NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
इंडिगो कर्मचारियों के वेतन में मई से करेगी कटौती
कंपनी वेतन कटौती के अलावा मई, जून और जुलाई में कुछ कर्मचारियों को ‘श्रेणीबद्ध तरीके से सीमित बिना वेतन की छुट्टियों’ पर भी भेजेगी।
भाषा
08 May 2020
indigo
Image courtesy: The Financial Express

नयी दिल्ली: सस्ती उड़ान सेवा देने वाली निजी विमानन कंपनी इंडिगो मई से अपने वरिष्ठ कर्मचारियों के वेतन में कटौती करेगी। इसके अलावा मई, जून और जुलाई में कुछ कर्मचारियों को ‘श्रेणीबद्ध तरीके से सीमित बिना वेतन की छुट्टियों’ पर भी भेजेगी।

कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रणजय दत्ता ने इस संबंध में कंपनी के कर्मचारियों को ई-मेल संदेश भेजा है। कोविड-19 संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए देशभर में 25 मार्च से लॉकडाउन (बंद) है। इसके चलते लोगों की आवाजाही पर पाबंदी है। विमानन उद्योग को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

ई-मेल संदेश के मुताबिक दत्ता ने कहा, ‘‘हमने मार्च और अप्रैल में कर्मचारियों का पूरा वेतन दिया। अब हमारे पास मूल रूप से घोषित वेतन कटौती को मई 2020 से लागू करने के सिवाय कोई विकल्प नहीं बचा है।’’

इंडिगो ने 19 मार्च को वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन में कटौती की घोषणा की थी। लेकिन सरकार की अपील को ध्यान में रखते हुए उसने इसे 23 अप्रैल को इसे वापस ले लिया।

दत्ता ने अपने संदेश में कहा, ‘‘वेतन कटौती के साथ-साथ हमें एक और कड़ा कदम उठाना पड़ रहा है। हम मई, जून और जुलाई में श्रेणीबद्ध तरीके से लोगों को सीमित बिना वेतन की छुट्टी पर भी भेजेंगे।’’

उन्होंने कहा कि बिना वेतन की ये छुट्टियां कर्मचारियों की श्रेणी के हिसाब से डेढ़ दिन से लेकर पांच दिन तक होंगी। इस पूरी प्रक्रिया में हम ये ध्यान रखेंगे कि हमारे ‘ए’ श्रेण्री के कर्मचारियों पर कोई प्रभाव ना पड़े जो हमारे कार्यबल का सबसे बड़ा हिस्सा भी हैं।

कंपनी की ओर से 19 मार्च को घोषित नीति के मुताबिक दत्ता खुद के वेतन में 25 प्रतिशत की सबसे अधिक कटौती करेंगे। वहीं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन में भी श्रेणीबद्ध तरीके से कटौती की जानी है।

इसके हिसाब से वरिष्ठ उपाध्यक्ष और उससे ऊपर के स्तर पर कर्मचारियों के वेतन में 20 प्रतिशत, उपाध्यक्ष और विमान चालक दल कर्मचारियों के वेतन में 15 प्रतिशत, सहायक उपाध्यक्ष, डी-श्रेणी और इस स्तर के चालक दल कर्मचारियों के वेतन में 10 प्रतिशत और सी-श्रेणी पर पांच प्रतिशत की वेतन कटौती की जानी है।

Indigo
Indigo Workers
Lockdown
Workers Payment
Salary Cut

Related Stories

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 

लॉकडाउन-2020: यही तो दिन थे, जब राजा ने अचानक कह दिया था— स्टैचू!

जब तक भारत समावेशी रास्ता नहीं अपनाएगा तब तक आर्थिक रिकवरी एक मिथक बनी रहेगी

25 मार्च, 2020 - लॉकडाउन फ़ाइल्स

लॉकडाउन में लड़कियां हुई शिक्षा से दूर, 67% नहीं ले पाईं ऑनलाइन क्लास : रिपोर्ट

शिक्षा बजट: डिजिटल डिवाइड से शिक्षा तक पहुँच, उसकी गुणवत्ता दूभर

यूपी: महामारी ने बुनकरों किया तबाह, छिने रोज़गार, सरकार से नहीं मिली कोई मदद! 

बजट '23: सालों से ग्रामीण भारत के साथ हो रही नाइंसाफ़ी से निजात पाने की ज़रूरत

यूपी चुनावों को लेकर चूड़ी बनाने वालों में क्यों नहीं है उत्साह!

संभावित लॉकडाउन के ख़तरे के बीच बिहार-यूपी लौटने लगे प्रवासी श्रमिक !


बाकी खबरें

  • विशेष: युद्धोन्माद नहीं, मनुष्य का मन तो शांति चाहता है
    शंभूनाथ शुक्ल
    विशेष: युद्धोन्माद नहीं, मनुष्य का मन तो शांति चाहता है
    11 Jul 2021
    यह भय ही दरअसल हथियारों की होड़ में फंसाता है और गरीब मुल्क इस होड़ में अपनी आय का बड़ा हिस्सा हथियारों की ख़रीद पर खर्च कर देते हैं। जबकि एक लोक कल्याणकारी सरकार के लिए अपनी सकल आय का बड़ा हिस्सा…
  • बेरोज़गार भारत एक पड़ताल: केंद्र और राज्य सरकारों में 60 लाख से अधिक स्वीकृत पद खाली
    पीयूष शर्मा
    बेरोज़गार भारत एक पड़ताल: केंद्र और राज्य सरकारों के 60 लाख से अधिक स्वीकृत पद खाली
    11 Jul 2021
    इतनी बड़ी संख्या में पद खाली होना, मोदी सरकार की खर्चा न करने और जनविरोधी नीतियों का परिणाम हैं अगर वास्तव में देश में किसी राहत पैकेज की जरूरत है तो वो है कि खाली पदों को भरा जाए और नए पदों का जरूरत…
  • जब सामाजिक समरसता पर लग जाता है साम्प्रादायिकता का ‘ग्रहण’
    रचना अग्रवाल
    जब सामाजिक समरसता पर लग जाता है साम्प्रादायिकता का ‘ग्रहण’
    11 Jul 2021
    वेब सीरीज़ ‘ग्रहण’ की एक कहानी 2016 की है तो दूसरी 1984 की। आज के साम्प्रादायिक माहौल में जब एक बार फिर दक्षिणपंथी ताकतें सर उठा रही हैं तो यह विषय खासा महत्वपूर्ण बन जाता है।
  • स्टेन स्वामी
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    स्टेन स्वामी: जब उन्होंने फादर ऑफ द नेशन को नहीं छोड़ा तो ‘फादर’ को क्या छोड़ते
    11 Jul 2021
    जब अपनी सरकार नहीं थी तब भी, तिहत्तर साल पहले एक बूढ़े को गोली मार कर मार दिया गया था और अब जब अपनी सरकार है तो दूसरे बूढ़े को जेल में सड़ा कर मार दिया गया। जब जनता को सबक सिखाना हो तो बूढ़ों तक के…
  • योगीराज में चीरहरण, हिंसा क्या 2022 का ट्रेलर है?
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    योगीराज में चीरहरण, हिंसा क्या 2022 का ट्रेलर है?
    10 Jul 2021
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने बताया कि पंचायत-ब्लॉक प्रमुखों के चुनावों में जिस तरह से राज्य सरकार की सरपरस्ती में भाजपा ने हिंसक वारदातों-औरतों के शील पर हमला करके जीत हासिल की, वह…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License