NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
उत्पीड़न
भारत
राजनीति
शेल्टर होम्स में बढ़ती यौन हिंसा, बिलासपुर में उज्ज्वला गृह के कर्मचारियों पर बलात्कार के आरोप!
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक सरकारी उज्ज्वला गृह से भागी तीन लड़कियों ने इसके कर्मचारियों पर कथित यौन हिंसा और देह व्यापार का आरोप लगाया है।
सोनिया यादव
22 Jan 2021
बिलासपुर उज्जवला गृह
बिलासपुर उज्जवला गृह (फोटो सभार: shivmangalwel.org)

जरा सोचिए! एक योजना जो महिलाओं के कल्याण के लिए बनाई गई हो, जिसका मकसद उन्हें शोषण-उत्पीड़न से बचाकर समाज की मुख्यधारा में दोबारा जोड़ना हो। अगर उसी योजना की आड़ में यौन उत्पीड़न और देह व्यापार का गंदा खेल चल रहा हो, तो क्या होगा?

कुछ यही हाल है देश के कई आश्रय गृहों का। मुजफ्फरपुर, आगरा, देवरिया के बाद अब छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक सरकारी उज्ज्वला गृह में रहने वाली लड़कियों ने इसके कर्मचारियों पर कथित यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। यहां से भागकर आईं लड़कियों बिलासपुर में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि शेल्टर होम में उनके और अन्य महिलाओं के साथ किस तरह का व्यवहार होता है।

लड़कियों के मुताबिक आश्रय गृह में लड़कियों का कथित यौन शोषण किया जाता था। साथ ही लड़कियों को कथित रूप से देह व्यापार के लिए बाहर भी भेजा जाता था।

इस घटना को लेकर पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ता लड़कियों के मुताबिक जब शिकायत की गई तो पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। जिसके बाद उन्होंने आईजी बिलासपुर को एक लिखित शिकायत दी। दर्ज हुई एफआईआर को लेकर तीनों महिलाओं ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराया है।

क्या है पूरा मामला?

केंद्र सरकार की उज्ज्वला गृह योजना के तहत बच्चों तथा महिलाओं के मानव तस्करी और व्यावसायिक यौन शोषण से बचाव, पुनर्वास और उन्हें समाज में पुनः जोड़ने का काम किया जाता है। इस योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग ने रायपुर, बिलासपुर, कोरबा और कोरिया ज़िले में स्वैच्छिक संगठनों को केंद्र संचालन का ज़िम्मा दिया है। इन केंद्रों को सरकारी अनुदान तो मिलता ही है, देशी-विदेशी संस्थाओं से पैसे भी मिलते हैं।

इंडियन एक्सप्रेस  के अनुसार बिलासपुर के जिस उज्ज्वला गृह पर आरोप लगा है उसका संचालन 2014 से एनजीओ शिव मंगल शिक्षण समिति द्वारा किया जाता है। मीडिया खबरों के मुताबिक शिव मंगल शिक्षण समिति को 2019-20 में 14.59 लाख रुपये का अनुदान मिला था।

पुलिस पर मामले को गंभीरता से न लेने का आरोप

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक इस उज्ज्वला गृह से भागकर आईं तीन युवतियों ने प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि उन सभी को रात तीन बजे तक थाने में रोक कर रखा गया, लेकिन यौन प्रताड़ना और देह व्यापार के लिए बाहर भेजे जाने संबंधी उनके आरोपों को पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में दर्ज नहीं किया और मामूली मारपीट की धाराएं लगाकर उन्हें चलता कर दिया गया।

इसके उलट उज्ज्वला गृह के संचालक की शिकायत पर युवती और उनके परिजनों के ख़िलाफ़ कर्मचारियों के साथ मारपीट व तोड़फोड़ की रिपोर्ट दर्ज़ कर ली गई।

एक पीड़िता ने कहा, "मेरे साथ गैंगरेप हुआ था और पुलिस मुझे उज्ज्वला गृह में यह कहकर छोड़ गई थी कि तीन बयान कोर्ट में होने के बाद मुझे यहाँ से छोड़ दिया जाएगा। उज्ज्वला गृह में चौथे ही दिन मेरे साथ रेप किया गया और जब मैंने कहा कि मैं इसकी शिकायत करूंगी तो मेरे साथ लगातार मारपीट की गई।"

नशीली दवा देकर होता है यौन उत्पीड़न!

एक अन्य पीड़िता ने आरोप लगाया कि वहाँ खाने में कथित रूप से कोई दवा दी जाती थी, जिसके बाद युवतियाँ बेसुध हो जाती थीं। सुबह जब नींद खुलती थी तो वो असामान्य स्थिति में होती थीं।

युवती का कहना था कि उनके सामने दूसरी युवतियों को रात को उज्ज्वला गृह से बाहर भेजा जाता था।

एक अन्य युवती ने आरोप लगाया कि विरोध करने वाली युवतियों के कपड़े उतार कर, उन्हें कमरे में बंद कर दिया जाता था।

हालांकि, उज्ज्वला गृह के संचालक जीतेंद्र कुमार मौर्य ने मीडिया को दिये अपने बयान में सभी आरोपों से इंकार करते हुए कहा कि महिलाओं के सारे आरोप झूठे हैं और संस्था को बदनाम करने के लिए साज़िश की जा रही है।

पुलिस का क्या कहना है?

इस मामले में गुरुवार, 20 जनवरी की शाम बिलासपुर की सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी संचालक जितेंद्र मौर्या को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया से बात करते हुए बिलासपुर एसपी प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि हम जांच कर रहे हैं। यदि महिलाएं कहती हैं कि उन्हें हिंसा का शिकार होना पड़ा है तो हम इसकी जांच करवाएंगे।

मामले की जाँच कर रहे सरकंडा इलाक़े के थाना प्रभारी जेपी गुप्ता ने मीडिया को बताया कि रविवार, 17 जनवरी की रात युवतियों ने ऐसा कोई आरोप नहीं लगाया था। महिला पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में उनका बयान रिकार्ड किया था। अगर कोई सामने आकर शिकायत करेगा तो उसकी ज़रूर जाँच की जाएगी।

बता दें कि इन आरोपों के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक और उनकी एक टीम ने मामले की जाँच के लिए बिलासपुर का दौरा किया है। फ़िलहाल इस केंद्र को बंद कर दिया गया है और वहाँ रह रहीं लड़कियों को उनके घर या सखी सेंटर भेजा जा रहा है।

महिलाओं की वकील का क्या कहना है?

मानवाधिकार कार्यकर्ता और हाईकोर्ट की अधिवक्ता प्रियंका शुक्ला इन महिलाओँ की वकील हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस मामले में जाँच की जगह लीपापोती हो रही है और इन युवतियों और उनकी मदद करने वालों पर ही दबाव बनाया जा रहा है, उन्हें बयान बदलने के लिए धमकाया जा रहा है।

प्रियंका के अनुसार सरकार को एसआईटी गठित कर जाँच करनी चाहिए क्योंकि यहां भी बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर शेल्टर होम जैसी स्थितियों की आशंका है।

प्रियंका शुक्ला ने एफआईआर को लेकर द क्विंट को बताया, “जो एफआईआर हुई उसमें 294, 323, 342 धाराएं जोड़ी गईं। जो इस मामले से आरोपियों को सजा नहीं बल्कि बचाने के लिए लगाई गई हैं। मजिस्ट्रेट के सामने 164 के तहत बयान दर्ज होने के बाद हमने फिर से एफआईआर के लिए प्रोसेस किया है, जिसमें बंधक बनाने से लेकर 376, 354D जैसी धाराएं लगनी चाहिए।"

गौरतलब है टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टिस) की रिपोर्ट के बाद बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम का मामला सामने आया था। इसके बाद कई सर्वे हुए जिसमें ये बात सामने आई कि आश्रय स्थलों पर बच्चों और औरतों को सुरक्षा के लिहाज से रखा जाता है, उनकी सुरक्षा पर सरकारी कोष से लाखों रुपया खर्च किया जाता है। लेकिन इन आश्रय गृहों की निगरानी और मॉनिटरिंग नहीं होती। शेल्टर होम की निगरानी का जिम्मा जिला मजिस्ट्रेट, जिला प्रोबेशन और महिला, बाल कल्याण अधिकारी के पास होता है, लेकिन इन सभी स्तरों पर निगरानी का काम ठीक तरह से नहीं होता।

Chhattisgarh
Bilaspur Shelter Home
Bilaspur Police
shelter home
crimes against women
violence against women
women safety

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर कांड से लेकर गायघाट शेल्टर होम तक दिखती सिस्टम की 'लापरवाही'

यूपी: बुलंदशहर मामले में फिर पुलिस पर उठे सवाल, मामला दबाने का लगा आरोप!

दिल्ली गैंगरेप: निर्भया कांड के 9 साल बाद भी नहीं बदली राजधानी में महिला सुरक्षा की तस्वीर

असम: बलात्कार आरोपी पद्म पुरस्कार विजेता की प्रतिष्ठा किसी के सम्मान से ऊपर नहीं


बाकी खबरें

  • Gauri Lankesh pansare
    डॉ मेघा पानसरे
    वे दाभोलकर, पानसरे, कलबुर्गी या गौरी लंकेश को ख़ामोश नहीं कर सकते
    17 Feb 2022
    दाभोलकर, पानसरे, कलबुर्गी और गौरी को चाहे गोलियों से मार दिया गया हो, मगर उनके शब्द और उनके विचारों को कभी ख़ामोश नहीं किया जा सकता।
  • union budget
    टिकेंदर सिंह पंवार
    5,000 कस्बों और शहरों की समस्याओं का समाधान करने में केंद्रीय बजट फेल
    17 Feb 2022
    केंद्र सरकार लोगों को राहत देने की बजाय शहरीकरण के पिछले मॉडल को ही जारी रखना चाहती है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में आज फिर 30 हज़ार से ज़्यादा नए मामले, 541 मरीज़ों की मौत
    17 Feb 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 30,757 नए मामले सामने आए है | देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 27 लाख 54 हज़ार 315 हो गयी है।
  • yogi
    एम.ओबैद
    यूपी चुनावः बिजली बिल माफ़ करने की घोषणा करने वाली BJP का, 5 साल का रिपोर्ट कार्ड कुछ और ही कहता है
    17 Feb 2022
    "पूरे देश में सबसे ज्यादा महंगी बिजली उत्तर प्रदेश की है। पिछले महीने मुख्यमंत्री (योगी आदित्यनाथ) ने 50 प्रतिशत बिजली बिल कम करने का वादा किया था लेकिन अभी तक कुछ नहीं किया। ये बीजेपी के चुनावी वादे…
  • punjab
    रवि कौशल
    पंजाब चुनाव : पुलवामा के बाद भारत-पाक व्यापार के ठप हो जाने के संकट से जूझ रहे सीमावर्ती शहर  
    17 Feb 2022
    स्थानीय लोगों का कहना है कि पाकिस्तान के साथ व्यापार के ठप पड़ जाने से अमृतसर, गुरदासपुर और तरनतारन जैसे उन शहरों में बड़े पैमाने पर बेरोज़गारी पैदा हो गयी है, जहां पहले हज़ारों कामगार,बतौर ट्रक…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License