NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
नज़रिया
समाज
हम भारत के लोग
भारत
राजनीति
हम भारत के लोग : इंडिया@75 और देश का बदलता माहौल
पुराने प्रतीकों की जगह नए प्रतीक चिह्न स्थापित किये जा रहे हैं। भारत की स्वतंत्रता के इतिहास को नया जामा पहनाने की कोशिश हो रही है।
अतुल चंद्रा
07 Feb 2022
hum bharat ke log

इंडिया@75 के नारे के साथ भारत की स्वाधीनता की 75वीं वर्षगाँठ मनाने की तैयारियां जोर-शोर से चल रहीं हैं। पुराने प्रतीकों की जगह नए प्रतीक चिह्न स्थापित किये जा रहे हैं। भारत की स्वतंत्रता के इतिहास को नया जामा पहनाने की कोशिश हो रही है। साथ ही, इंडिया@75 में कुछ लोगों में भय और आशंका का माहौल फैलता नज़र आ रहा है। कुछ संवैधानिक संस्थाओं को कमज़ोर करने के प्रयासों को लेकर एक चिंता भी है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आने के बाद लोकतंत्र के स्वरुप को लेकर भी देश में इस बात की बहस चल रही है कि क्या देश उदार लोकतंत्र के रूप में बचेगा या एक अनुदार लोकतंत्र बन जाएगा? क्या संकुचित विचार और नफरत ही इस देश का भविष्य है? आगे चलकर क्या धर्म संसद ही देश का भविष्य तय करेगी?

राजपथ का बदला स्वरूप, नया संसद भवन, अमर जवान ज्योति और और शहीदों की याद में बने स्मारक की ज्योति को मिश्रित करना, ऐतिहासिक जलियांवाला बाग़ का ऐसा “नवीनीकरण” जो 1919 में अंग्रेजों द्वारा किये गए बर्बर नरसंहार की क्रूरता के अंतिम चिह्नों को लगभग ख़त्म कर दे हमको इस बात का एहसास कराता है कि हम किस दिशा में जा रहे हैं।

सावरकर को महात्मा गाँधी के समकक्ष रखना और युवाओं को ये बताना कि नेहरू और नेताजी सुभाष चंद्र बोस एक दूसरे के विरोधी थे वास्तविकता का मज़ाक बनाना है।

न्यायालयों को कमज़ोर करने की कोशिश, सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय को एक हथियार की तरह विपक्ष की आवाज़ को दबाने के लिए इस्तेमाल किया जाना भी देश में लोकतंत्र की बिगड़ती स्थिति की ओर इंगित करते हैं।

इंडिया@75 में समाज का एक बड़ा वर्ग अनिश्चितता की हालत में है। सबका साथ, सबका विकास का नारा पूरी तरह से मुस्लिम समाज को आश्वस्त करने में सफल नहीं हुआ है क्योंकि इसी देश में संत समाज द्वारा मुसलमानों को नुकसान पहुँचाने का आह्वान इसीलिए किया जाता है ताकि देश सिर्फ हिन्दुओं का हो सके। मुस्लिम महिलाओं को ऑनलाइन नीलाम करने की ‘सुल्ली डील’ और ‘बुल्लीबाई’ जैसे घिनौने ऐप यह दर्शाते हैं कि इंडिया@75 में देश में ज़हर किस कदर और कितनी तेज़ी से फैल रहा है। ऐसी मानसिकता वाले लोगों के विरुद्ध कार्रवाई आसानी से नहीं होती। और सरकार भी इन हरकतों/बयानों का जल्दी संज्ञान भी नहीं लेतीं।

इस नफरती विचारधारा को तुरंत रोकना ज़रूरी है अन्यथा आगे चलकर न सिर्फ देश की प्रगति रुक जायेगी बल्कि अशांति के हालात पैदा हो जायेंगे।          

एक और बात जिसको लेकर राज्यों में रोष है वो है संघीय ढाँचे का क्षरण होना। भारत के संविधान ने दो-स्तरीय सत्ता प्रणाली को मान्यता दी है। एक राष्ट्रीय स्तर पर और दूसरी प्रांतीय स्तर पर। संविधान ने केंद्र और राज्यों के क्षेत्राधिकारों को विस्तार से परिभाषित किया है। दोनों अपने अधिकार क्षेत्र में एक दूसरे से स्वतंत्र होकर काम कर सकते हैं। इस आपसी संतुलन को बनाए रखना देश के हित में है। लेकिन इधर केंद्र ने कुछ ऐसे निर्णय लिए हैं जिनसे इस संतुलन के बिगड़ने का खतरा है।

इस खतरे के लिए मुख्यतः संविधान का 1976 में किया गया 42वां संशोधन ज़िम्मेदार है लेकिन इसका इस्तेमाल मौजूदा सरकार ने सबसे ज्यादा किया है। उदहारण के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति, जीएसटी, तीन कृषि क़ानून जिन्हें केंद्र को वापस लेना पड़ा, सभी राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आते थे लेकिन केंद्र ने उनकी अवहेलना की। राज्यों के अधिकारियों को सज़ा देने के उद्देश्य से बिना राज्य सरकार की अनुमति के केंद्र से अटैच करना भी इसका एक उदहारण है। इसका मिसाल बने पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव।    

कोविड महामारी के दौरान वैक्सीन वितरण को लेकर उठे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस चंद्रचूड़ को कहना पड़ा कि संविधान का अनुच्छेद 1 कहता है कि “भारत राज्यों का एक संघ है। जब संविधान ये कहता है तो हम संघ के नियम का पालन करते हैं। तब भारत सरकार को वैक्सीन खरीद कर राज्यों में वितरित करना है, कुछ राज्य अधर में हैं”।

राज्यों के अधिकार छीन कर केंद्र सरकार में केन्द्रित करना संघीय ढाँचे और लोकतंत्र दोनों के लिए ही खतरनाक है। विशेषकर तब, जब सरकार की कोई जवाबदेही ना हो।   

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं। विचार व्यक्तिगत हैं।)  

 

इसे भी पढ़ें : महज़ मतदाता रह गए हैं हम भारत के लोग

हम भारत के लोग: झूठी आज़ादी का गणतंत्र!

हम भारत के लोग : हम कहां-से-कहां पहुंच गये हैं

Hum Bharat Ke Log
Preamble of the Constitution of India
Indian constitution
Constitution of India
poverty
unemployment
Inflation
Modi government
Narendra modi
Amit Shah
Subhash chandra bose

Related Stories

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

ख़बरों के आगे-पीछे: मोदी और शी जिनपिंग के “निज़ी” रिश्तों से लेकर विदेशी कंपनियों के भारत छोड़ने तक

भारत को मध्ययुग में ले जाने का राष्ट्रीय अभियान चल रहा है!

यूपी में संघ-भाजपा की बदलती रणनीति : लोकतांत्रिक ताकतों की बढ़ती चुनौती

बात बोलेगी: मुंह को लगा नफ़रत का ख़ून

ख़बरों के आगे-पीछे: क्या अब दोबारा आ गया है LIC बेचने का वक्त?

ख़बरों के आगे-पीछे: भाजपा में नंबर दो की लड़ाई से लेकर दिल्ली के सरकारी बंगलों की राजनीति

ख़बरों के आगे-पीछे: गुजरात में मोदी के चुनावी प्रचार से लेकर यूपी में मायावती-भाजपा की दोस्ती पर..

17वीं लोकसभा की दो सालों की उपलब्धियां: एक भ्रामक दस्तावेज़

कार्टून क्लिक: चुनाव ख़तम-खेल शुरू...


बाकी खबरें

  • hunger crisis
    ऋत्विका मित्रा
    दिल्ली के गरीब भूखे और हताश हैं, उनके पेट में भूख की 'आग' जल रही है
    09 Dec 2021
    राशन कार्ड नहीं होने और दिल्ली सरकार की खाद्य सुरक्षा योजना में ख़ामियां होने से पीडीएस योजना के ग़ैर-लाभार्थी लोग भयंकर भुखमरी के शिकार बने हुए हैं।
  • Akhilesh Yadav
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    मेरठ: अखिलेश-जयंत की पहली संयुक्त रैली में उठा किसान आंदोलन, टीईटी पेपर लीक, लखीमपुर घटना का मुद्दा
    09 Dec 2021
    समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ मेरठ में हुई एक रैली को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय लोक दल (RLD) प्रमुख ने कहा कि भाजपा को अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में लोगों…
  • tasleem
    सबरंग इंडिया
    मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने चूड़ी विक्रेता तस्लीम अली को जमानत दी
    09 Dec 2021
    हेट क्राइम सर्वाइवर 115 दिनों से जेल में है; उसे भीड़ ने नाबालिग लड़की के साथ गलत व्यवहार करने का आरोप लगाकर पीटा था, लिंचिंग का वीडियो वायरल हो गया था
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 9,419 नए मामले, 159 मरीज़ों की मौत
    09 Dec 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 0.27 फ़ीसदी यानी 94 हज़ार 742 हो गयी है।
  • World Inequality Report
    अजय कुमार
    वर्ल्ड इनिक्वालिटी रिपोर्ट: देश और दुनिया का राजकाज लोगों की भलाई से भटक चुका है!
    09 Dec 2021
    10 फ़ीसदी सबसे अमीर लोगों की भारत की कुल आमदनी में हिस्सेदारी 57% की हो गई है। जबकि आजादी के पहले 10 फ़ीसदी सबसे अधिक अमीर लोगों की हिस्सेदारी कुल आमदनी में तकरीबन 50% की थी। यानी आजादी के बाद आर्थिक…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License