NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
यूपी में लव जिहाद पर क़ानून सिर्फ़ 'सियासी' फ़ायदे के लिए बनाया जा रहा है?
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक फ़ैसले में कहा है कि अपनी पसंद का साथी चुनना मौलिक अधिकार है। धर्म इसमें आड़े नहीं आ सकता है। वहीं, कानपुर में लव जिहाद के 14 कथित मामलों की जांच कर रही एसआईटी को इन मामलों में विदेशी फंडिंग या किसी संगठन के शामिल होने के सुबूत नहीं मिले है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
24 Nov 2020
लव जिहाद

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार लव जिहाद को लेकर सख्त कानून बनाने की तैयारी में जुटी है। इस बीच, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कथित लव जिहाद के एक मामले में सुनवाई करते हुए सलामत अंसारी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को खारिज कर दिया है। वहीं, कानपुर में लव जिहाद के 14 कथित मामलों की जांच कर रही एसआईटी को इन मामलों में विदेशी फंडिंग या किसी संगठन के शामिल होने के सबूत नहीं मिले हैं।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले सलामत अंसारी और उनकी पत्नी प्रियंका खरवार उर्फ आलिया की याचिका पर सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि देश के नागरिकों को अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने का संवैधानिक अधिकार है चाहे वो किसी भी जाति, धर्म या पंथ से हो।

कोर्ट ने कहा, "एक व्यक्तिगत संबंध में हस्तक्षेप करना दो लोगों की पंसद की स्वतंत्रता के अधिकार पर गंभीर अतिक्रमण होगा।" जस्टिस पंकज नकवी और जस्टिस विवेक अग्रवाल की पीठ ने विशेष रूप से कहा, ‘हम ये समझने में असमर्थ हैं कि जब कानून दो व्यक्तियों, चाहे वो समलैंगिक ही क्यों न हों, को साथ रहने की इजाजत देता है, तो फिर न तो कोई व्यक्ति, न ही परिवार और न ही सरकार को दो लोगों के संबंधों पर आपत्ति होनी चाहिए, जो कि अपनी इच्छा से साथ रह रहे हैं।’

इसके साथ ही कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की एकल पीठ द्वारा दिए गए उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें न्यायालय ने कहा था कि महज शादी के लिए धर्म परिवर्तन स्वीकार्य नहीं है। साथ ही कोर्ट ने ये भी कहा कि शादी करने के लिए धर्म परिवर्तन पर आपत्ति जताने वाले पिछले दो फैसले कानून की नजर में ठीक नहीं थे।

गौरतलब है कि इस मामले में प्रियंका ने अपना धर्म परिवर्तन किया था और उनके पिता ने पुलिस में इस बाबत शिकायत की थी। पुलिस की कार्रवाई को निरस्त करने के लिए पति-पत्नी दोनों ने अदालत की शरण ली।

न्यायालय ने कहा, ‘हम प्रियंका खरवार और सलामत को हिंदू और मुस्लिम नहीं, बल्कि दो वयस्क व्यक्तियों को रूप में देखते हैं, जो कि अपनी इच्छा के अनुसार पिछले एक साल से खुशी एवं शांतिपूर्वक ढंग से रह रहे हैं। कोर्ट और विशेष रूप से संवैधानिक कोर्ट की ये जिम्मेदारी है कि वे संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत दी गई व्यक्ति के जीवन एवं आजादी को बरकरार रखे।’

दूसरी तरफ कानपुर में तथाकथित 'लव जिहाद' मामले की जांच कर रही स्‍पेशल इनवेस्‍टीगेशन टीम (एसआईटी) ने कहा है कि उसे साजिश के तहत संगठित रूप से धर्म परिवर्तन करके शादी का कोई सबूत नहीं मिला है और न ही इसमें किसी तरह की विदेशी फंडिंग पाई गई है।

गौरतलब है कि इस साल सिंतबर में लव जिहाद के 14 कथित मामलों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। उस समय विहिप सहित दक्षिणपंथी हिंदू संगठनों के सदस्यों ने महानिरीक्षक (कानपुर रेंज) मोहित अग्रवाल से मुलाकात की थी और आरोप लगाया था कि साजिश के तहत मुस्लिम युवक हिंदू लड़कियों से शादी कर रहे हैं। उन लोगों ने यह भी दावा किया कि इन युवकों को विदेश से फंड दिया जा रहा था और उन्होंने लड़कियों से अपनी पहचान छिपा ली थी।

बता दें कि मध्य प्रदेश के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार लव जिहाद पर कानून बनाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए सरकार ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। सूत्रों की मानें तो मंगलवार यानी आज होने वाली कैबिनेट बैठक में यह मसौदा रखा जाएगा और इसे मंजूरी मिल सकती है।

खबरों के मुताबिक, इस प्रस्ताव में खास बात ये है कि ‘लव जिहाद’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया है। प्रस्ताव में जबरन धर्मांतरण पर 5 साल व सामूहिक धर्मांतरण कराने के मामले में 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। वहीं यह अपराध गैरजमानती होगा। मसौदे में जबरन, प्रलोभन देकर या विवाह के जरिये धर्म परिवर्तन कराने को अपराध की श्रेणी में रखा गया है। सजा के साथ-साथ जुर्माने का प्रस्ताव रखा गया है।

फिलहाल जहां सरकार इस कानून को लाने की जोर शोर से तैयारी कर रही है। वहीं, मसौदे के अलोचक इस तरह के कानून बनाने को व्यक्तिगत स्वतंत्रता में दखल और देश में सांप्रदायिक खाई गहरी करने का प्रयास बता रहे हैं तो राजनीति के जानकार इस फैसले को वोटबैंक से जोड़कर देख रहे हैं।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

UttarPradesh
love jihad
Love Jihad Law
Allahabad High Court
Yogi Adityanath
BJP
Religion Politics

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • make in india
    बी. सिवरामन
    मोदी का मेक-इन-इंडिया बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा श्रमिकों के शोषण का दूसरा नाम
    07 Jan 2022
    बहुराष्ट्रीय कंपनियों के गिग कार्यकर्ता नई पीढ़ी के श्रमिक कहे जा सकते  हैं, लेकिन वे सीधे संघर्ष में उतरने के मामले में ऑटो व अन्य उच्च तकनीक वाले एमएनसी श्रमिकों से अब टक्कर लेने लगे हैं। 
  • municipal elections
    फर्राह साकिब
    बिहारः नगर निकाय चुनावों में अब राजनीतिक पार्टियां भी होंगी शामिल!
    07 Jan 2022
    ये नई व्यवस्था प्रक्रिया के लगभग अंतिम चरण में है। बिहार सरकार इस प्रस्ताव को विधि विभाग से मंज़ूरी मिलने के पश्चात राज्य मंत्रिपरिषद में लाने की तैयारी में है। सरकार की कैबिनेट की स्वीकृति के बाद इस…
  • Tigray
    एम. के. भद्रकुमार
    नवउपनिवेशवाद को हॉर्न ऑफ़ अफ्रीका की याद सता रही है 
    07 Jan 2022
    हिंद महासागर को स्वेज नहर से जोड़ने वाले रणनीतिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण लाल सागर पर अपने नियंत्रण को स्थापित करने की अमेरिकी रणनीति की पृष्ठभूमि में चीन के विदेश मंत्री वांग यी की अफ्रीकी यात्रा काफी…
  • Supreme Court
    अजय कुमार
    EWS कोटे की ₹8 लाख की सीमा पर सुप्रीम कोर्ट को किस तरह के तर्कों का सामना करना पड़ा?
    07 Jan 2022
    आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग को आरक्षण देने के लिए ₹8 लाख की सीमा केवल इस साल की परीक्षा के लिए लागू होगी। मार्च 2022 के तीसरे हफ्ते में आर्थिक तौर पर कमजोर सीमा के लिए निर्धारित क्राइटेरिया की वैधता पर…
  • bulli bai aap
    सना सुल्तान
    विचार: शाहीन बाग़ से डरकर रचा गया सुल्लीडील... बुल्लीडील
    07 Jan 2022
    "इन साज़िशों से मुस्लिम औरतें ख़ासतौर से हम जैसी नौजवान लड़कियां ख़ौफ़ज़दा नहीं हुईं हैं, बल्कि हमारी आवाज़ और बुलंद हुई है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License