NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अंतरराष्ट्रीय
ह्यूमन राइट्स वॉच ने न्यायेतर हत्याओं की ख़तरनाक स्थिति को लेकर इजिप्ट पर प्रतिबंध लगाने की मांग की
मानवाधिकार समूह ने संयुक्त राष्ट्र से इजिप्ट में मानवाधिकारों की तेजी से ख़राब होती स्थिति का आकलन करने के लिए जांच और निगरानी तंत्र बनाने के लिए भी कहा है।
पीपल्स डिस्पैच
08 Sep 2021
ह्यूमन राइट्स वॉच ने न्यायेतर हत्याओं की ख़तरनाक स्थिति को लेकर इजिप्ट पर प्रतिबंध लगाने की मांग की

ह्यूमन राइट्स वॉच ने मंगलवार 7 सितंबर को एक नई रिपोर्ट में विरोधियों और आलोचकों को निशाना बनाने और मारने के लिए इजिप्ट सरकार के "न्यायेतर हत्या के दंड" के सिस्टेमेटिक इस्तेमाल की निंदा की। उसने राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सीसी सरकार पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को उस समय तक लागू करने की मांग की है जब तक यह अपने ही नागरिकों के खिलाफ मानवाधिकारों के हनन और उल्लंघन को नहीं रोकता है।

मानवाधिकार समूह ने कहा कि सरकार ने सुरक्षा बलों के साथ "गोलीबारी" में इन लोगों को मारने का दावा किया है। सरकार ने यह आरोप लगाया कि वे "सशस्त्र आतंकवादी" थे जिन्होंने सुरक्षा बलों के लिए खतरा पैदा किया था। हालांकि, यह पाया गया कि घटना स्थल की तस्वीर और अन्य सबूतों की जांच-पड़ताल करने पर यह 'गोलीबारी' के दावे के अनुरूप नहीं था।

इजिप्ट के आंतरिक मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़े और एचआरडब्ल्यू द्वारा विश्लेषण किए गए आंकड़े बताते हैं कि जनवरी 2015 और दिसंबर 2020 के बीच देश में 143 गोलीबारी में कम से कम 755 लोग मारे गए थे। हालांकि, आंतरिक मंत्रालय ने मारे गए 755 लोगों में से केवल 141 की ही पहचान की।

एचआरडब्ल्यू का दावा है कि परिवार के सदस्यों ने उन्हें बताया कि उनके रिश्तेदारों को जबरन गायब कर दिया गया था और उन्होंने अपने मारे गए रिश्तेदारों के शरीर पर जलने, कटने, टूटी हड्डियों, या टूटे हुए दांतों सहित दुर्व्यवहार और यातना पहुंचाने के निशान देखे हैं।

सभी परिवारों ने एचआरडब्ल्यू को बताया कि जब वे अपने रिश्तेदार के शव का पता लगाने की कोशिश कर रहे थे तब उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के हाथों उत्पीड़न और धमकी का सामना करना पड़ा और उनमें से सात परिवारों ने कहा कि सुरक्षा बलों द्वारा उन्हें बिना कोई अंतिम संस्कार या धार्मिक कार्यक्रम के जल्द दफनाने के लिए मजबूर किया गया था। एचआरडब्ल्यू ने पाया है कि अधिकारी इन कथित हत्याओं की गंभीर या सार्थक जांच करने में विफल रहे हैं।

अपनी रिपोर्ट के आधार पर एचआरडब्ल्यू ने पाया कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के अलावा अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से इजिप्ट के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों जैसे कि अमेरिका, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, यूरोपी "गंभीर मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार इजिप्ट के अधिकारियों की संपत्तियों और कंपनियों को" फ्रीज करना चाहिए। इसके अलावा यह अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से "इजिप्ट की सरकार को सभी सुरक्षा और सैन्य सहायता और हथियारों के हस्तांतरण को रोकने का आग्रह करता है। यह संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद द्वारा एक अंतरराष्ट्रीय निगरानी तंत्र की स्थापना के साथ-साथ सार्वभौमिक अधिकार-क्षेत्र सिद्धांतों के तहत गंभीर दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार इजिप्ट के अधिकारियों की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग करता है।

 

egypt
Extrajudicial Killings
Shootouts
Human Rights Watch
UN
US
canada
France

Related Stories

90 दिनों के युद्ध के बाद का क्या हैं यूक्रेन के हालात

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

उथल-पुथल: राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता से जूझता विश्व  

यूक्रेन में संघर्ष के चलते यूरोप में राजनीतिक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव 

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

सातवें साल भी लगातार बढ़ा वैश्विक सैन्य ख़र्च: SIPRI रिपोर्ट

फ्रांस में मैक्राँ की जीत से दुनियाभर में राहत की सांस

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने रूस को शीर्ष मानवाधिकार संस्था से निलंबित किया


बाकी खबरें

  • kandyadan
    रवि शंकर दुबे
    ''मैं दान की चीज़ नहीं आपकी बेटी हूं'’ कहकर IAS ने नकारी कन्यादान की रस्म
    18 Dec 2021
    समाज में समानता और सुधार के लिए एक IAS तपस्या ने अपनी शादी में कन्यादान की रस्म नहीं निभाकर एक सोशल मैसेज देने की कोशिश की है।
  • SP and PSP alliance
    असद रिज़वी
    यूपी चुनाव 2022 : सपा और प्रसपा गठबंधन के मायने
    18 Dec 2021
    आज के हालत में अखिलेश और शिवपाल दोनों के पास साथ आने के सिवा कोई विकल्प नहीं था। जिसके के लिए दो रस्ते थे, या तो शिवपाल की पार्टी का सपा में विलय हो जाये या दोनों का चुनाव पूर्व गठबंधन हो, ताकि कम से…
  • KR-Ramesh
    सोनिया यादव
    कर्नाटक: रेप जैसे गंभीर मामले को लेकर भद्दे मज़ाक के लिए क्या छह मिनट का माफ़ीनामा काफ़ी है?
    18 Dec 2021
    महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करने वाले ये नेता आए दिन अपनी अपनी फूहड़ बातों से महिलाओं की अस्मिता, मान-सम्मान को ठेस पहुंचा रहे हैं और दुख इस बात का है कि सब चुप-चाप तमाशा देख रहे हैं, हंस रहे हैं।
  • gig workers
    बी. सिवरामन
    गिग वर्कर्स के क़ानूनी सशक्तिकरण का वक़्त आ गया है
    18 Dec 2021
    गिग वर्कर ओला (OLA) या उबर (Uber) जैसी एग्रीगेटर फर्मों के लिए काम करने वाले टैक्सी ड्राइवर हैं। ज़ोमैटो (Zomato) या स्विगी (Swiggy) जैसी फूड होम डिलीवरी चेन के डिलीवरी वर्कर हैं।
  • army
    भाषा
    बुमला : हिमाचल के ऊंचे इलाकों में भारत-चीन आमने-सामने
    18 Dec 2021
    भारत और चीन के बीच बर्फ से ढकी सीमा, दो विशाल एशियाई पड़ोसियों के बीच बेहद कम प्रचलित सीमाओं में से एक, बुमला दर्रा सामरिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण क्षेत्र है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License