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दुनिया भर के मानवाधिकार तथा युद्ध-विरोधी समूहों का यूएई को हथियार बेचने पर विरोध
डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने संयुक्त अरब अमीरात के साथ इजरायल के साथ संबंधों के सामान्य करने के बदले यूएई को 23 बिलियन अमरीकी डॉलर के हथियार बेचने पर सहमति व्यक्त की है।
पीपल्स डिस्पैच
01 Dec 2020
F-35

मानवाधिकार समूहों तथा युद्ध-विरोधी समूहों ने सोमवार 30 नवंबर को जनता को जारी एक संयुक्त पत्र में ट्रम्प प्रशासन के यूएई को हथियार बेचने के फैसले पर अपना विरोध जताया है और यमन में युद्ध के लिए अमेरिका के सभी सहायता को तत्काल रोकने की मांग की है। डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने कांग्रेस को यूएई को 23 बिलियन अमेरिकी डॉलर के हथियारों की बिक्री के लिए जानकारी दी है।

इस पत्र एनजीओ के अंतरराष्ट्रीय समूह द्वारा संयोजित किया गया और दुनिया भर के 29 संगठनों द्वारा हस्ताक्षर किया गया। इसमें आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन, प्रोजेक्ट फॉर मिडिल ईस्ट डेमोक्रेसी और कायरो इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन राइट्स स्टडीज और अन्य संगठन शामिल हैं। ये पत्र अमेरिकी कांग्रेस और रक्षा मंत्रालय को भेजा जाएगा। बिक्री को रोकने के लिए कांग्रेस मतदान कर सकती है।

यूएई को हथियारों की बिक्री में कम से कम 50 एफ-35 फाइटर जेट बेचने का वादा शामिल है। इसका विरोध मानवाधिकार समूहों द्वारा यमन में यूएई के रिकॉर्ड के आधार पर और अन्य क्षेत्रीय युद्धों जैसे लीबिया में युद्ध के रिकॉर्ड के आधार पर किया गया है।

इस पत्र में कहा गया है कि ''यमन में सऊदी और अमिरात के नेतृत्व वाले गठबंधन बड़ी संख्या में लोगों के हताहतों के लिए जिम्मेदार है साथ-साथ स्कूलों, अस्पतालों, बाजारों और अन्य आवश्यक ढ़ांचों और सेवाओं के नष्ट होने से हुए व्यापक विस्थापन, भुखमरी और बीमारी के लिए भी जिम्मेदार है।” इसमें यूएई द्वारा लीबिया में संयुक्त राष्ट्र के हथियारों के उल्लंघन का भी हवाला दिया गया है जो कथित तौर पर खलीफा हफ़्तार सेनाओं को हथियार प्रदान करता है। हस्ताक्षरकर्ताओं ने डोनाल्ड ट्रम्प और नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन दोनों को संयुक्त अरब अमीरात के साथ सभी सैन्य सहयोग को समाप्त करने और यमन में युद्ध के लिए अमेरिकी सहायता को समाप्त करने के लिए कहा है।

ट्रम्प प्रशासन ने सितंबर में बहरीन के साथ साथ इज़रायल के साथ "अब्राहम समझौते" नामक अमेरिकी प्रायोजित "नॉर्मलाइजेशन डील" पर हस्ताक्षर करने के बाद यूएई को हथियार बेचने पर सहमति व्यक्त की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और यूएई 2 दिसंबर को हथियारों की बिक्री के सौदे पर मुहर लगाने की उम्मीद कर रहे हैं। ये दिन संयुक्त अरब अमीरात का राष्ट्रीय दिवस है।

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Human Rights
Human rights and anti-war groups
Donand Trump
Joe Biden

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