NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
ऑनलाइन सेवाओं में धोखाधड़ी से कैसे बचें?
कंपनियां आपको लालच देती हैं और फंसाने की कोशिश करती हैं। उदाहरण के तौर पर कहेंगी कि आपके लिए ऑफर है, आपको कैशबैक मिलेगा, रेट बहुत कम बताए जाएंगे और आपको बार-बार फोन करके प्रेरित किया जाएगा और दबाव बनाया जाएगा कि आप ये मौके चूकिये मत।
राज कुमार
14 May 2022
online services
'प्रतीकात्मक फ़ोटो' साभार: गूगल

लेन-देन, शॉपिंग, इंश्योरेंस, कंसल्टेंसी, लोन, हैल्थ, लीगल, एजुकेशन, टिकट बुकिंग आदि अनेक ऑनलाइन सेवाओं में काफी बढ़ोतरी हुई है। इसका दायरा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। आप तकरीबन हर रोज किसी न किसी सेवा के लिए ऑलनाइन तरीकों का इस्तेमाल करते होंगे। इसी के चलते ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में भी सामने आ रहे हैं। आपके खाते से पैसे निकाल लिए जाते हैं, ऑर्डर कुछ करते हैं सामान कुछ आ जाता है या नहीं आता है, आपको लोन का झांसा देकर पैसे ठग लिए जाते हैं या अन्य किसी सेवा हेतु आपसे पैसे ले लिए जाते हैं और फिर कोई फोन नहीं उठाता। इस तरह की घटनाएं काफी सामने आ रही हैं। ऐसे मे सवाल उठता है कि कैसे पता लगाएं कि ऑनलाइन सेवा प्रदाता भरोसेमंद है या नहीं? यहां हम आपको ऐसे कुछ तरीके बता रहे हैं जो ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने में आपकी मदद कर सकते हैं।

देखें कि कंपनी रजिस्टर्ड है या नहीं

थोड़ा रिसर्च करें और देखें कि जिस कंपनी से आप सेवाएं ले रहे हैं वो रजिस्टर्ड है या नहीं? आप कारपोरेट कार्य मंत्रालय (मिनिस्ट्री ऑफ कारपोरेट अफेयर्स) की वेबसाइट पर जाकर आसानी से ये पता लगा सकते हैं। या इस लिंक पर क्लिक करे सर्च बार में कंपनी का नाम लिखें और सर्च करें। अगर कंपनी रजिस्टर्ड है तो उस कंपनी का सीआईएन नंबर, कार्यालय का पता और अन्य जानकारियां आपके सामने खुल जाएगी। अगर मिनिस्ट्री ऑफ कारपोरेट अफेयर्स की वेबसाइट पर कंपनी के बारे कोई जानकारी नहीं है तो समझ जाइये कि कंपनी रजिस्टर्ड नहीं है। अगर आप इस कंपनी से सेवाएं लेते हैं तो भविष्य में आपको परेशानी हो सकती है।

कंपनी के रिव्यू और रेटिंग चेक करें

देखें कि आपसे पहले जो लोग इस कंपनी की सेवाएं ले चुके हैं उनका अनुभव क्या है? नेगेटिव रिव्यू पर खासतौर से गौर करें। सिर्फ उसी कंपनी की वेबसाइट पर रिव्यू ना पढ़ें जिसकी आप सेवाएं ले रहे हैं। क्योंकि आमतौर पर उस वेबसाइट पर आपको अच्छे रिव्यू और 100% ग्राहक संतुष्टि के उदाहरण ही मिलेंगे। कुछ वेबसाइट हैं जो सिर्फ रिव्यू और रेटिंग के लिए ही बनाई गई है, उन वेबसाइट को देखें। उदाहरण के तौर पर Trustpilot एक ऐसी ही वेबसाइट है। आप इस वेबसाइट पर जाकर कंपनी के रिव्यू पढ़ सकते हैं। वेबसाइट के होम पेज पर सर्च बार में कंपनी का नाम लिखें और सर्च करें। रिव्यू पढ़ते हुए सावधान रहें। प्रोफाइल फोटो के साथ सकारात्मक रिव्यू देखकर उन्हें भरोसेमंद मानने की भूल ना करें। कॉपिराइट फ्री पासपोर्ट फोटो का इस्तेमाल करके फ़ेक रिव्यू भी लिखे जाते हैं। अगर आप प्रोफाइल फोटो को रिवर्स इमेज सर्च करेंगे तो पाएंगे कि एक ही फोटो अलग-अलग नाम से अलग-अलग कंपनियों का रिव्यू कर रहा है। इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए आप इस लेख को पढ़ें।

कंपनी के ख़िलाफ़ शिकायतें चेक करें

कंपनी की सेवाएं लेने से पहले और भुगतान करने से पहले देखें कि क्या कंपनी के खिलाफ किसी तरह की शिकायतें हैं? Voxya एक ऑनलाइन पोर्टल है जिस पर आप देख सकते हैं कि जिस कंपनी की आप सेवाएं लेना चाहते हैं उसके खिलाफ उपभोक्ताओं की किस तरह की और कितनी शिकायतें हैं? सर्च बार में कंपनी का नाम टाइप करें और सर्च करें। कंपनी के खिलाफ उपभोक्ताओं की शिकायतें आप देख पाएंगे।

कंपनी की वेबसाइट की जांच करें

सेवाएं लेने से पहले कंपनी की वेबसाइट के डोमेन नेम और रजिस्ट्रेशन आदि की जांच करें। Whois वेबसाइट पर जाकर आप कंपनी की वेबसाइट की जांच कर सकते हैं और पता लगा सकते हैं कि भरोसेमंद है या नहीं। whois वेबसाइट पर जाकर सर्च बार में कंपनी की वेबसाइट का यूआरएल डालें और सर्च करें। आपके सामने वेबसाइट की जानकारी आ जाएगी कि वेबसाइट कहां पर किस देश में रजिस्टर्ड है? कब रजिस्टर की गई? पता और फोन नंबर आदि अन्य जानकारियां आप देख पाएंगे।

कंपनी के नाम और लोगों पर गौर करें

कंपनी के नाम और लोगो पर गौर करें। कंपनी के नाम की स्पेलिंग चेक करें। कई बार प्रसिद्ध ब्रांड के नाम के अनुरुप नाम रख लिया जाता है और थोड़ा हेर-फेर करके लोगो भी वैसा ही बना लिया जाता है। इससे आप धोखा खा सकते हैं, आप समझेंगे कि आप एक प्रसिद्ध ब्रांड की सेवाएं ले रहे हैं जबकि वो कोई डुप्लिकेट हो सकता है।

कंपनी के डिस्कलेमर ज़रूर पढ़ें

कंपनी के नाम, लोगों, कलर स्कीम और मात्र शक्ल देखकर कोई निष्कर्ष ना निकालें बल्कि कंपनी का डिस्कलेमर भी पढ़ें। बहुत सारी कंपनियां अपने नाम के साथ नेशनल, इंडिया, केंद्रीय या किसी राज्य आदि का नाम जोड़ लेती है। तिरंगे कलर का इस्तेमाल अपने लोगो या वेबसाइट के होम पेज़ पर कर लेती हैं। ऐसा देखकर इन्हें सरकारी कंपनी या वेबसाइट मानने की भूल ना करें। उदाहरण के तौर online Legal India को कोई सरकारी समझ सकता है। क्योंकि नाम में इंडिया है और इनके लोगों में नारंगी और हरे रंग का इस्तेमाल किया गया है जो तिरंगे का आभास देता है। लेकिन ये सरकारी नहीं बल्की एक प्राइवेट कंपनी है।

लालच में न आएं

ये कंपनियां आपको लालच देती हैं और फंसाने की कोशिश करती हैं। उदाहरण के तौर पर कहेंगी कि आपके लिए ऑफर है, आपको कैशबैक मिलेगा, रेट बहुत कम बताए जाएंगे और आपको बार-बार फोन करके प्रेरित किया जाएगा और दबाव बनाया जाएगा कि आप ये मौके चूकिये मत। ऑनलाइन सेवाओं का दायरा बढ़ता जा रहा है। हैल्थ या कार बीमा से लेकर ट्रेड मार्क रजिस्ट्रेशन तक के लिए ऑनलाइन सेवाएं दी जा रही हैं। वो आपको लालच देते हैं कि आपका काम घर बैठे हो जाएगा। आप दफ़्तरों के चक्कर और कागज़ आदि तैयार करने की सिरदर्दी से बच जाएंगे। लेकिन जैसे ही आप हां करके भुगतान कर देते हैं उसके बाद कोई आपका फोन नहीं उठाता। इसलिये किसी भी लालच में ना आएं।

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार एवं ट्रेनर हैं। आप सरकारी योजनाओं से संबंधित दावों और वायरल संदेशों की पड़ताल भी करते हैं।)

online security
Online Services
Cyber Crimes
Cyber Security
digital platforms
Digitization

Related Stories

सावधान! कोरोना संकट के बीच साइबर क्राइम भी रफ्तार पकड़ रहा है!

लॉकडाउन में ऑनलाइन होना जितना अच्छा है, उतना ही रिस्की भी!

चाइल्ड पॉर्न का मामला भारत के लिए भी चुनौती बना

ट्विटर के सीईओ का अकाउंट हुआ हैक, आपत्तिजनक ट्वीट किए गए


बाकी खबरें

  • ibobi singh
    भाषा
    मणिपुर के लोग वर्तमान सरकार से ‘ऊब चुके हैं’ उन्हें बदलाव चाहिए: इबोबी सिंह
    23 Feb 2022
    पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता ओकराम इबोबी सिंह ने कहा "मणिपुर के लोग भाजपा से ऊब चुके हैं। वह खुलकर कह नहीं पा रहे। भाजपा झूठ बोल रही है और खोखले दावे कर रही है। उन्होंने अपने किसी भी वादे को…
  • तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव: बीजेपी के गढ़ पीलीभीत में इस बार असल मुद्दों पर हो रहा चुनाव, जाति-संप्रदाय पर नहीं बंटी जनता
    23 Feb 2022
    पीलीभीत (उत्तर प्रदेश): जैसा वायदा किया गया था, क्या किसानों की आय दोगुनी हो चुकी है? क्या लखीमपुर खीरी में नरसंहार के लिए किसानों को न्याय मिल गया है?
  • vaccine
    ऋचा चिंतन
    शीर्ष कोविड-19 वैक्सीन निर्माताओं ने गरीब देशों को निराश किया
    23 Feb 2022
    फ़ाइज़र, मोडेरना एवं जेएंडजे जैसे फार्मा दिग्गजों ने न तो विश्व स्वास्थ्य संगठन के कोवाक्स में ही अपना कोई योगदान दिया और न ही गरीब देशों को बड़ी संख्या में खुराक ही मुहैया कराई है।
  • vvpat
    एम.जी. देवसहायम
    चुनाव आयोग को चुनावी निष्ठा की रक्षा के लिहाज़ से सभी वीवीपीएटी पर्चियों की गणना ज़रूरी
    23 Feb 2022
    हर एक ईवीएम में एक वीवीपैट होता है, लेकिन मतों की गिनती और मतों को सत्यापित करने के लिए काग़ज़ की इन पर्चियों की गिनती नहीं की जाती है। यही वजह है कि लोग चुनावी नतीजों पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं।
  • CORONA
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 15 हज़ार से ज़्यादा नए मामले, 278 मरीज़ों की मौत
    23 Feb 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 15,102 नए मामले सामने आए हैं। देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 28 लाख 67 हज़ार 31 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License