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इंदौर में "नाम पूछकर" चूड़ी वाले को पीटा, भारी बवाल के बाद मामला दर्ज 
इंदौर में कुछ लोगों ने कथित तौर पर फेरी लगाकर चूड़ी बेच रहे 25 वर्षीय व्यक्ति से नाम पूछने के बाद पिटाई कर दी। राज्य के ग्रह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इस मामले पर कहा, “युवक अपना धर्म छिपा कर और नाम बदल कर चूड़ी बेच रहा था इसलिए पीटने वालों के साथ युवक के ख़िलाफ़ भी कार्रवाई की जाएगी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
23 Aug 2021
इंदौर में "नाम पूछकर" चूड़ी वाले को पीटा, भारी बवाल के बाद मामला दर्ज 

इंदौर : रक्षाबंधन के मौके पर इंदौर में रविवार को फेरी लगाकर चूड़ी बेच रहे 25 वर्षीय व्यक्ति को पांच-छह लोगों के एक समूह ने कथित तौर पर नाम पूछकर पीट दिया। घटना का वीडियो वायरल होने पर मचे बवाल के बाद शामिल लोगों के खिलाफ सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने तथा अन्य संगीन आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पुलिस ने बताया कि यह घटना रविवार दोपहर की है, वायरल वीडियो में समूह में शामिल लोग चूड़ी बेचने वाले व्यक्ति को पीटते दिखाई दे रहे हैं, जबकि वह उनसे छोड़ देने का आग्रह कर रहा है।

शहर के गोविंद नगर क्षेत्र की घटना के दूसरे वीडियो में चूड़ी विक्रेता को पीट रहा एक व्यक्ति उस पर महिलाओं से छेड़-छाड़ का आरोप लगाते हुए मौके पर मौजूद अन्य लोगों को उसकी पिटाई के लिए उकसा रहा है।

वीडियो में यह व्यक्ति गाली-गलौज करने के साथ चूड़ी विक्रेता को धमकाते हुए कहता सुनाई पड़ रहा है कि "वह (चूड़ी विक्रेता) आइंदा इस क्षेत्र में दिखाई नहीं देना चाहिए।"

पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के रहने वाले चूड़ी विक्रेता तस्लीम अली (25) ने रविवार देर रात सेंट्रल कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई कि गोविंद नगर में पांच-छह लोगों ने उसका नाम पूछा और जब उसने अपना नाम बताया तो उन्होंने उसे पीटना शुरू कर दिया।

उन्होंने बताया कि चूड़ी विक्रेता ने अपनी शिकायत में यह आरोप भी लगाया कि लोगों ने उसके लिए सांप्रदायिक तौर पर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और उससे 10,000 रुपये की नकदी, मोबाइल फोन, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों के साथ ही करीब 25,000 रुपये मूल्य की चूड़ियां छीन लीं।

अधिकारी ने बताया कि चूड़ी विक्रेता की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय दंड विधान की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), धारा 141 (लोगों द्वारा गैरकानूनी तौर पर जमा होना), धारा 147 (बलवा), धारा 153-ए (सांप्रदायिक सौहार्द्र पर विपरीत असर डालने वाला कार्य) और धारा 298 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जान-बूझकर कहे गए शब्द), धारा 395 (डकैती) और अन्य संबद्ध धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि चूड़ी विक्रेता को पीटने वाले लोगों की तलाश की जा रही है।

पुलिस अधिकारी ने यह भी बताया कि चूड़ी विक्रेता को साथ लेकर रविवार देर रात बड़ी संख्या में लोग सेंट्रल कोतवाली थाने पहुंचे और कथित तौर पर अनर्गल नारेबाजी करते हुए शांति व्यवस्था भंग करने का प्रयास किया।

उन्होंने बताया, "इन लोगों के खिलाफ बलवा, जबरन आम रास्ता रोकना और अन्य संबद्ध आरोपों में अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है।"

चश्मदीदों ने बताया कि चूड़ी विक्रेता के पक्ष में जुटे लोगों के भारी हंगामे के मद्देनजर सेंट्रल कोतवाली क्षेत्र में रविवार रात बड़ी तादाद में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था और आला पुलिस अधिकारी भी वहीं मौजूद थे।

कांग्रेस नेता व शेयर इमरान प्रतापगढ़ी ने चूड़ी  विक्रेता को हर प्रकार की कानूनी सहायता देने का आश्वासन दिया है।  

वहीं दूसरी ओर राज्य के ग्रह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इस मामले पर एक विवादस्पद टिप्पणी देते हुए कहा, “युवक अपना धर्म छिपा कर और नाम बदल कर चूड़ी बेच रहा था। जब लोगों ने छानबीन की तो युवक के पास से 2 फ़र्ज़ी आधारकार्ड मिले हैं इसलिए यह घटना हुई।” उन्होंने आगे बताया कि पीटने वाले दोषियों के साथ-साथ चूड़ी विक्रेता पर भी कार्रवाई की जाएगी।

विपक्ष ने राज्य के ग्रह मंत्री के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। भोपाल से कांग्रेस के विधायक आरिफ मसूद ने आरोप लगाया है कि शिवराज सरकार आरोपियों पर कार्रवाई न करने के लिए पुलिस पर दबाव बना रही है।

Madhya Pradesh
Indore
Lynching
Communal Hate
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