NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कृषि
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
गन्ने के एफआरपी में वृद्धि पेट्रोल, डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी के मुकाबले अपर्याप्त : टिकैत
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने मिलों द्वारा गन्ना किसानों को दिए जाने वाले न्यूनतम मूल्य में वृद्धि को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी के मद्देनजर ‘‘अपर्याप्त’’ बताया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
26 Aug 2021
टिकैत

मुजफ्फरनगर (उप्र): भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने मिलों द्वारा गन्ना किसानों को दिए जाने वाले न्यूनतम मूल्य में वृद्धि को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी के मद्देनजर ‘‘अपर्याप्त’’ बताया। मिलों को, गन्ना किसानों को प्रति क्विंटल पांच रुपये अधिक देना होगा।

केंद्र सरकार ने बुधवार को 2021-22 के नये विपणन सत्र के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी (एफआरपी) मूल्य पांच रुपये बढ़ाकर 290 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। हालांकि, इसके साथ ही सरकार ने चीनी के बिक्री मूल्य में तत्काल बढ़ोतरी से इनकार किया है।

मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) की बुधवार को हुई बैठक में 2021-22 के विपणन वर्ष (अक्टूबर-सितंबर) के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य बढ़ाने का फैसला किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे किसानों के हित में लिया गया ‘‘महत्वपूर्ण’’ फैसला बताया और कहा कि इससे चीनी मिल से जुड़े श्रमिकों को भी लाभ होगा।

बुधवार की शाम को यहां पत्रकारों से बातचीत में टिकैत ने कहा, ‘‘गन्ने के एफआरपी में यह वृद्धि किसानों को स्वीकार्य नहीं है क्योंकि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि के मुकाबले यह अपर्याप्त है।’’

उन्होंने मांग की कि गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य पेट्रोल, डीजल और उन अन्य वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि के अनुरूप होना चाहिए जो किसान फसल उगाने में इस्तेमाल करते हैं।

खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि केंद्र के फैसले से पांच करोड़ गन्ना किसान और उन पर निर्भर लोगों को फायदा होगा। साथ ही चीनी मिलों और संबंधित गतिविधियों में शामिल करीब पांच लाख कामगारों को भी लाभ होगा।

इससे पहले पंजाब के किसान ने भी गन्ने का दाम बढ़ाने को लेकर पांच दिनों तक प्रदर्शन किया था जिसके बाद पंजाब सरकार ने गन्ने का दाम में 50 रूपए की बढ़ोतरी की थी।  अब पंजाब में गन्ने का रेट 360 रुपए प्रति क्विंटल है।  

जिसके बाद मंगलवार को पंजाब के मुख्यमंत्री ने किसानों से मुलाक़ात की और उसके बाद इस बढ़ोतरी का एलान किया। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘यह बताते हुए खुशी हो रही है कि किसानों के साथ परामर्श के बाद, गन्ने के लिए 360 रुपये प्रति क्विंटल के राज्य परामर्श मूल्य (एसएपी) को मंजूरी दी है। मेरी सरकार हमारे किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। जय किसान, जय जवान!’’
(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ )

rakesh tikait
Sugarcane FRP
Indian Farmer's Union

Related Stories

किसान-आंदोलन के पुनर्जीवन की तैयारियां तेज़

MSP पर लड़ने के सिवा किसानों के पास रास्ता ही क्या है?

यूपी चुनाव: किसान-आंदोलन के गढ़ से चली परिवर्तन की पछुआ बयार

किसानों की ऐतिहासिक जीत के मायने

किसानों के ‘भारत बंद’ का दिख रहा है देशभर में व्यापक असर

मिशन यूपी: मुज़फ़्फ़रनगर किसान महापंचायत का संदर्भ और आगे का रास्ता

मुज़फ्फ़रनगर की किसान महापंचायत उत्तर प्रदेश चुनाव में बन सकती है भाजपा के लिए मुसीबत

मुज़फ़्फ़रनगर महापंचायत : जनउभार और राजनैतिक हस्तक्षेप की दिशा में किसान आंदोलन की लम्बी छलांग

यूपी: केंद्र ने चुनाव से पहले गन्ने की एफआरपी बढ़ाई; किसान बोले विफलताओं को छुपाने का ढकोसला

मुज़फ़्फ़रनगर में 'ऐतिहासिक' महापंचायत के लिए प्रचार, 2 लाख से अधिक किसान लेंगे भाग


बाकी खबरें

  • srilanka
    न्यूज़क्लिक टीम
    श्रीलंका: निर्णायक मोड़ पर पहुंचा बर्बादी और तानाशाही से निजात पाने का संघर्ष
    10 May 2022
    पड़ताल दुनिया भर की में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने श्रीलंका में तानाशाह राजपक्षे सरकार के ख़िलाफ़ चल रहे आंदोलन पर बात की श्रीलंका के मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉ. शिवाप्रगासम और न्यूज़क्लिक के प्रधान…
  • सत्यम् तिवारी
    रुड़की : दंगा पीड़ित मुस्लिम परिवार ने घर के बाहर लिखा 'यह मकान बिकाऊ है', पुलिस-प्रशासन ने मिटाया
    10 May 2022
    गाँव के बाहरी हिस्से में रहने वाले इसी मुस्लिम परिवार के घर हनुमान जयंती पर भड़की हिंसा में आगज़नी हुई थी। परिवार का कहना है कि हिन्दू पक्ष के लोग घर से सामने से निकलते हुए 'जय श्री राम' के नारे लगाते…
  • असद रिज़वी
    लखनऊ विश्वविद्यालय में एबीवीपी का हंगामा: प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक रविकांत चंदन का घेराव, धमकी
    10 May 2022
    एक निजी वेब पोर्टल पर काशी विश्वनाथ मंदिर को लेकर की गई एक टिप्पणी के विरोध में एबीवीपी ने मंगलवार को प्रोफ़ेसर रविकांत के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया। उन्हें विश्वविद्यालय परिसर में घेर लिया और…
  • अजय कुमार
    मज़बूत नेता के राज में डॉलर के मुक़ाबले रुपया अब तक के इतिहास में सबसे कमज़ोर
    10 May 2022
    साल 2013 में डॉलर के मुक़ाबले रूपये गिरकर 68 रूपये प्रति डॉलर हो गया था। भाजपा की तरफ से बयान आया कि डॉलर के मुक़ाबले रुपया तभी मज़बूत होगा जब देश में मज़बूत नेता आएगा।
  • अनीस ज़रगर
    श्रीनगर के बाहरी इलाक़ों में शराब की दुकान खुलने का व्यापक विरोध
    10 May 2022
    राजनीतिक पार्टियों ने इस क़दम को “पर्यटन की आड़ में" और "नुकसान पहुँचाने वाला" क़दम बताया है। इसे बंद करने की मांग की जा रही है क्योंकि दुकान ऐसे इलाक़े में जहाँ पर्यटन की कोई जगह नहीं है बल्कि एक स्कूल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License