NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में चिदंबरम जमानत के लिए पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
तिहाड़ जेल में बंद पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम इस समय न्यायिक हिरासत में हैं और दिल्ली हाई कोर्ट ने 30 सितंबर को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
03 Oct 2019
chitambaram
Image courtesy:News State

नई दिल्ली: आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में तिहाड़ जेल में बंद पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने जमानत के लिए गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। न्यायमूर्ति एन वी रमणा, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने इस मामले का उल्लेख करते हुये शीघ्र सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया।

पीठ ने कहा कि चिदंबरम की याचिका सूचीबद्ध करने के संबंध में निर्णय के लिए याचिका प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के पास भेजी जायेगी। चिदंबरम इस समय न्यायिक हिरासत में हैं और दिल्ली उच्च न्यायालय ने 30 सितंबर को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। उच्च न्यायालय ने याचिका खारिज करते हुये कहा था कि वह इस मामले की जांच अग्रिम दौर में है और उनके द्वारा गवाहों को प्रभावित करने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

यही नहीं, उच्च न्यायालय ने जमानत याचिका खारिज करते हुए अपने फैसले में यह भी कहा था कि यदि इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि यदि चिदंबरम के खिलाफ मामला साबित हो गया तो यह समाज, अर्थव्यवस्था, वित्तीय स्थिरता और देश की अखंडता के साथ अपराध होगा।

अदालत ने कहा था कि हालांकि चिदंबरम द्वारा साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की गुंजाइश नहीं है लेकिन जमानत पर रिहा होने की स्थिति में निश्चित ही वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। अदालत ने विशेष अदालत द्वारा उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने के निर्णय को सही ठहराया था।

केंद्रीय जांच ब्यूरो ने 74 वर्षीय चिदंबरम को 21 अगस्त को गिरफ्तार किया था। अदालत ने यह भी कहा था कि चिदंबरम देश के एक ताकतवर वित्त मंत्री और गृह मंत्री रह चुके हैं और इस समय राज्य सभा के सदस्य हैं।

चिदंबरम के जहां तक देश छोड़कर भागने के जोखिम का सवाल है तो इसके लिये उन्हें पासपोर्ट जमा कराने, उनके लिये लुक आउट नोटिस जारी करने और अदालत की अनुमति के बगैर देश से बाहर नहीं जाने जैसी शर्तें लगायी जा सकती हैं।

अदालत ने यह भी कहा था कि पेश सामग्री से ऐसा लगता है कि विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड इकाई ने 4.62 करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिये प्रस्ताव तैयार किया था और आईएनएक्स मीडिया को मंजूरी देते समय इसे पारित कर दिया गया था।

अदालत ने इस तथ्य का भी उल्लेख किया कि 4.62 करोड़ रुपये के बजाय आईएनएक्स मीडिया बगैर किसी मंजूरी के 403 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश लाया। संप्रग सरकार के कार्यकाल में 2004-14 के दौरान चिदंबरम वित्त मंत्री और गृह मंत्री थे।
 
सीबीआई ने 2007 में बतौर वित्त मंत्री चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान आईएनएक्स मीडिया समूह को विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड द्वारा 305 करोड़ रुपये के निवेश की मंजूरी दिये जाने में कथित अनियमितताओं को लेकर 15 मई, 2017 को एक प्राथमिकी दर्ज की गयी थी।

इसके बाद, प्रवर्तन निदेशालय ने भी इस प्रकरण में धन शोधन का मामला दर्ज किया था। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि सीबीआई द्वारा सीलबंद लिफाफे में पेश दस्तावेजों के अनुसार जांच के दौरान पता चला है कि आईएनएक्स मीडिया के पूर्व प्रमोटर पीटर मुखर्जी ने विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड में आवेदन दायर करने से पहले चिदंबरम से कथित रूप से मुलाकात की थी और उन्होंने बोर्ड की मंजूरी का आश्वासन देते हुये इसके बदले अपने पुत्र कार्ति चिदंबरम के ‘व्यापारिक हितों’ का ध्यान रखने का निर्देश दिया था।

देश में आजादी, समानता और भाईचारा कहां हैं: चिदंबरम

आईएनक्स मीडिया मामले में गिरफ्तार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने बृहस्पतिवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि इस समय देश में आजादी, समानता और भाईचारा कहां है।

तिहाड़ जेल में बंद चिदंबरम की तरफ से उनके परिवार ने ट्विटर पर यह टिप्पणी पोस्ट की।उन्होंने कहा, ‘जैसा कि हम महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के साल भर चलने वाले जश्न की शुरुआत कर रहे हैं, हमें यह सवाल पूछना होगा कि आजादी, समानता और भाईचारा कहाँ है?’

चिदंबरम ने दावा किया, ‘भाईचारा पूरी तरह से मर गया है। जातिवाद और कट्टरता हावी होती दिख रही है। समानता एक दूर का सपना है। सभी साक्ष्य भारतीयों में बढ़ती असमानता की ओर इशारा करते हैं।’

उन्होंने कहा, ‘आजादी एक कमजोर दीपक की तरह धीमी लौ में जल रही है। क्या यह प्रज्वलित होगी या बूझ जाएगी, केवल समय ही बता सकता है।’

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

INX Media
P. Chidambaram
Supreme Court
CBI
BJP
Congress

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • sever
    रवि शंकर दुबे
    यूपी: सफ़ाईकर्मियों की मौत का ज़िम्मेदार कौन? पिछले तीन साल में 54 मौतें
    06 Apr 2022
    आधुनिकता के इस दौर में, सख़्त क़ानून के बावजूद आज भी सीवर सफ़ाई के लिए एक मज़दूर ही सीवर में उतरता है। कई बार इसका ख़ामियाज़ा उसे अपनी मौत से चुकाना पड़ता है।
  • सोनिया यादव
    इतनी औरतों की जान लेने वाला दहेज, नर्सिंग की किताब में फायदेमंद कैसे हो सकता है?
    06 Apr 2022
    हमारे देश में दहेज लेना या देना कानूनन अपराध है, बावजूद इसके दहेज के लिए हिंसा के मामले हमारे देश में कम नहीं हैं। लालच में अंधे लोग कई बार शोषण-उत्पीड़न से आगे बढ़कर लड़की की जान तक ले लेते हैं।
  • पटनाः डीजल-पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ ऑटो चालकों की हड़ताल
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पटनाः डीजल-पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ ऑटो चालकों की हड़ताल
    06 Apr 2022
    डीजल और पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के बाद ऑटो चालकों ने दो दिनों की हड़ताल शुरु कर दी है। वे बिहार सरकार से फिलहाल प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहे हैं।
  • medicine
    ऋचा चिंतन
    दवा के दामों में वृद्धि लोगों को बुरी तरह आहत करेगी – दवा मूल्य निर्धारण एवं उत्पादन नीति को पुनर्निर्देशित करने की आवश्यता है
    06 Apr 2022
    आवश्यक दवाओं के अधिकतम मूल्य में 10.8% की वृद्धि आम लोगों पर प्रतिकूल असर डालेगी। कार्यकर्ताओं ने इन बढ़ी हुई कीमतों को वापस लेने और सार्वजनिक क्षेत्र के दवा उद्योग को सुदृढ़ बनाने और एक तर्कसंगत मूल्य…
  • wildfire
    स्टुअर्ट ब्राउन
    आईपीसीसी: 2030 तक दुनिया को उत्सर्जन को कम करना होगा
    06 Apr 2022
    संयुक्त राष्ट्र की नवीनतम जलवायु रिपोर्ट कहती है कि यदि​ ​हम​​ विनाशकारी ग्लोबल वार्मिंग को टालना चाहते हैं, तो हमें स्थायी रूप से कम कार्बन का उत्सर्जन करने वाले ऊर्जा-विकल्पों की तरफ तेजी से बढ़ना…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License