NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अलबामा में अमेजन यूनियन पर ऐतिहासिक मतदान प्रक्रिया शुरू
अलबामा के पास बर्मिंघम अमेज़न के बेसेमर वेयर हाउस के कर्मचारियों को 5,800 से अधिक मतपत्र भेजे गए हैं। कोविड-19 महामारी को ध्यान में रखते हुए श्रमिकों को अपने मतपत्रों को भेजने करने के लिए सात सप्ताह से अधिक का समय होगा।
पीपल्स डिस्पैच
09 Feb 2021
अलबामा में अमेजन यूनियन पर ऐतिहासिक मतदान प्रक्रिया शुरू

अमेरिकी राज्य अलबामा में अमेजन के बेसेमर वेयर हाउस में हजारों श्रमिकों को यह तय करने के लिए मतपत्र मिलना शुरू हो गए हैं कि उन्हें यूनियन बनाना है या नहीं। सोमवार 8 फरवरी से शुरु हुई भेजने की प्रक्रिया में बर्मिंघम के बाहरी इलाकों में स्थित BHM1 कहे जाने वाले बेसेमर इकाई में कर्मचारियों को 5,800 से अधिक मतपत्र में भेजे जाएंगे ताकि वे फैसला करें कि वे रिटेल, होलसेल एंड डिपार्टमेंटल स्टोर यूनियन (आरडब्ल्यूडीएसयू) में शामिल होना चाहते हैं या नहीं।

COVID-19 महामारी और संघीय सुरक्षा नियमों के कारण कर्मचारियों को अपने मतपत्रों को भेजने के लिए 29 मार्च तक अगले सात सप्ताह का समय होगा। फेडरल लेबर वाचडॉग नेशनल लेबर रिलेशंस बोर्ड यूनियन की मतदान प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए है और या वोटों की देरी या वोटों के अस्वीकार करने के अमेजन के प्रयासों को बार-बार खारिज करता रहा है।

ये निर्णायक वोट संयुक्त राज्य अमेरिका में अमेजन के किसी भी वेयर हाउस में होने वाला अपनी तरह का दूसरा है और यह देश में वितरण करने वाले कर्मचारियों को एकजुट करने के लिए ट्रेड यूनियन आंदोलनों के वर्षों के प्रयासों के बाद हुआ है। कंपनी के डेलावेरे वेयर हाउस परिसर में यूनियन बनाने का पिछला प्रयास इस खिलाफ कर्मचारियों द्वारा मतदान करने के बाद असफल हो गया था।

संयुक्त राज्य भर में महामारी के दौरान वितरण करने वाले और वेयर हाउस के कर्मचारी महामारी और संक्रमण का जोखिम उठाते हुए फ्रंटलाइन में काम करने के लिए अपने बकाया की मांग करते रहे हैं। यदि BHM1 के श्रमिक इस यूनियन के पक्ष में मतदान करते हैं तो यह देश में अमेजन कर्मियों का अपने आप में पहला संगठित यूनियन होगा। अमेजन का संघ विरोधी गतिविधियों और उन श्रमिकों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई का इतिहास रहा है जिन्होंने उचित वेतन और सुरक्षित कार्यस्थलों के लिए कर्मचारियों को इकट्ठा करने का प्रयास किया है।

महामारी के दौरान वितरण के सामानों की मांग बढ़ने के बाद साल 2020 में BHM1 इकाई को लगभग एक साल पहले शुरू किया गया था। अलबामा प्रांत को यूनियन-विरोधी कानूनों के लिए भी जाना जाता है, जो यूनियन की सदस्यता को वैकल्पिक बनाता है और सामूहिक सौदेबाजी को लेकर विवाद निपटान के लिए व्यक्तिगत समझौता का समर्थन करता है।

Amazon
Alabama
Amazon Union
America
COVID-19

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध


बाकी खबरें

  • Bank union strike
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बैंक यूनियनों का ‘निजीकरण’ के ख़िलाफ़ दो दिन की हड़ताल का ऐलान
    06 Dec 2021
    दो सरकारी बैंकों के प्रस्तावित निजीकरण के ख़िलाफ़ बैंक कर्मचारियों के संयुक्त मंच ने सरकार को 16 व 17 दिसंबर की हड़ताल का नोटिस दे दिया है। 
  • jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड: स्वास्थ्य विभाग का नया ‘संकल्प पत्र, सरकारी ब्लड बैंकों से नहीं मिलेगा निःशुल्क ख़ून, स्वास्थ्य जन संगठनों ने किया विरोध
    06 Dec 2021
    राजधानी रांची स्थित रिम्स और सदर अस्पताल में लोगों को पैसों से ब्लड मिल रहा है। बीपीएल व आयुष्मान कार्ड धारकों को छोड़ किसी भी गरीब-लाचार अथवा धनवान व्यक्ति को समान रूप से प्रदेश के किसी भी सरकारी…
  • Babasaheb
    बादल सरोज
    65 साल बाद भी जीवंत और प्रासंगिक बाबासाहब
    06 Dec 2021
    जाति के बारे में उनका दृष्टिकोण सर्वथा वैज्ञानिक था। उन्होंने जाति व्यवस्था का तब तक का सबसे उन्नत विश्लेषण किया था। वे अपने जमाने के बड़े नेताओं में अकेले थे, जिसने जाति व्यवस्था के ध्वंस यानि…
  • vinod dua
    शंभूनाथ शुक्ल
    मृतक को अपमानित करने वालों का गिरोह!
    06 Dec 2021
    हम लोगों ने जब पत्रकारिता शुरू की थी, तब इमरजेंसी के दिन थे। लोगों में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के प्रति ग़ुस्सा था और लोग आंदोलन कर रहे थे। किंतु धार्मिक आधार पर बँटवारे की कोई बात नहीं थी। कोई…
  • india and bangladesh
    एम. के. भद्रकुमार
    भारत-बांग्लादेश संबंध का मौजूदा दौर
    06 Dec 2021
    नई दिल्ली के मौन प्रोत्साहन से प्रधानमंत्री शेख़ हसीना की घरेलू राजनीति को उनके सत्तावादी शासन के मामले में निर्णायक रूप से फ़ायदा हुआ है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License