    पीपल्स डिस्पैच
    केन्या : वेतन समझौता लागू करने में विफलता पर सरकारी विश्वविद्यालयों के प्रोफ़ेसरों की हड़ताल
    30 Aug 2021
    केन्या में यूनिवर्सिटीज़ एकेडमिक स्टाफ़ यूनियन (यूएएसयू) ने चेतावनी दी है कि हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक कि वेतन समझौता लागू नहीं हो जाता और लंबित बकाया राशि का भुगतान नहीं कर दिया जाता।
  • जलवायु परिवर्तन पर दुनिया के आदिवासी समूहों के सम्मेलन में क्या कहा गया?
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    जलवायु परिवर्तन पर दुनिया के आदिवासी समूहों के सम्मेलन में क्या कहा गया?
    30 Aug 2021
    40 अलग-अलग आदिवासी समूहों में से 120 पारंपरिक तौर पर स्वामित्व रखने वालों ने केर्न्स (ऑस्ट्रेलिया) में जलवायु परिवर्तन पर पाँच दिन तक चली नेशनल फ़र्स्ट पीपुल्स गैदरिंग में हिस्सा लिया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License