NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
बिहार में पहली किसान महापंचायत की तैयारी  ज़ोर-शोर से शुरू
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत के साथ-साथ बलबीर सिंह राजेवाल और दर्शन पाल सिंह जैसे बड़े नेता भी इस किसान महापंचायत में शिरकत करेंगे।
मोहम्मद इमरान खान
12 Mar 2021
बिहार में पहली किसान महापंचायत की तैयारी  ज़ोर-शोर से शुरू
फाइल फोटो

पटना : विवादित तीन केंद्रीय कृषि कानूनों और  पेट्रोल, डीजल एवं खाद्य तेल के बढ़े दामों के विरोध में किसानों के जारी प्रदर्शनों को मिल रहे जन समर्थन के बीच  बिहार में 25 मार्च को पहली ‘किसान महापंचायत’ होने जा रही है।

बिहार में लंबे समय से इसका इंतजार था। इस किसान महापंचायत का आयोजन रोहतास जिले में किया जाएगा।  इसे भारतीय किसान यूनियन (भाकियू)  के नेता राकेश टिकैत संबोधित करेंगे। इसका आयोजन भारतीय किसान संगठन समन्वय समिति और संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में किया जा रहा है,  जो  भारत के 40 किसान संगठनों का एक संयुक्त मोर्चा है।

केंद्रीय कृषि कानूनों के पारित होने के बाद पिछले वर्ष से इसके विरोध में नई दिल्ली में जारी प्रदर्शनों के बीच राकेश टिकैत की यह पहली बिहार यात्रा होगी।  टिकैत के अलावा, दो अन्य बड़े किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल और दर्शनपाल सिंह भी इस किसान महापंचायत में भाग लेंगे।

किसान नेता उमाशंकर सरकार के मुताबिक इस महापंचायत की तैयारी के लिए किसानों को लामबंद करने का अभियान शुरू  कर दिया गया है, इसलिए कि यह महापंचायत  किसानों की संगठित शक्ति को प्रदर्शित करेगी।  इस महापंचायत में किसानों, युवकों, छात्रों एवं पड़ोस के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोगों के भाग लेने की उम्मीद है। बिहार में रोहतास और कैमूर जिले के सूखा पीड़ित क्षेत्र होने के बावजूद इन्हें ‘धान के कटोरे’ के रूप में जाना जाता है।

राष्ट्रीय किसान मोर्चा,  किसान महासंघ, किसान मजदूर संगठन,  भारतीय किसान मंच, और राष्ट्रीय किसान संगम जैसे अनेक किसान संस्थाएं इस महापंचायत में शामिल हैं। रोहतास जिले के बाद किसान महापंचायत बिहार के अन्य जिलों में भी होगी।  सरकार ने बताया, “हम निश्चित रूप से किसानों में जागरूकता लाने और उनके समर्थन के लिए जल्द ही राज्य के अन्य जिलों की शिनाख्त कर, वहां महापंचायत करेंगे।" 

दूसरे  राज्यों के विपरीत,  बिहार में किसान महापंचायत  धान और गेहूं के साथ मक्का एवं दालों के लिए भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने की  मांग पर विशेष  जोर देगी, जो इस  राज्य के किसानों की बड़ी पुरानी मांग है। 

बिहार में विरोधी महागठबंधन ने किसान कानूनों के खिलाफ  पिछले महीने कई प्रदर्शन किये हैं। यह तथ्य है कि बिहार की 12 करोड़ आबादी में से  लगभग दो तिहाई   अपने गुजारे के लिए खेती पर आश्रित है। इनमें अधिकतर  सरकारी आंकड़ों में लघु एवं सीमांत किसान हैं।  इसके अलावा,  राज्य की  खेतीवाड़ी से जुड़ी हुई दो तिहाई से ज्यादा गतिविधियां पूरी तरह बरसात पर निर्भर हैं। 

विपक्षी पार्टियों के अलावा,  पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी ने भी केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन किया था।  इस पार्टी ने इन कानूनों  से किसानों को होने वाले नुकसान के बारे में आगाह करने के लिए किसान चौपालों  का भी आयोजन किया था और उसने पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसानों की तरह ही बिहार में भी किसानों का राज्यव्यापी प्रदर्शन करने की चेतावनी दी थी। 

यह वास्तविकता है कि खेती बिहार की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। सरकारी आंकड़ों के ही मुताबिक  कृषि क्षेत्र पर 81 फीसदी कार्यबल निर्भर है और राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में इसका योगदान  लगभग 42 फ़ीसदी है।

विरोधी नेताओं ने कहा कि  आज से 14 वर्ष पहले (2006 में)  सरकार द्वारा कृषि उत्पाद विपणन समिति  के विघटित कर दिए जाने के बाद से बिहार में किसान असहाय हो गए हैं।

वामपंथी पार्टियों के सभी 16 विधायकों, जिनमें कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी लेनिनवादी/माले) के 12 विधायक, सीपीआईएम और सीपीआई के दो-दो विधायक शामिल हैं, ने  बजट सत्र के दौरान विधानसभा के अंदर और बाहर इन तीनों केंद्रीय कृषि कानून के विरोध में अपना प्रदर्शन किया था। सदन में किसानों के प्रदर्शन का मामला राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और कांग्रेस के विधायकों ने उठाया था।

पिछले महीने,  किसानों के मसले को लेकर विपक्षी पार्टियों ने सदन का बहिष्कार किया था।  इन विपक्षी दलों के  विधायकों ने किसान मसले पर सदन में चर्चा कराए जाने के लिए  कार्य स्थगन प्रस्ताव विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा को दिया था,  जिसे  खारिज कर दिया गया। इसी के विरोध में  उन विपक्षी विधायकों ने सदन का बहिष्कार किया था। 

बिहार के विरोधी दल के नेता तेजस्वी यादव ने  किसानों की मांगों के समर्थन में  पिछले महीने बजट सत्र के दौरान अपने आवास से ट्रैक्टर  पर चढ़कर विधानसभा पहुंचे थे।  यह करते हुए,  तेजस्वी यादव ने  यह संकेत दिया कि विरोधी महागठबंधन  केंद्रीय कृषि कानूनों का विरोध जारी रखेगा और इस मुद्दे पर वह किसानों का समर्थन करेगा। 

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें

In High Spirits, Preparations Begin in Bihar for First Kisan Mahapanchayat

Bihar
Kisan Mahapanchayat
rakesh tikait
Sanyukt Kisan Morcha
Rohtas
farmers protest

Related Stories

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

पटना : जीएनएम विरोध को लेकर दो नर्सों का तबादला, हॉस्टल ख़ाली करने के आदेश

बिहार: 6 दलित बच्चियों के ज़हर खाने का मुद्दा ऐपवा ने उठाया, अंबेडकर जयंती पर राज्यव्यापी विरोध दिवस मनाया

बिहार: विधानसभा स्पीकर और नीतीश सरकार की मनमानी के ख़िलाफ़ भाकपा माले का राज्यव्यापी विरोध

बिहार में आम हड़ताल का दिखा असर, किसान-मज़दूर-कर्मचारियों ने दिखाई एकजुटता

झारखंड: नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज विरोधी जन सत्याग्रह जारी, संकल्प दिवस में शामिल हुए राकेश टिकैत

पटना: विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त सीटों को भरने के लिए 'रोज़गार अधिकार महासम्मेलन'

बिहार बजट सत्र: विधानसभा में उठा शिक्षकों और अन्य सरकारी पदों पर भर्ती का मामला 


बाकी खबरें

  • election
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव दूसरा चरण:  वोट अपील के बहाने सियासी बयानबाज़ी के बीच मतदान
    14 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव कितने अहम हैं, ये दिग्गज राजनेताओं की सक्रियता से ही भांपा जा सकता है, मतदान के पहले तक राजनीतिक दलों और राजनेताओं की ओर से वोट के लिए अपील की जा रही है, वो भी बेहद तीखे…
  • unemployment
    तारिक़ अनवर
    उत्तर प्रदेश: क्या बेरोज़गारी ने बीजेपी का युवा वोट छीन लिया है?
    14 Feb 2022
    21 साल की एक अंग्रेज़ी ग्रेजुएट शिकायत करते हुए कहती हैं कि उनकी शिक्षा के बावजूद, उन्हें राज्य में बेरोज़गारी के चलते उपले बनाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
  • delhi high court
    भाषा
    अदालत ने ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 44 हजार बच्चों के दाख़िले पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा
    14 Feb 2022
    पीठ ने कहा, ‘‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम और पिछले वर्ष सीटों की संख्या, प्राप्त आवेदनों और दाखिलों की संख्या को लेकर एक संक्षिप्त और स्पष्ट जवाब दाखिल करें।’’ अगली सुनवाई 26 अप्रैल को होगी।
  • ashok gehlot
    भाषा
    रीट पर गतिरोध कायम, सरकार ने कहा ‘एसओजी पर विश्वास रखे विपक्ष’
    14 Feb 2022
    इस मुद्दे पर विधानसभा में हुई विशेष चर्चा पर सरकार के जवाब से असंतुष्ट मुख्य विपक्षी दल के विधायकों ने सदन में नारेबाजी व प्रदर्शन जारी रखा। ये विधायक तीन कार्यदिवसों से इसको लेकर सदन में प्रदर्शन कर…
  • ISRO
    भाषा
    इसरो का 2022 का पहला प्रक्षेपण: धरती पर नज़र रखने वाला उपग्रह सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित
    14 Feb 2022
    पीएसएलवी-सी 52 के जरिए धरती पर नजर रखने वाले उपग्रह ईओएस-04 और दो छोटे उपग्रहों को सोमवार को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित कर दिया। इसरो ने इसे ‘‘अद्भुत उपलब्धि’’ बताया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License