NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
1 दिसम्बर को हैदराबाद में होने जा रहे स्थानीय चुनावों में महामारी, बाढ़ प्रबंधन हैं अहम मुद्दे  
पिछले 2016 के जीएचएमसी चुनावों में सत्तारूढ़ टीआरएस ने 99 वार्डों में जीत दर्ज करने में कामयाबी हासिल की थी, जबकि एआईएमआईएम को 44 वार्डों पर जीत हासिल करने में कामयाबी मिली थी। बीजेपी ने चार वार्ड जीते थे, जबकि कांग्रेस को दो और टीडीपी के खाते में एक सीट दर्ज हुई थी।
पृथ्वीराज रूपावत
19 Nov 2020
 हैदराबाद
फोटो: मात्र प्रतिनिधित्व हेतु

हैदराबाद: तेलंगाना राज्य निर्वाचन आयोग ने मंगलवार, 17 नवंबर के दिन वृहद हैदराबाद नगर निगम के लिए चुनाव कार्यक्रम की अधिसूचना जारी कर दी है, जिसमें मतदान की तिथि 1 दिसंबर और चुनाव परिणाम 4 दिसंबर के दिन घोषित कर दिए जायेंगे। अब जबकि चुनावी प्रक्रिया के लिए मात्र दो सप्ताह का ही समय बचा हुआ है, ऐसे में तमाम राजनीतिक दल राज्य की राजधानी में अपनी चुनावी ताकत को साबित करने के लिए कमर कस रहे हैं।

राज्य निर्वाचन आयुक्त सी पार्थसारथी ने इस विषय में अधिसूचना जारी करते हुए कहा है कि नए जीएचएमसी अधिनियम के अनुसार राज्य सरकार के साथ परामर्श के बाद जाकर इस चुनावी कार्यक्रम को जारी किया गया है।

पर्यवेक्षकों का अनुमान है कि इन चुनावों में मुख्य मुद्दों के तौर पर निरंतर जारी कोरोनावायरस महामारी से निपटने में सरकार के प्रदर्शन, जीएचएमसी में विकास कार्यक्रमों में मौजूदा सभासदों की भूमिका, गरीब वर्गों के लिए पानी और समुचित आवासीय सुविधाओं जैसे अन्य मुद्दे होने जा रहे हैं।

इन चुनावों में कुल 74,04,770 मतदाता भाग लेने जा रहे हैं, जिनमें 38,56,770 पुरुष, 35,46,847 महिलाएं एवं 669 ट्रांसजेंडर श्रेणियों से होंगे। जीएचएमसी में यह मतदान इसके 24 विधानसभा क्षेत्रों के कुल 150 वार्डों या प्रखंडों में होने जा रहा है।

पिछले 2016 के चुनावों में सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ने 99 वार्डों में जीत दर्ज की थी, जबकि 2009 के चुनावों में उसे एक भी सीट हासिल नहीं हुई थी। वहीँ आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) 44 वार्डों जीत हासिल करने में कामयाब रहा था। भारतीय जनता पार्टी को चार वार्डों में जीत हासिल हुई थी जबकि दो पर कांग्रेस और एक सीट तेलगु देशम पार्टी (टीडीपी) के खाते में गई थी। बाद में जाकर टीडीपी सभासद सत्ताधारी टीआरएस में शामिल हो गया था।

2016 के चुनावों में टीडीपी और बीजेपी ने गठबंधन के तहत सीटें साझा कर चुनाव लड़ा था।

नीचे दी गई तालिका में दर्शाया गया है कि 2014 और 2018 के चुनावों में जीएचएमसी के अंतर्गत आने वाले 24 विधानसभा क्षेत्रों में विभिन्न राजनीतिक दलों का प्रदर्शन किस प्रकार रहा था।

टीआरएस और एआईएमआईएम के लिए जहाँ अपनी सीटों को बचाए रखना महत्वपूर्ण होगा, वहीँ बीजेपी दावा कर रही है कि उसने राज्य की राजधानी में अपने आधार का विस्तार किया है जबकि कांग्रेस अपनी पुनर्वापसी की ओर निगाहें जमाये हुए है। अब चूँकि टीडीपी के प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं में से कईयों ने पाला बदलकर टीआरएस और बीजेपी में शामिल हो चुके हैं, और इस बात को ध्यान में रखते हुए कि आंध्रप्रदेश के विभाजन के बाद से तेलंगाना की राजनीति में इसकी भूमिका बेहद मामूली रहने वाली है, इसके पिछले वोट बैंक के अन्य दलों में खिसक जाने की उम्मीद है।  

बीजेपी ने जीएचएमसी चुनावों में अपने राष्ट्रीय सचिव भूपेन्द्र यादव को चुनाव प्रभारी के तौर पर नियुक्त किया है। इसके नेताओं का कहना है कि वे इस बारे में आश्वस्त हैं कि हाल ही में हुए डुब्बक उप-चुनाव के समान ही उनका प्रदर्शन यहाँ पर भी अच्छा रहने वाला है, जहाँ उनके उम्मीदवार रघुनंदन ने टीआरएस को 1,000 से अधिक मतों से हराकर जीत दर्ज की थी।

वहीँ दूसरी ओर कांग्रेस, जिसकी जीएचएमसी में लंबे अर्से तक अच्छी-खासी मौजूदगी रहा करती थी, ने इस बात का दावा किया है कि वह इन अहम चुनावों के जरिये पार्टी को पुनर्जीवित करने जा रही है।

सीपीआई (एम) के नरसिंहा राव के अनुसार वाम दलों में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) और सीपीआई (एम) ने चुनिन्दा क्षेत्रों में एकजुट होकर लड़ने का फैसला लिया है। इन दलों और इनसे सम्बद्ध जन संगठनों की हैदराबाद में बड़े पैमाने पर सदस्य संख्या है।

जीएचएमसी में आई हालिया बाढ़ और बाद में चलाए गये राहत अभियानों को लेकर जहाँ विपक्षी पार्टियों द्वारा आलोचना की जा रही है, वहीँ टीआरएस के नेतृत्व वाली सरकार ने बाढ़ से प्रभावित परिवारों में से प्रत्येक परिवार को 10,000 रूपये राहत के तौर पर दिए जाने की घोषणा की है। इस मद में से 470 करोड़ रुपये की धनराशि पहले ही वितरित की जा चुकी है, और जिन लोगों को यह राशि अभी तक हासिल नहीं हो सकी है, उन्हें सरकार अब मी सेवा केन्द्रों पर आवेदन के लिए कह रही है।

जीएचएमसी चुनावों के नतीजों को राज्य के जनादेश को प्रकट करने के तौर पर माना जाता है क्योंकि राज्य के सभी हिस्सों के लोग यहाँ पर आकर बसे हुए हैं।

अंग्रेजी में प्रकाशित मूल लेख पढ़ने  के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

Hyderabad Local Polls on Dec 1: Pandemic, Floods Management Crucial Issues

Telangana
GHMC
Hyderabad Elections
GHMC 2020
COVID-19
TRS
BJP
Congress
Greater Hyderabad Municipal Corporation
Hyderabad Floods

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • sbi
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    DCW का SBI को नोटिस, गर्भवती महिलाओं से संबंधित रोजगार दिशा-निर्देश वापस लेने की मांग
    29 Jan 2022
    एसबीआई ने नयी भर्तियों या पदोन्नत लोगों के लिए अपने नवीनतम मेडिकल फिटनेस दिशानिर्देशों में कहा कि तीन महीने से अधिक अवधि की गर्भवती महिला उम्मीदवारों को ‘‘अस्थायी रूप से अयोग्य’’ माना जाएगा।
  • Yogi
    रश्मि सहगल
    यूपी चुनाव: पिछले 5 साल के वे मुद्दे, जो योगी सरकार को पलट सकते हैं! 
    29 Jan 2022
    यूपी की जनता में इस सरकार का एक अजीब ही डर का माहौल है, लोग डर के मारे खुलकर अपना मत ज़ाहिर नहीं कर रहे हैं लेकिन अंदर ही अंदर एक अलग ही लहर जन्म ले रही है, जो दिखाई नहीं देती। 
  • Pegasus
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    पेगासस मामले में नया खुलासा, सीधे प्रधानमंत्री कठघरे में, कांग्रेस हुई हमलावर
    29 Jan 2022
    अमेरिकी समाचार पत्र ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की खबर के अनुसार, 2017 में भारत और इजराइल के बीच हुए लगभग दो अरब डॉलर के अत्याधुनिक हथियारों एवं खुफिया उपकरणों के सौदे में पेगासस स्पाईवेयर तथा एक मिसाइल…
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: कैसे करेंगे चुनाव प्रचार? जब बागों में ही नहीं है कोई बहार! 
    29 Jan 2022
    बिहार चुनाव होते हैं तो नीतीश बाबू अपने 15 साल के शासन को भुलाकर लालू-राबड़ी की सरकार को कोसते रहते हैं, लेकिन यूपी में किसको कोसेंगे? यहाँ तो उनके ही भाई-बंधुओं की सरकार है।
  • potato farming UP
    तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव: आलू की कीमतों में भारी गिरावट ने उत्तर प्रदेश के किसानों की बढ़ाईं मुश्किलें
    29 Jan 2022
    ख़राब मौसम और फसल की बीमारियों के बावजूद, यूपी की आलू बेल्ट में किसानों ने ऊंचे दामों की चाह में आलू की अच्छी पैदावार की है। हालांकि, मौजूदा खुदाई के मौसम में गिरती कीमतों ने उनकी उम्मीदों पर पानी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License