NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका को लिखे पत्र में मानवाधिकार समूहों ने बहरीन में मानवाधिकारों के हनन पर कार्रवाई की मांग की
इस पत्र में अमेरिकी प्रशासन से देश मानवाधिकारों की स्थिति में सुधार और राजनीतिक और नागरिक स्वतंत्रता की स्थिति में सुधार को लेकर बहरीन के साथ यूएस के हथियारों की बिक्री और इसके संबंधों के अन्य पहलुओं को हल करने के लिए आग्रह किया गया है।
पीपल्स डिस्पैच
05 Mar 2021
अमेरिका को लिखे पत्र में मानवाधिकार समूहों ने बहरीन में मानवाधिकारों के हनन पर कार्रवाई की मांग की

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों के एक समूह ने बहरीन में मानवाधिकार की स्थिति में सुधार के लिए देश के तानाशाही राजशाही पर दबाव बनाने के लिए हथियारों की बिक्री को प्रतिबंधित करने और अन्य कदम उठाने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका से आह्वान किया है।

3 मार्च को यूएस सेक्रेटरी ऑफ स्टेट एंथनी ब्लिंकेन को लिखे पत्र में इन संगठनों ने अमेरिका से बहरीन सरकार के साथ अन्य मुद्दों को हल करने का भी आग्रह किया। इन मुद्दों में देश में नागरिक, राजनीतिक और कानूनी अधिकारों का दमन और राजनीतिक दलों और स्वतंत्र मीडिया पर प्रतिबंध शामिल हैं।

मानवाधिकार संगठनों ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन प्रशासन से अनुरोध किया कि वे "बहरीन से नागरिक समाज पर प्रतिबंधों को रद्द करने, न्याय सुधार और नागरिक अधिकारों की बहाली के लिए वास्तविक कदम उठाने और बहरीन को हथियारों की बिक्री पर प्रतिबंधों को फिर से लागू करना जो देश के मानवाधिकार रिकॉर्ड में सुधार लंबित है।”

इस पत्र ने इस तथ्य को भी उजागर किया है कि पिछले अमेरिकी प्रशासन के अधीन यूएस के सहयोगी कई अन्य खाड़ी अरब देशों की तरह बहरीन मानवाधिकारों के हनन के मामले में वाक्य की स्वतंत्रता को कुचल दिया जिसे सरकार ने देश के भीतर आम नागरिकों की कीमत पर किया है। इसमें यह भी उठाया गया है कि कैसे इसने सभी असंतुष्टों और विरोधियों को हिंसक रूप से कुचल दिया। इन दोनों देशों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन के अधीन 8.5 बिलियन डॉलर के हथियारों की बिक्री पर हस्ताक्षर किए।

एमनेस्टी इंटरनेशनल, बहरीन इंस्टीट्यूट फॉर राइट्स एंड डेमोक्रेसी (बीआईआरडी), रेप्रीव, वर्ल्ड ऑर्गनाइजेशन अगेंस्ट टॉर्चर, फ्रीडम हाउस, कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स (सीपीजे) और डेमोक्रेसी फॉर द अरब वर्ल्ड (डीएडब्ल्यूएन) जैसे संगठनों ने इस पत्र हस्ताक्षर किए।

वर्षों से बहरीन में मानव अधिकारों और लोकतंत्र समर्थक एक्टिविस्टों पर व्यवस्थित व सख्त कार्रवाई के चलते मानव और नागरिक अधिकारों के दमन के रुप में देश में सामने आए हैं। साल 2011 के विद्रोह का इस्तेमाल विपक्षी दलों, अल्पसंख्यक समुदायों और स्वतंत्र पत्रकारों को निशाना बनाने के बहाने के रूप में किया गया है जो देश के बदतर होते मानवाधिकार रिकॉर्ड को उजागर करते हैं और उनकी आलोचना करते हैं। देश की न्यायपालिका भी सरकार के आदेशों को पूरा करने में लगी है।

America
human rights violation
Bahrain
Bahrainis protest
International Human Rights Organizations

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम

यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार और हमारे बुनियादी सरोकार

अमेरिका और चीन के राष्ट्रपति के बीच वार्ता का दांव और अफ़ग़ानिस्तान के बहाने शांति का दौर


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपी: अयोध्या में चरमराई क़ानून व्यवस्था, कहीं मासूम से बलात्कार तो कहीं युवक की पीट-पीट कर हत्या
    19 Mar 2022
    कुछ दिनों में यूपी की सत्ता पर बीजेपी की योगी सरकार दूसरी बार काबिज़ होगी। ऐसे में बीते कार्यकाल में 'बेहतर कानून व्यवस्था' के नाम पर सबसे ज्यादा नाकामी का आरोप झेल चुकी बीजेपी के लिए इसे लेकर एक बार…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    ट्रेड यूनियनों की 28-29 मार्च को देशव्यापी हड़ताल, पंजाब, यूपी, बिहार-झारखंड में प्रचार-प्रसार 
    19 Mar 2022
    दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए सभी ट्रेड यूनियन जुट गए हैं। देश भर में इन संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठकों का सिलसिला जारी है।
  • रवि कौशल
    पंजाब: शपथ के बाद की वे चुनौतियाँ जिनसे लड़ना नए मुख्यमंत्री के लिए मुश्किल भी और ज़रूरी भी
    19 Mar 2022
    आप के नए मुख्यमंत्री भगवंत मान के सामने बढ़ते क़र्ज़ से लेकर राजस्व-रिसाव को रोकने, रेत खनन माफ़िया पर लगाम कसने और मादक पदार्थो के ख़तरे से निबटने जैसी कई विकट चुनौतियां हैं।
  • संदीपन तालुकदार
    अल्ज़ाइमर बीमारी : कॉग्निटिव डिक्लाइन लाइफ़ एक्सपेक्टेंसी का प्रमुख संकेतक है
    19 Mar 2022
    आम तौर पर अल्ज़ाइमर बीमारी के मरीज़ों की लाइफ़ एक्सपेक्टेंसी 3-12 सालों तक रहती है।
  • पीपल्स डिस्पैच
    स्लोवेनिया : स्वास्थ्य कर्मचारी वेतन वृद्धि और समान अधिकारों के लिए कर रहे संघर्ष
    19 Mar 2022
    16 फ़रवरी को स्लोवेनिया के क़रीब 50,000 स्वास्थ्य कर्मचारी काम करने की ख़राब स्थिति, कम वेतन, पुराने नियम और समझौते के उल्लंघन के ख़िलाफ़ हड़ताल पर चले गए थे।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License