NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
दुनिया भर के मानवाधिकार तथा युद्ध-विरोधी समूहों का यूएई को हथियार बेचने पर विरोध
डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने संयुक्त अरब अमीरात के साथ इजरायल के साथ संबंधों के सामान्य करने के बदले यूएई को 23 बिलियन अमरीकी डॉलर के हथियार बेचने पर सहमति व्यक्त की है।
पीपल्स डिस्पैच
01 Dec 2020
F-35

मानवाधिकार समूहों तथा युद्ध-विरोधी समूहों ने सोमवार 30 नवंबर को जनता को जारी एक संयुक्त पत्र में ट्रम्प प्रशासन के यूएई को हथियार बेचने के फैसले पर अपना विरोध जताया है और यमन में युद्ध के लिए अमेरिका के सभी सहायता को तत्काल रोकने की मांग की है। डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने कांग्रेस को यूएई को 23 बिलियन अमेरिकी डॉलर के हथियारों की बिक्री के लिए जानकारी दी है।

इस पत्र एनजीओ के अंतरराष्ट्रीय समूह द्वारा संयोजित किया गया और दुनिया भर के 29 संगठनों द्वारा हस्ताक्षर किया गया। इसमें आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन, प्रोजेक्ट फॉर मिडिल ईस्ट डेमोक्रेसी और कायरो इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन राइट्स स्टडीज और अन्य संगठन शामिल हैं। ये पत्र अमेरिकी कांग्रेस और रक्षा मंत्रालय को भेजा जाएगा। बिक्री को रोकने के लिए कांग्रेस मतदान कर सकती है।

यूएई को हथियारों की बिक्री में कम से कम 50 एफ-35 फाइटर जेट बेचने का वादा शामिल है। इसका विरोध मानवाधिकार समूहों द्वारा यमन में यूएई के रिकॉर्ड के आधार पर और अन्य क्षेत्रीय युद्धों जैसे लीबिया में युद्ध के रिकॉर्ड के आधार पर किया गया है।

इस पत्र में कहा गया है कि ''यमन में सऊदी और अमिरात के नेतृत्व वाले गठबंधन बड़ी संख्या में लोगों के हताहतों के लिए जिम्मेदार है साथ-साथ स्कूलों, अस्पतालों, बाजारों और अन्य आवश्यक ढ़ांचों और सेवाओं के नष्ट होने से हुए व्यापक विस्थापन, भुखमरी और बीमारी के लिए भी जिम्मेदार है।” इसमें यूएई द्वारा लीबिया में संयुक्त राष्ट्र के हथियारों के उल्लंघन का भी हवाला दिया गया है जो कथित तौर पर खलीफा हफ़्तार सेनाओं को हथियार प्रदान करता है। हस्ताक्षरकर्ताओं ने डोनाल्ड ट्रम्प और नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन दोनों को संयुक्त अरब अमीरात के साथ सभी सैन्य सहयोग को समाप्त करने और यमन में युद्ध के लिए अमेरिकी सहायता को समाप्त करने के लिए कहा है।

ट्रम्प प्रशासन ने सितंबर में बहरीन के साथ साथ इज़रायल के साथ "अब्राहम समझौते" नामक अमेरिकी प्रायोजित "नॉर्मलाइजेशन डील" पर हस्ताक्षर करने के बाद यूएई को हथियार बेचने पर सहमति व्यक्त की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और यूएई 2 दिसंबर को हथियारों की बिक्री के सौदे पर मुहर लगाने की उम्मीद कर रहे हैं। ये दिन संयुक्त अरब अमीरात का राष्ट्रीय दिवस है।

UAE
Human Rights
Human rights and anti-war groups
Donand Trump
Joe Biden

Related Stories

बाइडेन ने यूक्रेन पर अपने नैरेटिव में किया बदलाव

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

खाड़ी में पुरानी रणनीतियों की ओर लौट रहा बाइडन प्रशासन

जलवायु परिवर्तन : हम मुनाफ़े के लिए ज़िंदगी कुर्बान कर रहे हैं

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

गर्भपात प्रतिबंध पर सुप्रीम कोर्ट के लीक हुए ड्राफ़्ट से अमेरिका में आया भूचाल

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

एनआईए स्टेन स्वामी की प्रतिष्ठा या लोगों के दिलों में उनकी जगह को धूमिल नहीं कर सकती

नाटो देशों ने यूक्रेन को और हथियारों की आपूर्ति के लिए कसी कमर

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन


बाकी खबरें

  • Asha Usha workers
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मध्य प्रदेश : आशा ऊषा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन से पहले पुलिस ने किया यूनियन नेताओं को गिरफ़्तार
    07 Mar 2022
    मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने शिवराज सरकार की बढ़ती 'तानाशाही' की निंदा करते हुए कहा, "शिवराज सरकार मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनितिक दल के कार्यालय में ही पुलिस को बिना आदेश ही नहीं घुसा रही है,…
  • Syrian refugees
    सोनाली कोल्हटकर
    क्यों हम सभी शरणार्थियों को यूक्रेनी शरणार्थियों की तरह नहीं मानते?
    07 Mar 2022
    अफ़ग़ानिस्तान, इराक़, सीरिया, सोमालिया, यमन और दूसरी जगह के शरणार्थियों के साथ यूरोप में नस्लीय भेदभाव और दुर्व्यवहार किया जाता रहा है। यूक्रेन का शरणार्थी संकट पश्चिम का दोहरा रवैया प्रदर्शित कर रहा…
  • air pollution
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हवा में ज़हर घोल रहे लखनऊ के दस हॉटस्पॉट, रोकने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तैयार किया एक्शन प्लान
    07 Mar 2022
    वायु गुणवत्ता सूचकांक की बात करें तो उत्तर प्रदेश के ज्यादातर शहर अब भी प्रदूषण के मामले में शीर्ष स्थान पर हैं। इन शहरों में लखनऊ, कानपुर और गाजियाबाद जैसे बड़े शहर प्रमुख हैं।
  • Chaudhary Charan Singh University
    महेश कुमार
    मेरठ: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के भर्ती विज्ञापन में आरक्षण का नहीं कोई ज़िक्र, राज्यपाल ने किया जवाब तलब
    07 Mar 2022
    मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में सेल्फ फाइनेंस कोर्स के लिए सहायक शिक्षक और सहआचार्य के 72 पदों पर भर्ती के लिए एक विज्ञापन निकाला था। लेकिन विज्ञापित की गई इन भर्तियों में दलितों, पिछड़ों और…
  • shimla
    टिकेंदर सिंह पंवार
    गैर-स्टार्टर स्मार्ट सिटी में शहरों में शिमला कोई अपवाद नहीं है
    07 Mar 2022
    स्मार्ट सिटी परियोजनाएं एक बड़ी विफलता हैं, और यहां तक कि अब सरकार भी इसे महसूस करने लगी है। इसीलिए कभी खूब जोर-शोर से शुरू की गई इस योजना का नए केंद्रीय बजट में शायद ही कोई उल्लेख किया गया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License