NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
गाज़ा में नाकाबंदी समाप्त करने की मांग कर रहे सैकड़ों फ़िलीस्तीनी इज़रायली हमलों में घायल
शनिवार को इसी तरह के विरोध प्रदर्शन पर इज़रायल के हमले के बाद बुधवार को प्रदर्शन किया गया था जिसमें एक फ़िलिस्तीनी की मौत हो गई थी और एक 13 साल के बच्चे सहित कई अन्य घायल हो गए थे।
पीपल्स डिस्पैच
26 Aug 2021
गाज़ा में नाकाबंदी समाप्त करने की मांग कर रहे सैकड़ों फ़िलीस्तीनी इज़रायली हमलों में घायल

इजरायली सेना ने बुधवार 25 अगस्त को गाजा के कब्जे वाले फिलीस्तीनी क्षेत्र के साथ अपनी सीमाओं पर विरोध कर रहे सैकड़ों फिलिस्तीनियों को तितर-बितर करने के लिए भारी बल का इस्तेमाल किया। दक्षिणी गाजा में फिलिस्तीनी इजरायल की नाकाबंदी को समाप्त करने की मांग करते हुए खास यूनिस के पास इजरायल की सीमाओं के पास इकट्ठा हुए थे।

इज़रायल ने 2006 से गाजा पर सख्त भूमि, समुद्र और हवाई नाकाबंदी लगाई है जिससे दुनिया के सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में से एक इस क्षेत्र के दो मिलियन से अधिक निवासियों को रोजमर्रा की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इन परेशानियों ने संयुक्त राष्ट्र को इसे "दुनिया की सबसे बड़ी खुली हवा वाला जेल" कहने को मजबूर कर दिया।

इजरायली सेना ने स्वीकार किया कि उसने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे और गोलियां चलाई। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, प्रदर्शनकारियों पर इजरायल के हमलों में कम से कम 14 फिलिस्तीनी घायल हो गए। इन चौदह घायलों में से पांच लोग गोलियों से घायल हुए हैं।

शनिवार को इसी तरह के विरोध प्रदर्शनों पर इजरायल के हमले के बाद बुधवार को विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। शनिवार के विरोध प्रदर्शन के दौरान इजरायली बलों ने दमनात्मक कार्रवाई करते हुए कम से कम 40 फिलिस्तीनियों को गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिसमें एक 13 साल का लड़का भी शामिल था। इस लड़के के सिर में गोली लगी थी और वह अभी भी गंभीर है। ओसामा दूजी नाम के एक और 32 वर्षीय प्रदर्शनकारी जिसे हमास ने अपना सदस्य होने का दावा किया था उसकी बुधवार को एक अस्पताल में मौत हो गई।

इस नाकाबंदी ने बढ़ती गरीबी और बेरोजगारी के साथ साथ गाजा की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया। पिछले साल यूएनसीएटीडी की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस नाकाबंदी में गाजा को 16.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान हुआ जो कि इसकी कुल अर्थव्यवस्था का कम से कम छह गुना है। इसमें कहा गया है कि गाजा में बेरोजगारी दर लगभग 50% है और इसकी आधी से अधिक आबादी जो गरीबी में जीने को मजबूर हैं वे जीवित रहने के लिए सहायता पर निर्भर हैं।

इस क्षेत्र के अंदर बार-बार इजरायल के हवाई हमलों ने नागरिक बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया है जिससे बड़ी संख्या में गाज़ावासी अस्थायी आश्रयों में रहने के लिए मजबूर हो गए हैं। बिजली और पानी की आपूर्ति और स्वच्छता जैसी सार्वजनिक सुविधाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं और कुछ क्षेत्रों में कई दिनों से बिजली नहीं है।

मई में गाजा के अंदर हालिया 11 दिनों के इजरायली हमले में करीब 250 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई और लगभग 2,000 लोग घायल हो गए और हजारों लोग इजरायली हमलावरों द्वारा नागरिक आवासीय क्षेत्रों को जानबूझकर निशाना बनाने के कारण बेघर हो गए। इज़रायल का दावा है कि उन क्षेत्रों का उपयोग हमास द्वारा इज़रायल के खिलाफ आक्रामक अभियानों के लिए किया जाता है, जिसे हमास ने इनकार किया है और नागरिक बुनियादी ढांचे पर इजरायली बमबारी को "सामूहिक दंड" की कार्रवाई करार दिया है।

Gaza
Israel
Palestine

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • women in politics
    तृप्ता नारंग
    पंजाब की सियासत में महिलाएं आहिस्ता-आहिस्ता अपनी जगह बना रही हैं 
    31 Jan 2022
    जानकारों का मानना है कि अगर राजनीतिक दल महिला उम्मीदवारों को टिकट भी देते हैं, तो वे अपने परिवारों और समुदायों के समर्थन की कमी के कारण पीछे हट जाती हैं।
  • Indian Economy
    प्रभात पटनायक
    बजट की पूर्व-संध्या पर अर्थव्यवस्था की हालत
    31 Jan 2022
    इस समय ज़रूरत है, सरकार के ख़र्चे में बढ़ोतरी की। यह बढ़ोतरी मेहनतकश जनता के हाथों में सरकार की ओर से हस्तांतरण के रूप में होनी चाहिए और सार्वजनिक शिक्षा व सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए हस्तांतरणों से…
  • Collective Security
    जॉन पी. रुएहल
    यह वक्त रूसी सैन्य गठबंधन को गंभीरता से लेने का क्यों है?
    31 Jan 2022
    कज़ाकिस्तान में सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (CSTO) का हस्तक्षेप क्षेत्रीय और दुनिया भर में बहुराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बदलाव का प्रतीक है।
  • strike
    रौनक छाबड़ा
    समझिए: क्या है नई श्रम संहिता, जिसे लाने का विचार कर रही है सरकार, क्यों हो रहा है विरोध
    31 Jan 2022
    श्रम संहिताओं पर हालिया विमर्श यह साफ़ करता है कि केंद्र सरकार अपनी मूल स्थिति से पलायन कर चुकी है। लेकिन इस पलायन का मज़दूर संघों के लिए क्या मतलब है, आइए जानने की कोशिश करते हैं। हालांकि उन्होंने…
  • mexico
    तान्या वाधवा
    पत्रकारों की हो रही हत्याओंं को लेकर मेक्सिको में आक्रोश
    31 Jan 2022
    तीन पत्रकारों की हत्या के बाद भड़की हिंसा और अपराधियों को सज़ा देने की मांग करते हुए मेक्सिको के 65 शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये हैं। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License