NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
कृषि
भारत
राजनीति
ओला-बारिश के बावजदू अपनी मांगों पर अडिग किसान, ट्रैक्टर मार्च गुरुवार को
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह नए कृषि कानूनों को चुनौती देने वाली याचिकाओं और दिल्ली की सीमाओं पर जारी किसानों के प्रदर्शन से उठे मुद्दों पर अब 11 जनवरी को सुनवाई करेगा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Jan 2021
ओला-बारिश के बावजदू अपनी मांगों पर अडिग किसान, ट्रैक्टर मार्च गुरुवार को

दिल्ली: भीषण सर्दी, बारिश के बावजूद केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले करीब 40 दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों ने अपना प्रदर्शन तेज करने की चेतावनी दी है। उधर, सुप्रीम कोर्ट ने इस मसले से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अगली तारीख़ 11 जनवरी तय की है।

आपको बता दें कि सरकार और किसान संगठनों के बीच सोमवार को हुई सातवें दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही थी। और सरकार ने अगली बातचीत के लिए 8 जनवरी की तारीख़ दी है।

किसान संगठनों के प्रतिनिधि इन कानूनों को पूरी तरह निरस्त करने की अपनी मांग पर कायम हैं, जबकि सरकार कानून में कुछ संशोधन से काम चलाने की इच्छुक है। इसी को लेकर दोनों के बीच बातचीत नहीं बन पा रही है।


इस बीच राष्ट्रीय राजधानी में भीषण सर्दी का प्रकोप जारी है, यहां बुधवार सुबह बारिश हुई और ओले गिरे। दिल्ली में चार दिन से रुक-रुक कर बारिश हो रही है।

दिल्ली में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था, जो 15 साल में जनवरी में सबसे कम था।

प्रदर्शन कर रहे किसानों ने मंगलवार को कहा था कि छह जनवरी को प्रस्तावित अपने ट्रैक्टर मार्च को खराब मौसम के पूर्वानुमान के चलते मंगलवार को सात जनवरी के लिए टाल दिया। हालांकि उन्होंने कहा कि वे आने वाले दिनों में अपने आंदोलन को तेज करेंगे।

किसान विवादित कृषि कानूनों को वापस लेने एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी की अपनी मांग को लेकर दिल्ली से लगी सीमाओं पर 28 नवम्बर से डटे हैं।

यातायात पुलिस के अधिकारी लगातार ट्विटर पर लोगों को बंद एवं परिवर्तित मार्गों की जानकारी दे रहे हैं।

यातायात पुलिस ने मंगलवार को सिलसिलेवार ट्वीट में बताया कि सिंघू, औचंदी, प्याऊ मनियारी, सबोली और मंगेश बॉर्डर बंद हैं।

कृषि क़ानूनों के खिलाफ, किसान आंदोलन ने जुड़ी याचिकाओं पर 11 जनवरी को सुनवाई करेगा न्यायालय

उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि वह नए कृषि कानूनों को चुनौती देने वाली याचिकाओं और दिल्ली की सीमाओं पर जारी किसानों के प्रदर्शन से उठे मुद्दों पर 11 जनवरी को सुनवाई करेगा।

प्रधान न्यायाधीश एस. ए. बोबडे की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने पाया कि किसानों के प्रदर्शन के संबंध में जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं आया है। शीर्ष अदालत कृषि कानूनों के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।

केन्द्र ने शीर्ष अदालत से कहा कि सरकार और किसानों के बीच इस मुद्दे पर ‘‘सकारात्मक बातचीत’’ जारी है।

अटॉर्नी जनवरी के. के. वेणुगोपाल ने कहा कि निकट भविष्य में दोनों पक्षों में सहमति बनने की अच्छी संभावना है और नए कृषि कानूनों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर केन्द्र के प्रतिक्रिया दायर करने से किसानों और सरकार के बीच बातचीत में बाधा उत्पन्न हो सकती है।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि सरकार और किसानों के बीच ‘‘सौहार्दपूर्ण वातावरण’’ में बातचीत जारी है।
उन्होंने कहा कि इन याचिकाओं पर आठ जनवरी को बातचीत नहीं की जानी चाहिए।

पीठ ने कहा, ‘‘ हम स्थिति को समझते हैं और बातचीत को प्रोत्साहित करते हैं। हम मामले की सुनवाई को सोमवार 11 जनवरी तक स्थगित कर सकते हैं, अगर आप चल रही बातचीत के संबंध में लिखित में दें।’’


(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

 

kisan andolan
Supreme Court
punjab
farmers protest

Related Stories

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

लुधियाना: PRTC के संविदा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

लंबे संघर्ष के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायक को मिला ग्रेच्युटी का हक़, यूनियन ने बताया ऐतिहासिक निर्णय

मोदी सरकार की वादाख़िलाफ़ी पर आंदोलन को नए सिरे से धार देने में जुटे पूर्वांचल के किसान

ग़ौरतलब: किसानों को आंदोलन और परिवर्तनकामी राजनीति दोनों को ही साधना होगा

ट्रेड यूनियनों की 28-29 मार्च को देशव्यापी हड़ताल, पंजाब, यूपी, बिहार-झारखंड में प्रचार-प्रसार 

यूपी चुनाव: किसान-आंदोलन के गढ़ से चली परिवर्तन की पछुआ बयार

केंद्र सरकार को अपना वायदा याद दिलाने के लिए देशभर में सड़कों पर उतरे किसान

किसानों को आंदोलन और राजनीति दोनों को साधना होगा


बाकी खबरें

  • Akhilesh Yadav
    रवि शंकर दुबे
    ‘’पोस्टल बैलेट में सपा को 304 सीटें’’। क्या रंग लाएगा अखिलेश का दावा?
    16 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश चुनावों में भाजपा ने एक बार फिर सत्ता में वापसी कर भले ही इतिहास रच दिया हो लेकिन सपा ने जो दावा किया है वो चौंकाने वाला है।
  • बिहारः अब मेयर-डिप्टी मेयर को सीधे चुनेगी जनता, नीतीश कैबिनेट ने दी मंज़ूरी
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः अब मेयर-डिप्टी मेयर को सीधे चुनेगी जनता, नीतीश कैबिनेट ने दी मंज़ूरी
    16 Mar 2022
    अभी तक जनता वार्ड पार्षद को ही चुनती थी और चुने हुए वार्ड पार्षद अपने बीच से मुख्य पार्षद से लेकर मेयर तक चुनते थे लेकिन अब जनता सीधे मेयर-डिप्टी मेयर, मुख्य पार्षद व उप मुख्य पार्षद का चुनाव करेगी।
  • Aijaz ahmed
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    एजाज़ अहमद ने मार्क्सवाद के प्रति आस्था कभी नहीं छोड़ी
    16 Mar 2022
    विश्वप्रसिद्ध मार्क्सवादी चिंतक व साहित्यिक विचारक एजाज़ अहमद की श्रद्धाजंलि सभा का आयोजन पटना के अदालतगंज स्थित केदारभवन में किया गया। श्रद्धाजंलि सभा में शहर के बुद्धिजीवी, रँगकर्मी, साहित्यकार,…
  • G-23
    कृष्ण सिंह
    कांग्रेस बनाम कांग्रेस : जी-23 की पॉलिटिक्स क्या है!
    16 Mar 2022
    प्रश्न सिर्फ कांग्रेस नेतृत्व और उसकी कार्यशैली का नहीं है बल्कि उसके उन तमाम नेताओं की वैचारिक प्रतिबद्धता का भी है जिन्होंने लंबे समय तक सत्ता का सुख भोगा है।
  • HIJAB
    नाइश हसन
    हिजाब मामले पर कोर्ट का फ़ैसला, मुस्लिम महिलाओं के साथ ज़्यादतियों को देगा बढ़ावा
    16 Mar 2022
    इस फ़ैसले के असरात काफी गंभीर हो सकते हैं, हिंदू कट्टर पंथी ताकतों को और बढ़ावा मिलेगा, जिस काम के लिए नौजवान लड़कों का इस्तेमाल किया गया उन्हें भगवा गमछा पहनाया गया, यह काम वह देश में सभी जगह…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License