NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
26 मार्च का भारत बंद होगा ऐतिहासिक: किसान संगठन
वरिष्ठ किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि सड़क और रेल परिवहन को अवरुद्ध किया जाएगा तथा बाजार भी बंद रहेंगे। मोर्चे ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में भी बंद किया जाएगा। राजेवाल ने कहा कि संगठित और असंगठित क्षेत्र से जुड़ी ट्रेड यूनियनों और परिवहन एवं अन्य संगठनों ने ‘भारत बंद’ के किसानों के आह्वान को अपना समर्थन दिया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
25 Mar 2021
26 मार्च का भारत बंद होगा ऐतिहासिक: किसान संगठन

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में शुक्रवार को रेल और सड़क परिवहन के प्रभावित होने की संभावना है तथा बाजार भी बंद रह सकते हैं क्योंकि केंद्र के नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान संगठनों ने संपूर्ण ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है। हालांकि पांच चुनावी राज्यों में यह बंद नहीं होगा।

केंद्र की मोदी सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ और एमएसपी की गारंटी का कानून बनाने की मांग को लेकर दिल्ली के बॉर्डर्स पर चल रहा आंदोलन आज 120वें दिन भी जारी रहा।

‘सयुंक्त किसान मोर्चा’ ने कहा है कि सरकार किसानों की मांग मानने की बजाय इसे पूरी तरह बदनाम कर रही है। न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी के लिए व तीन कृषि कानूनों को रद्द करवाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे किसान मोर्चा ने 26 मार्च को भारत बंद का आह्वान किया है। इस दिन सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक देशभर में सभी सड़कें व रेल परिवहन, सभी बाजार व अन्य सार्वजनिक स्थान बंद रहेंगे। हालांकि जिन राज्य में चुनाव होने जा रहे हैं वहां पर यह आवश्यक नहीं है। किसान मोर्चा ने कहा कि वो देशवासियों से अपील करते हैं कि इस भारत बंद को सफल बनाकर अपने अन्नदाता का सम्मान करें।

संयुक्त किसान मोर्चे के अनुसार देशभर में राष्ट्रव्यापी बंद 26 मार्च को दिल्ली की तीन सीमाओं-सिंघू, गाजीपुर और टीकरी पर किसान आंदोलन के चार महीने पूरे होने पर किया जा रहा है।

वरिष्ठ किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि सड़क और रेल परिवहन को अवरुद्ध किया जाएगा तथा बाजार भी बंद रहेंगे। मोर्चे ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में भी बंद किया जाएगा।

राजेवाल ने कहा कि संगठित और असंगठित क्षेत्र से जुड़ी ट्रेड यूनियनों और परिवहन एवं अन्य संगठनों ने ‘भारत बंद’ के किसानों के आह्वान को अपना समर्थन दिया है।

उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘किसान विभिन्न स्थानों पर रेल पटरियों को अवरुद्ध करेंगे। भारत बंद के दौरान बाजार और परिवहन सेवाएं बंद रहेंगी।’’

राजेवाल ने कहा कि हालांकि एंबुलेंस और अग्निशमन जैसी आवश्यक सेवाओं को बंद के दौरान अनुमति होगी।

किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि ‘भारत बंद’ का बड़ा प्रभाव हरियाणा और पंजाब में होगा।

उन्होंने कहा कि चुनावी राज्यों-तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल, केरल और पुडुचेरी के लोगों से बंद में शामिल न होने की अपील की गई है।

खेत कानूनों के अलावा, यूनियनों ने भी पिछले तीन महीनों में लोगों से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ बंद में शामिल होने की अपील की। वाम दलों के अलावा कांग्रेस, राकांपा और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने बंद का समर्थन किया है ।

अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव और संयुक्त मोर्चा के एक प्रमुख सदस्य हन्नान मोल्लाह ने न्यूज़क्लिक को बताया कि देश भर में बंद का असर महसूस किया जाएगा। भारत बंद पर समन्वय के लिए कल 21 राज्यों के किसान नेताओं के साथ मेरी बातचीत हुई। मुझे बताया जा रहा है कि बंद ऐतिहासिक होगा। दक्षिण भारत में जम्मू-कश्मीर से लेकर कर्नाटक तक की सरकारों को अन्यायपूर्ण और दमनकारी नीतियों के खिलाफ लोगों के गुस्सा है । जहां तक तैयारियों का सवाल है, हमने अभी ओडिशा का 14 दिन का दौरा पूरा किया है, जहां हमने कृषि कानूनों, उनके प्रभाव और बंद के बारे में इसके अंदरूनी हिस्सों में अभियान चलाया।”

आगे उन्होंने कहा “इसी तरह, हमने तेलंगाना में चार बड़े महापंचायत किए और लोगों से कहा कि वे अपने जिलों में अभियान चलाएं। महाराष्ट्र में भी 100 से अधिक किसान संगठनों ने सामूहिक सहयोग के लिए महाराष्ट्र किसान अगाड़ी नामक एक संगठन का गठन किया। हालांकि, हम COVID-19 के बढ़ते मामलों और बाद में जिलों में लागू किए गए लॉकडाउन से मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि चुनावी राज्यों में भी लोग रैली कर रहे है, उनके लिए कोरोना नहीं है। इसी तरह हम अपना संदेश देने के लिए पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार में महापंचायत कर रहे हैं। हमने समस्तीपुर, बिहार में आज शुक्रवार को भी एक महापंचायत का आयोजन किया।

किसानों और अन्य संगठनों के अथक दबाव के बाद वाईएस जगनमोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली आंध्र प्रदेश सरकार और मुख्य विपक्षी तेलुगु देशम पार्टी ने बंद को अपना समर्थन दिया। दोपहर 1 बजे तक सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। इसी तरह राज्य परिवहन की बसें दोपहर 1 बजे के बाद ही सड़कों पर ही चलेंगी। विशेष रूप से राज्य के विशाखापट्टनम स्टील प्लांट के निजीकरण के कदम के खिलाफ व्यापक विरोध देखा जा रहा है।

मज़दूर संगठन सेन्टर ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) के महासचिव तपन सेन ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा कि श्रमिक सड़कों को अवरुद्ध करके शहरी क्षेत्रों और शहर के केंद्रों में संघर्ष में शामिल होंगे। उन्होंने कहा, “हमने अपनी इकाइयों को उन तरीकों में भाग लेने के लिए कहा है जो वे उचित समझते हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि श्रमिकों और किसानों के बीच एकता संगठित रूप से बढ़ी क्योंकि वे एक ही परिवार से हैं। इस संबंध को स्पष्ट रूप से किसान मज़दूर पदयात्र के जत्थे में देखा गया जहाँ कार्यकर्ताओं ने उत्साह से रैलियों में भाग लिया। इसलिए, वे सड़कों पर आएंगे और रोजगार और मुद्रास्फीति के खिलाफ अपना गुस्सा दिखाने के लिए सड़क और रेलवे यातायात को रोकेंगे।”

इस्पात संयंत्र के निजीकरण के विरोध में बंद के समर्थन में आंध्रा सरकार के फैसले के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा: “आंध्र प्रदेश में सरकारें एक के बाद एक निजीकरण अभियान का समर्थन कर रही हैं। जब मैं राज्य सभा सदस्य था तो मैंने यह आँख से देखा था। उन्होंने (आंध्रा प्रदेश की सत्तधारी दल) ऐसे बिलों के खिलाफ एक भी उंगली नहीं उठाई। आंध्र प्रदेश में सरकार को आम लोगों द्वारा ऐसा कदम उठाने के लिए मजबूर किया गया है। कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को उठाया, खुद को संगठित किया, और इसे लोगों तक ले गए। परिणामस्वरूप सरकार के पास अब इसका विरोध करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।”

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

Bharat Bandh
AIKS
CITU
SKM
Farm Laws
Farmers Protests
Visakhapatnam Steel Plant
Privatisation

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

विशाखापट्टनम इस्पात संयंत्र के निजीकरण के खिलाफ़ श्रमिकों का संघर्ष जारी, 15 महीने से कर रहे प्रदर्शन

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

देशव्यापी हड़ताल: दिल्ली में भी देखने को मिला व्यापक असर

सार्वजनिक संपदा को बचाने के लिए पूर्वांचल में दूसरे दिन भी सड़क पर उतरे श्रमिक और बैंक-बीमा कर्मचारी

झारखंड: केंद्र सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों और निजीकरण के ख़िलाफ़ मज़दूर-कर्मचारी सड़कों पर उतरे!


बाकी खबरें

  • make in india
    बी. सिवरामन
    मोदी का मेक-इन-इंडिया बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा श्रमिकों के शोषण का दूसरा नाम
    07 Jan 2022
    बहुराष्ट्रीय कंपनियों के गिग कार्यकर्ता नई पीढ़ी के श्रमिक कहे जा सकते  हैं, लेकिन वे सीधे संघर्ष में उतरने के मामले में ऑटो व अन्य उच्च तकनीक वाले एमएनसी श्रमिकों से अब टक्कर लेने लगे हैं। 
  • municipal elections
    फर्राह साकिब
    बिहारः नगर निकाय चुनावों में अब राजनीतिक पार्टियां भी होंगी शामिल!
    07 Jan 2022
    ये नई व्यवस्था प्रक्रिया के लगभग अंतिम चरण में है। बिहार सरकार इस प्रस्ताव को विधि विभाग से मंज़ूरी मिलने के पश्चात राज्य मंत्रिपरिषद में लाने की तैयारी में है। सरकार की कैबिनेट की स्वीकृति के बाद इस…
  • Tigray
    एम. के. भद्रकुमार
    नवउपनिवेशवाद को हॉर्न ऑफ़ अफ्रीका की याद सता रही है 
    07 Jan 2022
    हिंद महासागर को स्वेज नहर से जोड़ने वाले रणनीतिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण लाल सागर पर अपने नियंत्रण को स्थापित करने की अमेरिकी रणनीति की पृष्ठभूमि में चीन के विदेश मंत्री वांग यी की अफ्रीकी यात्रा काफी…
  • Supreme Court
    अजय कुमार
    EWS कोटे की ₹8 लाख की सीमा पर सुप्रीम कोर्ट को किस तरह के तर्कों का सामना करना पड़ा?
    07 Jan 2022
    आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग को आरक्षण देने के लिए ₹8 लाख की सीमा केवल इस साल की परीक्षा के लिए लागू होगी। मार्च 2022 के तीसरे हफ्ते में आर्थिक तौर पर कमजोर सीमा के लिए निर्धारित क्राइटेरिया की वैधता पर…
  • bulli bai aap
    सना सुल्तान
    विचार: शाहीन बाग़ से डरकर रचा गया सुल्लीडील... बुल्लीडील
    07 Jan 2022
    "इन साज़िशों से मुस्लिम औरतें ख़ासतौर से हम जैसी नौजवान लड़कियां ख़ौफ़ज़दा नहीं हुईं हैं, बल्कि हमारी आवाज़ और बुलंद हुई है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License