NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
उत्पीड़न
भारत
दिल्ली में महिलाओं से बलात्कार एवं उत्पीड़न के मामलों में बढ़ोतरी
बलात्कार और उत्पीड़न के मामलों में इस साल के पहले साढ़े पांच महीनों में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि अन्य जघन्य अपराधों की कुल संख्या में मामूली कमी आयी है।
भाषा
06 Jul 2021
दिल्ली में महिलाओं से बलात्कार एवं उत्पीड़न के मामलों में बढ़ोतरी

नयी दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं के साथ बलात्कार और उत्पीड़न के मामलों में इस साल के पहले साढ़े पांच महीनों में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि अन्य जघन्य अपराधों की कुल संख्या में मामूली कमी आयी है। यह जानकारी अधिकारियों ने मंगलवार को दी।

अधिकारियों द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार जनवरी से 15 जून की अवधि में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में छिनैती के मामलों में 46 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल के 2,436 मामलों की तुलना में इस बार जघन्य अपराध के कुल 2,315 मामले सामने आए हैं।

उन्होंने कहा कि हत्या, दंगा और फिरौती के लिए अपहरण के मामलों में कमी आयी है, जबकि डकैती, हत्या के प्रयास और बलात्कार की घटनाओं में वृद्धि हुई है।

एक जनवरी से 15 जून के बीच, दिल्ली पुलिस ने जघन्य अपराधों के 2,315 मामले दर्ज किए। इसमें डकैती के सात, हत्या के 196, हत्या के प्रयास के 295, लूट के 942, दंगा के 35, फिरौती के लिए अपहरण के सात और बलात्कार के 833 मामले शामिल हैं।

पिछले साल इसी अवधि में, दिल्ली में डकैती के चार मामले, हत्या के 226, हत्या के प्रयास के 236, लूट के 701, दंगा के 681 मामले, फिरौती के लिए अपहरण के आठ और बलात्कार के 580 मामले सामने आए थे।

अधिकारियों ने कहा कि इस साल बलात्कार के मामलों में करीब 43 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के शील भंग के मामलों में 39 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस साल 1,022 ऐसे मामले दर्ज किए गए, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 735 मामले दर्ज किए गए थे। गैर-जघन्य अपराधों की संख्या में करीब आठ प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।

वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव ने एस एन श्रीवास्तव के सेवानिवृत्त होने के बाद बुधवार को दिल्ली पुलिस के आयुक्त के रूप में अतिरिक्त कार्यभार संभाला।

पुलिस आयुक्त के रूप में कार्यभार संभालने के तुरंत बाद, श्रीवास्तव ने पुलिस मुख्यालय में शीर्ष पुलिस अधिकारियों के साथ एक बैठक की। उन्होंने इसमें आने वाले दिनों में दिल्ली पुलिस के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों और रूपरेखा पर चर्चा की।

Rape cases in Delhi
Crimes in Delhi
delhi police
women safety
crimes against women
violence against women

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

क्या पुलिस लापरवाही की भेंट चढ़ गई दलित हरियाणवी सिंगर?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर कांड से लेकर गायघाट शेल्टर होम तक दिखती सिस्टम की 'लापरवाही'

यूपी: बुलंदशहर मामले में फिर पुलिस पर उठे सवाल, मामला दबाने का लगा आरोप!


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपी: अयोध्या में चरमराई क़ानून व्यवस्था, कहीं मासूम से बलात्कार तो कहीं युवक की पीट-पीट कर हत्या
    19 Mar 2022
    कुछ दिनों में यूपी की सत्ता पर बीजेपी की योगी सरकार दूसरी बार काबिज़ होगी। ऐसे में बीते कार्यकाल में 'बेहतर कानून व्यवस्था' के नाम पर सबसे ज्यादा नाकामी का आरोप झेल चुकी बीजेपी के लिए इसे लेकर एक बार…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    ट्रेड यूनियनों की 28-29 मार्च को देशव्यापी हड़ताल, पंजाब, यूपी, बिहार-झारखंड में प्रचार-प्रसार 
    19 Mar 2022
    दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए सभी ट्रेड यूनियन जुट गए हैं। देश भर में इन संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठकों का सिलसिला जारी है।
  • रवि कौशल
    पंजाब: शपथ के बाद की वे चुनौतियाँ जिनसे लड़ना नए मुख्यमंत्री के लिए मुश्किल भी और ज़रूरी भी
    19 Mar 2022
    आप के नए मुख्यमंत्री भगवंत मान के सामने बढ़ते क़र्ज़ से लेकर राजस्व-रिसाव को रोकने, रेत खनन माफ़िया पर लगाम कसने और मादक पदार्थो के ख़तरे से निबटने जैसी कई विकट चुनौतियां हैं।
  • संदीपन तालुकदार
    अल्ज़ाइमर बीमारी : कॉग्निटिव डिक्लाइन लाइफ़ एक्सपेक्टेंसी का प्रमुख संकेतक है
    19 Mar 2022
    आम तौर पर अल्ज़ाइमर बीमारी के मरीज़ों की लाइफ़ एक्सपेक्टेंसी 3-12 सालों तक रहती है।
  • पीपल्स डिस्पैच
    स्लोवेनिया : स्वास्थ्य कर्मचारी वेतन वृद्धि और समान अधिकारों के लिए कर रहे संघर्ष
    19 Mar 2022
    16 फ़रवरी को स्लोवेनिया के क़रीब 50,000 स्वास्थ्य कर्मचारी काम करने की ख़राब स्थिति, कम वेतन, पुराने नियम और समझौते के उल्लंघन के ख़िलाफ़ हड़ताल पर चले गए थे।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License