NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
आयकर विभाग ने दैनिक भास्कर मीडिया समूह के कई परिसरों पर मारे छापे
कोरोनाकाल में दैनिक भास्कर ने अपने रिपोर्टिंग को लेकर सभी का ध्याना खींचा था। जहां मीडिया का एक बड़ा तबका सरकार को संरक्षण दे रहा था वही दैनिक भास्कर अपनी ग्राउंड रिपोर्ट के माध्यम से ज़मीनी हक़ीक़त सामने ला रहा था। इस छापे के बाद से सोशल मीडिया पर लोग अखबार के समर्थन में खड़े होते नजर आ रहे हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
22 Jul 2021
दैनिक भास्कर
Image courtesy : Business Standard

नयी दिल्ली: आयकर विभाग ने कर चोरी के आरोपों में मीडिया समूह दैनिक भास्कर के विभिन्न शहरों में स्थित परिसरों पर बृहस्पतिवार को छापे मारे।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि छापेमारी भोपाल, जयपुर, अहमदाबाद और कुछ अन्य स्थानों पर की जा रही है।

विभाग या उसके नीति निर्माण निकाय से किसी तरह की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है, लेकिन आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई विभिन्न राज्यों में संचालित हिंदी मीडिया समूह के प्रवर्तकों के खिलाफ भी है।

एबीपी न्यूज की खबर के अनुसार, रात ढाई बजे के बाद से दैनिक भास्कर के कार्यालयों पर यह छापेमारी की जा रही है। पूरा सर्च ऑपरेशन दिल्ली और मुंबई टीम के द्वारा संचालित किया जा रहा है। इस छापेमारी में 100 से ज्यादा अधिकारी कर्मचारी शामिल हैं।

कांग्रेस नेता एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने छापेमारी की निंदा करते हुए ट्विटर पर कहा, "आयकर विभाग के अधिकारी समूह के करीब छह परिसरों पर मौजूद हैं। इनमें राज्य की राजधानी भोपाल में प्रेस कॉम्प्लेक्स में उसका कार्यालय भी शामिल है। पत्रकारिता पर मोदीशाह का प्रहार!! मोदीशाह का एक मात्र हथियार IT ED CBI!"

पत्रकारिता पर मोदीशाह का प्रहार!! मोदीशाह का एक मात्र हथियार IT ED CBI!
मुझे विश्वास है अग्रवाल बंधु डरेंगे नहीं।

दैनिक भास्कर के विभिन्न ठिकानों पर इनकम टैक्स इन्वेस्टिगेशन विंग की छापामार कार्रवाई शुरू...

प्रेस कॉन्प्लेक्स सहित आधा दर्जन स्थानों पर मौजूद है इनकम टैक्स की टीम

— digvijaya singh (@digvijaya_28) July 22, 2021

आपको बता दें इस कोरोनाकाल में दैनिक भास्कर ने अपने रिपोर्टिंग को लेकर सभी का ध्याना खींचा था। जहां मीडिया का एक बड़ा तबका सरकार को संरक्षण दे रहा था वही दैनिक भास्कर अपनी ग्राउंड रिपोर्ट के माध्यम से ज़मीनी हक़ीक़त सामने ला रहा था। इसलिए इस समय दैनिक भास्कर पर छापे को उस से जोड़ कर देखा जा रहा है।  इस छापे के बाद से सोशल मीडिया पर लोग अखबार के समर्थन में खड़े होते नजर आ रहे हैं।  

पत्रकार रोहिणी सिंह ने भी सरकार की इस कार्रवाई के लिए उसे आड़े हाथों लिया और कहा, "दैनिक भास्कर के सभी दफ़्तरों में आयकर विभाग के छापा, दर्जनों चैनलों को अपने इशारों पर नचाने वाले एक अख़बार का सच तक बर्दाश्त नहीं कर सके।"

दैनिक भास्कर के सभी दफ़्तरों में आयकर विभाग के छापा, दर्जनों चैनलों को अपने इशारों पर नचाने वाले एक अख़बार का सच तक बर्दाश्त नहीं कर सके।

कितने कमजोर, कायर और डरपोक लोग बैठे हैं सरकार में?

आपातकाल घोषित क्यूँ नहीं कर देते? अब बचा ही क्या है?

— Rohini Singh (@rohini_sgh) July 22, 2021

रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह भी दैनिक भास्कर के समर्थन में उतर पड़े। 

बच्चा बच्चा जानता था दैनिक भास्कर पर रेड होगी, बच्चा बच्चा अब सरकार की कार्यशैली समझता है।

पर आज वक्त है दैनिक भास्कर के साथ खड़े होने का, आज और अभी मैं @DainikBhaskar के E-अख़बार का 12 महीने का सब्स्क्रिप्शन ले रहा हूँ।

अब जो सच लिखेगा, वही बिकेगा। #IStandWithDainikBhaskar

— Surya Pratap Singh IAS Rtd. (@suryapsingh_IAS) July 22, 2021

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

Dainik Bhaskar
income tax
Tax department raids in Dainik Bhaskar
IT Raids
Modi government

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

सरकारी एजेंसियाँ सिर्फ विपक्ष पर हमलावर क्यों, मोदी जी?

आख़िर फ़ायदे में चल रही कंपनियां भी क्यों बेचना चाहती है सरकार?

तिरछी नज़र: ये कहां आ गए हम! यूं ही सिर फिराते फिराते

'KG से लेकर PG तक फ़्री पढ़ाई' : विद्यार्थियों और शिक्षा से जुड़े कार्यकर्ताओं की सभा में उठी मांग

मोदी के आठ साल: सांप्रदायिक नफ़रत और हिंसा पर क्यों नहीं टूटती चुप्पी?

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

किसानों और सत्ता-प्रतिष्ठान के बीच जंग जारी है


बाकी खबरें

  • जी-7 कॉर्पोरेट टैक्स डील – कर-राजस्व को कम करने और बहुराष्ट्रीय निगमों की लूट का सौदा?
    शिन्ज़नी जैन
    जी-7 कॉर्पोरेट टैक्स डील – कर-राजस्व को कम करने और बहुराष्ट्रीय निगमों की लूट का सौदा?
    12 Jun 2021
    जी-7 देशों के वित्त मंत्रियों ने बड़े बहुराष्ट्रीय समूहों के कर परिहार से निबटने के लिए  एक समझौते पर सहमति व्यक्त की है। इस समझौते पर जी-20 देशों की क्या प्रतिक्रिया होगी और इन योजनाओं को कैसे लागू…
  • बांका मदरसा बम विस्फोट मामला
    मुकुंद झा
    बांका मदरसा बम विस्फोट मामला: "मदरसों को आतंकवाद का केंद्र बताकर भाजपा सांप्रदायिक नफ़रत फैलाना चाहती है"
    12 Jun 2021
    बीजेपी इस पूरे मामले को अपने राजनीतिक फ़ायदे के लिए सांप्रदायिक रंग दे रही है और मुस्लिम समाज के प्रति नफ़रत फैला रही है। विपक्ष ही नहीं सत्ता में उसकी सहयोगी और उसके अधीन आने वाला प्रशासन भी उनकी…
  • तमिलनाडु: लॉकडाउन और ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच पिसते ऑटो चालक
    नीलाबंरन ए
    तमिलनाडु: लॉकडाउन और ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच पिसते ऑटो चालक
    12 Jun 2021
    कोरोना की दूसरी लहर को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन ने कई ऑटोरिक्शा चालकों की रोजी-रोटी मुश्किल कर दी है। जहां एक तरफ़ उनकी आमदनी कम हुई है, वहीं दूसरी तरफ ऑटो क
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 84,332 नए मामले, लेकिन फिर 4 हज़ार से ऊपर मौत
    12 Jun 2021
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 84,332 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में संक्रमण से पीड़ित 95 फ़ीसदी से ज़्यादा यानी 2 करोड़ 79 लाख 11 हज़ार 384 मरीज़ों को ठीक किया जा चुका है।
  • बैंक यूनियन ने किया निजीकरण का विरोध, 'राष्ट्र और उसके लोगों' को बताया पीएसबी का असली मालिक
    रौनक छाबड़ा
    बैंक यूनियन ने किया निजीकरण का विरोध, 'राष्ट्र और उसके लोगों' को बताया पीएसबी का असली मालिक
    12 Jun 2021
    राष्ट्रीय मीडिया हाल ही में विनिवेश पर सचिवों के कोर ग्रुप को नीति आयोग की तरफ़ से उन सार्वजनिक बैंकों के नामों का सुझाये जाने वाली ख़बरों से भरा पड़ा था जिनका निजीकरण किया जाना है। इसने बैंक इम्पलॉई…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License