NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अवैध इज़रायली बस्ती के लोगों ने एक अन्य फ़िलिस्तीनी युवक की हत्या की
37 वर्षीय अब्दुल फत्ताह ओबेइयात दो बच्चों का पिता था। उसका शव उसके रिश्तेदारों ने अवैध गिलो बस्ती की एक इमारत में पाया था।
पीपल्स डिस्पैच
17 Dec 2020
वैध इज़रायली बस्ती के लोगों ने एक अन्य फ़िलिस्तीनी युवक की हत्या की

क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में फिलिस्तीनियों के खिलाफ हिंसा बेरोकटोक जारी है। बुधवार 16 दिसंबर को क़ब्ज़े वाले पूर्वी येरुशेलम में गिलो की अवैध बस्ती में एक और फिलिस्तीनी व्यक्ति को इजरायली वासियों ने मार डाला। कुद्स न्यूज नेटवर्क द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार 37 वर्षीय अब्दुल-फत्ताह ओबेइयात नाम के व्यक्ति की अवैध बस्ती में काम करने के दौरान पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।

उसका शव उसके रिश्तेदारों ने बाद में बस्ती के एक भवन में पाया और उसके पूरे शरीर पर कटे के निशान थे।

ओबेइयात शादीशुदा था और उसके दो बच्चे हैं। वह आजीविका के लिए दूसरा काम न होने के चलते एक अवैध बस्ती में काम कर रहा था।

इजरायली सुरक्षा बलों की भारी मौजूदगी में सुरक्षित इजरायल के अवैध निवासी अक्सर वेस्ट बैंक और पूर्वी येरुशेलम के कब्जे वाले इलाकों में फिलिस्तीनियों पर हमला करते हैं और उन्हें मार डालते हैं। इस बस्ती के लोग इन गांवों को खाली करने के लिए डराने के लिए उनके धार्मिक स्थानों को नष्ट करने के अलावा फिलिस्तीनी खेतों और आजीविका के अन्य साधनों को नष्ट करते हैं।

बुधवार को ही इज़रायली बस्तियों के लोगों ने फिलिस्तीनी चरवाहों पर उस समय हमला किया और उनका पीछा किया जब वे दक्षिणी वेस्ट बैंक में बेथलहम के पास एक गांव में अपने मवेशियों को चरा रहे थे। वफ़ा न्यूज एजेंसी ने प्रकाशित किया कि इन लोगों ने फिलिस्तीनी ग्रामीणों के कई भेड़ों को घायल कर दिया।

अधिकांश मामलों में ऐसे हिंसक अपराधों की कभी जांच नहीं की जाती है। उदाहरण के लिए, चरमपंथी हिलटॉप युवकों द्वारा की गई हिंसा गंभीर हिंसा की दुर्लभ घटनाओं में से हैं। ये युवक फिलिस्तीनियों को घुसपैठियों के रूप में देखते हैं और उनके खिलाफ हिंसा को भड़काते हैं। इजरायल की अदालतें किसी फैसले पर पहुंचने में वर्षों समय लेती हैं और अक्सर मामूली सजा सुनाती है। इस साल मई में फिलिस्तीनी दावबशेह परिवार पर हमले और हत्या के पांच साल बाद केवल एक व्यक्ति को दोषी ठहराया गया था जबकि बाकी अपराधियों को सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए अदालत ने छोड़ दिया था।

1967 के युद्ध के बाद से इजरायल ने फिलिस्तीनी वेस्ट बैंक, गाजा और पूर्वी येरूशलेम पर कब्जा कर लिया है। इस कब्जे के बाद इसने कब्जे वाले क्षेत्रों के भीतर सैकड़ों अवैध बस्तियों का निर्माण किया है जहां 600,000 से अधिक अवैध निवासी चोरी की गई फिलिस्तीनी भूमि पर रहते हैं। इज़रायल फिलिस्तीनी क्षेत्रों के आसपास इन अवैध बस्तियों को एक दूसरे से विभाजित करते हुए और इन अवैध बस्तियों की सुरक्षा करने के लिए दीवारों, सुरक्षा घेरे और व्यापक सुरक्षा प्रतिष्ठान करता है।

Israel
Palestine
West Bank
Gaza

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • ram_navmi
    अफ़ज़ल इमाम
    बढ़ती हिंसा व घृणा के ख़िलाफ़ क्यों गायब है विपक्ष की आवाज़?
    13 Apr 2022
    हिंसा की इन घटनाओं ने संविधान, लोकतंत्र और बहुलतावाद में विश्वास रखने वाले शांतिप्रिय भारतवासियों की चिंता बढ़ा दी है। लोग अपने जान-माल और बच्चों के भविष्य को लेकर सहम गए हैं।
  • varvara rao
    भाषा
    अदालत ने वरवर राव की स्थायी जमानत दिए जाने संबंधी याचिका ख़ारिज की
    13 Apr 2022
    बंबई उच्च न्यायालय ने एल्गार परिषद-माओवादी संपर्क मामले में कवि-कार्यकर्ता वरवर राव की वह याचिका बुधवार को खारिज कर दी जिसमें उन्होंने चिकित्सा आधार पर स्थायी जमानत दिए जाने का अनुरोध किया था।
  • CORONA
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 1,088 नए मामले, 26 मरीज़ों की मौत
    13 Apr 2022
    देश में अब तक कोरोना से पीड़ित 5 लाख 21 हज़ार 736 लोग अपनी जान गँवा चुके है।
  • CITU
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली: बर्ख़ास्त किए गए आंगनवाड़ी कर्मियों की बहाली के लिए सीटू की यूनियन ने किया प्रदर्शन
    13 Apr 2022
    ये सभी पिछले माह 39 दिन लंबे चली हड़ताल के दौरान की गई कार्रवाई और बड़ी संख्या आंगनवाड़ी कर्मियों को बर्खास्त किए जाने से नाराज़ थे। इसी के खिलाफ WCD के हेडक्वार्टस आई.एस.बी.टी कश्मीरी गेट पर प्रदर्शन…
  • jallianwala bagh
    अनिल सिन्हा
    जलियांवाला बाग: क्यों बदली जा रही है ‘शहीद-स्थल’ की पहचान
    13 Apr 2022
    जलियांवाला बाग के नवीकरण के आलोचकों ने सबसे महत्वपूर्ण बात को नज़रअंदाज कर दिया है कि नरसंहार की कहानी को संघ परिवार ने किस सफाई से हिंदुत्व का जामा पहनाया है। साथ ही, उन्होंने संबंधित इतिहास को अपनी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License