NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फिलिस्तीन
हाल ही में गाज़ा पर इज़रायली हमले के दौरान अपराधों की अंतरराष्ट्रीय जांच के ख़िलाफ़ भारत ने मतदान किया
यूएनएचआरसी के विशेष सत्र द्वारा स्वीकार किए गए प्रस्ताव में फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों और इज़रायल में प्रणालीगत मानवाधिकारों के हनन की जांच को अनिवार्य कर दिया गया।
पीपल्स डिस्पैच
28 May 2021
हाल ही में गाज़ा पर इज़रायली हमले के दौरान अपराधों की अंतरराष्ट्रीय जांच के ख़िलाफ़ भारत ने मतदान किया

फ़िलिस्तीन के अंदर और इज़रायल में  संभावित मानवाधिकारों के उल्लंघन और गाजा पर इज़रायल के हालिया हमले में  युद्ध अपराधों की अंतरराष्ट्रीय जांच का आह्वान करने वाले प्रस्ताव के खिलाफ गुरुवार 27 मई को भारत ने मतदान किया।

भारत के नकारात्मक वोट के बावजूद पक्ष में पड़े 24 वोटों के साथ इस प्रस्ताव को स्वीकार किया गया जबकि इसके खिलाफ नौ वोट पड़े।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के एक विशेष सत्र ने निर्णय लिया कि गाजा में हाल ही में इजरायली हमले सहित पिछले दो महीनों में पूर्वी येरुशेलम और इज़रायल में और कब्जे वाले फ़िलिस्तीनी क्षेत्र में मानवीय और मानवाधिकार कानून के सभी उल्लंघनों की जांच के लिए एक स्थायी अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग का गठन किया जाए।

जांच आयोग इस क्षेत्र में ऐसे संघर्ष और मानवाधिकारों के उल्लंघन के मूल कारणों की भी जांच करेगा। इस प्रस्ताव को इस्लामिक संगठन की ओर से पाकिस्तान द्वारा पेश किया गया था जिसे अन्य  देश के साथ चीन, रूस और क्यूबा द्वारा समर्थन दिया गया।

फ्रांस, भारत और ब्राजील सहित अन्य देशों ने इसका विरोध किया। जर्मनी, यूके और उरुग्वे जैसे 14 देश मौजूद नहीं रहे।

इस प्रस्ताव में आयोग से "राष्ट्रीय, जातीय, नस्लीय और धार्मिक पहचान पर आधारित प्रणालीगत भेदभाव" सहित मानवाधिकारों के उल्लंघन के तथ्य और सबूत इकट्ठा करने के लिए कहा गया है ताकि अपराधियों को जवाबदेह ठहराने के लिए कानूनी प्रक्रिया में उनका इस्तेमाल किया जा सके। यह इज़रायल के फ़िलिस्तीनी नागरिकों के मानवाधिकारों के उल्लंघन की जांच के समान होगा।

हाल ही में गाजा पर  इजरायली हमले पर लंबी चर्चा के बाद इस प्रस्ताव को स्वीकार किया गया। इजरायल के हमले में 66 बच्चों सहित 248 फिलिस्तीनी मारे गए थे। 

स्पीकर ने नागरिक क्षेत्रों के अंदर  इजरायल के हिंसा के इस्तेमाल की आलोचना की और अवैध बस्तियों का विस्तार करने और शेख जर्राह और  अन्य आवासीय क्षेत्रों से फिलिस्तीनियों को जबरदस्ती विस्थापित करने का आरोप लगाया। इस प्रस्ताव में सभी संबंधित पक्षों से जांच आयोग के साथ सहयोग करने को कहा गया है।

हालांकि, प्रस्ताव पारित होने के तुरंत बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बयान जारी कर इस फैसले को 'शर्मनाक' और यूएनएचआरसी का इजरायल विरोधी जुनून" उदाहरण बताया।

इज़रायल ने यह भी कहा कि वह आयोग के साथ सहयोग नहीं करेगा। हमास और अन्य फिलिस्तीनी समूहों ने आयोग के गठन के निर्णय का स्वागत किया। फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण ने इस निर्णय को "फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ  इज़रायल की व्यवस्थागत उत्पीड़न और भेदभाव की अंतर्राष्ट्रीय मान्यता" करार दिया।

Israel
Palestine
Gaza
United nations
Israel-Palestine

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

जलवायु परिवर्तन : हम मुनाफ़े के लिए ज़िंदगी कुर्बान कर रहे हैं

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

क्या यूक्रेन मामले में CSTO की एंट्री कराएगा रूस? क्या हैं संभावनाएँ?

पुतिन को ‘दुष्ट' ठहराने के पश्चिमी दुराग्रह से किसी का भला नहीं होगा


बाकी खबरें

  • अभिलाषा, संघर्ष आप्टे
    महाराष्ट्र सरकार का एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम को लेकर नया प्रस्ताव : असमंजस में ज़मीनी कार्यकर्ता
    04 Apr 2022
    “हम इस बात की सराहना करते हैं कि सरकार जांच में देरी को लेकर चिंतित है, लेकिन केवल जांच के ढांचे में निचले रैंक के अधिकारियों को शामिल करने से समस्या का समाधान नहीं हो सकता”।
  • रवि शंकर दुबे
    भगवा ओढ़ने को तैयार हैं शिवपाल यादव? मोदी, योगी को ट्विटर पर फॉलो करने के क्या हैं मायने?
    04 Apr 2022
    ऐसा मालूम होता है कि शिवपाल यादव को अपनी राजनीतिक विरासत ख़तरे में दिख रही है। यही कारण है कि वो धीरे-धीरे ही सही लेकिन भाजपा की ओर नरम पड़ते नज़र आ रहे हैं। आने वाले वक़्त में वो सत्ता खेमे में जाते…
  • विजय विनीत
    पेपर लीक प्रकरणः ख़बर लिखने पर जेल भेजे गए पत्रकारों की रिहाई के लिए बलिया में जुलूस-प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट का घेराव
    04 Apr 2022
    पत्रकारों की रिहाई के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा का गठन किया है। जुलूस-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आंचलिक पत्रकार भी शामिल हुए। ख़ासतौर पर वे पत्रकार जिनसे अख़बार…
  • सोनिया यादव
    बीएचयू : सेंट्रल हिंदू स्कूल के दाख़िले में लॉटरी सिस्टम के ख़िलाफ़ छात्र, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी
    04 Apr 2022
    बीएचयू में प्रशासन और छात्र एक बार फिर आमने-सामने हैं। सीएचएस में प्रवेश परीक्षा के बजाए लॉटरी सिस्टम के विरोध में अभिभावकों के बाद अब छात्रों और छात्र संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है।
  • टिकेंदर सिंह पंवार
    बेहतर नगरीय प्रशासन के लिए नई स्थानीय निकाय सूची का बनना ज़रूरी
    04 Apr 2022
    74वां संविधान संशोधन पूरे भारत में स्थानीय नगरीय निकायों को मज़बूत करने में नाकाम रहा है। आज जब शहरों की प्रवृत्तियां बदल रही हैं, तब हमें इस संशोधन से परे देखने की ज़रूरत है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License