NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
शैलजा को शामिल न किया जाना पार्टी की स्थिति के अनुरूप : विजयन
माकपा ने कहा कि लोकप्रिय स्वास्थ्य मंत्री को मंत्रिमंडल में शामिल न करना पार्टी का एक “राजनीतिक व संगठनात्मक” फैसला है और इस पर कोई पुनर्विचार नहीं होगा।
भाषा
20 May 2021
विजयन

तिरुवनंतपुरम: केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बुधवार को कहा कि एलडीएफ मंत्रिमंडल से के. के. शैलजा को बाहर रखा जाना नए चेहरों को मौका दिये जाने की पार्टी की स्थिति के अनुरूप है।

शैलजा को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किये जाने के कारण प्रदेश सरकार आलोचनाओं का सामना कर रही है।

विजयन ने संवाददाताओं को बताया कि छह अप्रैल को हुए चुनावों में माकपा के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चे को मिली जीत के बाद उनका खुद का दूसरी बार मुख्यमंत्री बनना भी पार्टी के फैसले के अनुरूप है।

एलडीएफ की पिछली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहीं शैलजा को इस बार मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किये जाने से बहस छिड़ गई है और कई हस्तियों ने उनका समर्थन करते हुए मंत्रिमंडल में उनकी वापसी की मांग की है।

शैलजा ने राज्य में कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाई थी और पहली लहर पर लगाम लगाने के लिये उनकी काफी सराहना भी हुई थी।

विजयन ने कहा कि कोविड-19 महामारी के खिलाफ राज्य की जंग एक सामूहिक प्रयास था।

शैलजा के निष्कासन पर बुधवार को सवालों का जवाब देते हुए विजयन ने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों की राय का सम्मान करते हैं, लेकिन पार्टी की नीति है कि नए चेहरों को आना चाहिए।

उन्होंने निवर्तमान मंत्रिमंडल के अपने सहयोगियों के प्रदर्शन की सराहना की लेकिन कहा कि पार्टी का फैसला “किसी को भी विशेष छूट देने का नहीं है।”

उन्होंने कहा, “कई पूर्व मंत्रियों ने अपने विभागों में उल्लेखनीय काम किया था। पार्टी ने किसी को भी किसी तरह की छूट नहीं देने का फैसला किया है। पार्टी का मत नए लोगों को लाने का है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि शैलजा को मंत्रिमंडल में नहीं रखने का फैसला पार्टी की नीति पर आधारित है।

यह पूछे जाने पर कि क्या शैलजा दूसरे मौके की हकदार हैं, विजयन ने कहा कि कई हैं जो दूसरे मौके के हकदार थे।

इससे पहले दिन में माकपा ने कहा कि लोकप्रिय स्वास्थ्य मंत्री को मंत्रिमंडल में शामिल न करना पार्टी का एक “राजनीतिक व संगठनात्मक” फैसला है और इस पर कोई पुनर्विचार नहीं होगा।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के कार्यवाहक सचिव ए विजय राघवन ने कहा कि नेतृत्व ने पहले ही पार्टी द्वारा इस संदर्भ में लिये गए फैसले की जानकारी दे दी है।

उन्होंने कहा कि जहां तक कम्युनिस्ट पार्टी की बात है, राजनीति और संगठन समान रूप से महत्वपूर्ण हैं और मौजूदा फैसला इसी के अनुरूप है।

उन्होंने कहा, “पार्टी को अपने राजनीतिक और संगठनात्मक हितों को ध्यान में रखना होगा। सत्ताधारी दल के तौर पर, उसे राज्य के हितों की रक्षा के लिये भी उचित विचार करना होगा। इसलिये, गंभीर चिंतन के बाद पार्टी ऐसे फैसलों पर पहुंचती है।”

KK Shailaja
Pinarayi Vijayan

Related Stories

केरल उप-चुनाव: एलडीएफ़ की नज़र 100वीं सीट पर, यूडीएफ़ के लिए चुनौती 

केरल: RSS और PFI की दुश्मनी के चलते पिछले 6 महीने में 5 लोगों ने गंवाई जान

सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने के लिए आंबेडकर के संघर्षों से प्रेरणा लें : विजयन

सीपीआईएम पार्टी कांग्रेस में स्टालिन ने कहा, 'एंटी फ़ेडरल दृष्टिकोण का विरोध करने के लिए दक्षिणी राज्यों का साथ आना ज़रूरी'

सीताराम येचुरी फिर से चुने गए माकपा के महासचिव

केजरीवाल का पाखंड: अनुच्छेद 370 हटाए जाने का समर्थन किया, अब एमसीडी चुनाव पर हायतौबा मचा रहे हैं

केरल: एचएलएल के निजीकरण के ख़िलाफ़ युवाओं की रैली

केरल : वीज़िंजम में 320 मछुआरे परिवारों का पुनर्वास किया गया

किसी मुख्यमंत्री के लिए दो राज्यों की तुलना करना उचित नहीं है : विजयन

विजयन ने केरल के ‘खिलाफ’ टिप्पणी करने पर योगी आदित्यनाथ को आड़े हाथ लिया


बाकी खबरें

  • Modi
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: गुजरात में मोदी के चुनावी प्रचार से लेकर यूपी में मायावती-भाजपा की दोस्ती पर..
    03 Apr 2022
    हर हफ़्ते की तरह इस बार भी कुछ ज़रूरी राजनीतिक ख़बरों को लेकर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : आग़ा हश्र कश्मीरी की दो ग़ज़लें
    03 Apr 2022
    3 अप्रैल 1879 में जन्मे उर्दू शायर, अफ़सानानिगार और प्लेराइट आग़ा हश्र कश्मीरी की जयंती पर पढ़िये उनकी दो ग़ज़लें...
  • april fools
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    एप्रिल फूल बनाया, हमको गुस्सा नहीं आया
    03 Apr 2022
    अभी परसों ही एक अप्रैल गुजरा है। एप्रिल फूल बनाने का दिन। अभी कुछ साल पहले तक एक अप्रैल के दिन लोगों को बेवकूफ बनाने का काफी प्रचलन था। पर अब लगता है लोगों ने यह एक अप्रैल को फूल बनाने का चक्कर अब
  • ज़ाहिद खान
    कलाकार: ‘आप, उत्पल दत्त के बारे में कम जानते हैं’
    03 Apr 2022
    ‘‘मैं तटस्थ नहीं पक्षधर हूं और मैं राजनीतिक संघर्ष में विश्वास करता हूं। जिस दिन मैं राजनीतिक संघर्ष में हिस्सा लेना बंद कर दूंगा, मैं एक कलाकार के रूप में भी मर जाऊंगा।’’
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    CBI क्यों बनी 'तोता', कैसे हो सकती है आजाद, CJI ने क्यों जताई चिंता
    02 Apr 2022
    दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टेब्लिशमेन्ट एक्ट-1946 के तहत सन् 1963 में स्थापित सीबीआई और देश की अन्य जांच एजेंसियों को क्यों सरकारी नियंत्रण से मुक्त होना चाहिए? एक सुसंगत लोकतंत्र के लिए इन संस्थाओं का…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License