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ओला-बारिश के बावजदू अपनी मांगों पर अडिग किसान, ट्रैक्टर मार्च गुरुवार को
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह नए कृषि कानूनों को चुनौती देने वाली याचिकाओं और दिल्ली की सीमाओं पर जारी किसानों के प्रदर्शन से उठे मुद्दों पर अब 11 जनवरी को सुनवाई करेगा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Jan 2021
ओला-बारिश के बावजदू अपनी मांगों पर अडिग किसान, ट्रैक्टर मार्च गुरुवार को

दिल्ली: भीषण सर्दी, बारिश के बावजूद केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले करीब 40 दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों ने अपना प्रदर्शन तेज करने की चेतावनी दी है। उधर, सुप्रीम कोर्ट ने इस मसले से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अगली तारीख़ 11 जनवरी तय की है।

आपको बता दें कि सरकार और किसान संगठनों के बीच सोमवार को हुई सातवें दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही थी। और सरकार ने अगली बातचीत के लिए 8 जनवरी की तारीख़ दी है।

किसान संगठनों के प्रतिनिधि इन कानूनों को पूरी तरह निरस्त करने की अपनी मांग पर कायम हैं, जबकि सरकार कानून में कुछ संशोधन से काम चलाने की इच्छुक है। इसी को लेकर दोनों के बीच बातचीत नहीं बन पा रही है।


इस बीच राष्ट्रीय राजधानी में भीषण सर्दी का प्रकोप जारी है, यहां बुधवार सुबह बारिश हुई और ओले गिरे। दिल्ली में चार दिन से रुक-रुक कर बारिश हो रही है।

दिल्ली में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था, जो 15 साल में जनवरी में सबसे कम था।

प्रदर्शन कर रहे किसानों ने मंगलवार को कहा था कि छह जनवरी को प्रस्तावित अपने ट्रैक्टर मार्च को खराब मौसम के पूर्वानुमान के चलते मंगलवार को सात जनवरी के लिए टाल दिया। हालांकि उन्होंने कहा कि वे आने वाले दिनों में अपने आंदोलन को तेज करेंगे।

किसान विवादित कृषि कानूनों को वापस लेने एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी की अपनी मांग को लेकर दिल्ली से लगी सीमाओं पर 28 नवम्बर से डटे हैं।

यातायात पुलिस के अधिकारी लगातार ट्विटर पर लोगों को बंद एवं परिवर्तित मार्गों की जानकारी दे रहे हैं।

यातायात पुलिस ने मंगलवार को सिलसिलेवार ट्वीट में बताया कि सिंघू, औचंदी, प्याऊ मनियारी, सबोली और मंगेश बॉर्डर बंद हैं।

कृषि क़ानूनों के खिलाफ, किसान आंदोलन ने जुड़ी याचिकाओं पर 11 जनवरी को सुनवाई करेगा न्यायालय

उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि वह नए कृषि कानूनों को चुनौती देने वाली याचिकाओं और दिल्ली की सीमाओं पर जारी किसानों के प्रदर्शन से उठे मुद्दों पर 11 जनवरी को सुनवाई करेगा।

प्रधान न्यायाधीश एस. ए. बोबडे की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने पाया कि किसानों के प्रदर्शन के संबंध में जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं आया है। शीर्ष अदालत कृषि कानूनों के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।

केन्द्र ने शीर्ष अदालत से कहा कि सरकार और किसानों के बीच इस मुद्दे पर ‘‘सकारात्मक बातचीत’’ जारी है।

अटॉर्नी जनवरी के. के. वेणुगोपाल ने कहा कि निकट भविष्य में दोनों पक्षों में सहमति बनने की अच्छी संभावना है और नए कृषि कानूनों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर केन्द्र के प्रतिक्रिया दायर करने से किसानों और सरकार के बीच बातचीत में बाधा उत्पन्न हो सकती है।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि सरकार और किसानों के बीच ‘‘सौहार्दपूर्ण वातावरण’’ में बातचीत जारी है।
उन्होंने कहा कि इन याचिकाओं पर आठ जनवरी को बातचीत नहीं की जानी चाहिए।

पीठ ने कहा, ‘‘ हम स्थिति को समझते हैं और बातचीत को प्रोत्साहित करते हैं। हम मामले की सुनवाई को सोमवार 11 जनवरी तक स्थगित कर सकते हैं, अगर आप चल रही बातचीत के संबंध में लिखित में दें।’’


(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

 

kisan andolan
Supreme Court
punjab
farmers protest

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