NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
कोविड-19 टीकों के उत्पादन के लिए पेटेंट अधिकारों को छोड़ने की अंतर्राष्ट्रीय मांग बढ़ी
विश्व व्यापार संगठन के टीआरआईपीएस समझौतों ने कोविड-19 टीकों के उत्पादन को सीमित कर दिया है जिससे पूरे विश्व में पहुंच असमान हो गई है। इससे सबसे ज़्यादा ग़रीब देश प्रभावित हैं जिन्हें अपने देश के लोगों का टीकाकरण करने के लिए एक भी खुराक प्राप्त नहीं हुई है या अपर्याप्त मात्रा में खुराक उपलब्ध हुई है।
पीपल्स डिस्पैच
11 Mar 2021
कोविड-19 टीकों के उत्पादन के लिए पेटेंट अधिकारों को छोड़ने की अंतर्राष्ट्रीय मांग बढ़ी

COVID-19 टीकों के असमान पहुंच के मुद्दे को उठाते हुए करीब सौ से अधिक विकासशील देशों ने अस्थायी रूप से इसके उत्पादन के लिए पेटेंट अधिकारों को छोड़ने को लेकर विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) को लिखा है। इन देशों ने दावा किया है कि पेटेंट के कारण गरीब देश कम लागत में इन टीकों का उत्पादन नहीं कर सकते हैं और अपनी जनता का टीकाकरण नहीं कर सकते हैं।

इस महामारी के खिलाफ लड़ाई के लिए टिके के उत्पादन और अन्य आवश्यक उपकरण के उत्पादन में वृद्धि करने के लिए तकनीक और विज्ञान के ज्ञान को गरीब देशों को बड़े पैमाने पर मुहैया कराने के उद्देश्य के साथ पिछले साल अक्टूबर महीने में सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका और भारत द्वारा कोरोनावायरस महामारी की अवधि के दौरान ट्रेड रिलेटेड अस्पेक्ट्स ऑफ इंटेलेक्चूअल प्रोपर्टी राइट्स (टीआरआईपीएस) को लेकर डब्ल्यूटीओ के समझौते स्थगित करने का प्रस्ताव पेश किया गया था।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस एडेनम गेब्रियेसस ने भी इस महीने की शुरुआत में इस निर्णय का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि पेटेंट नियंत्रण के लिए अस्थायी तरीके से छोड़ने का यह सही समय है।

गेब्रियेसस और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस कई देशों के उन नेताओं और अधिकार समूहों में शामिल हो गए हैं जिन्होंने अमीर देशों द्वारा COVID-19 टीकों की जमाखोरी और उनके "वैक्सीन नेशनलिज्म" की आलोचना की है। ये जमाखोरी और वैक्सीन नेशनलिज्म का मामला ऐसे समय में सामने आया है जब अधिकांश देशों ने इस वैक्सीन की एक भी खुराक प्राप्त नहीं की है।

डब्ल्यूएचओ के प्रमुख के अनुसार अमीर देश अपने धन का उपयोग और प्रौद्योगिकी पर नियंत्रण करते हुए इन टीकों की आवश्यक खुराक की तुलना में अधिक मात्रा में प्राप्त कर लिया है जिसके कारण गरीब देशों के लिए इसकी अनुपलब्धता बढ़ गई है। यहां तक कि डब्ल्यूएचओ का COVAX पहल इन टीकों की कमी और इस "वैक्सीन नेशनलिज्म" के कारण प्रभावी ढंग से काम करने के मुद्दे को हल करने में विफल रही है।

विश्व व्यापार संगठन के प्रमुख नगोजी ओकेंजो-ल्विला ने पदभार संभालने के बाद “वैक्सीन नेशनलिज्म” की भी निंदा करते हुए कहा था कि “कोई भी तब तक सुरक्षित नहीं है जब तक सभी सुरक्षित नहीं हैं”। अफ्रीकी संघ ने भी कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों और अधिकार समूहों जैसे कि अंतरराष्ट्रीय पीपल्स असेंबली के यूरोपीय सचिवालय के पेटेंट छोड़ने की मांग का समर्थन किया है।

Candidate Vaccine
COVID-19
Covid-19 in Europe
COVID-19 vaccine
European Citizens' Initiative
Pandemic Response
Soberana 2
WTO

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    'राम का नाम बदनाम ना करो'
    17 Apr 2022
    यह आराधना करने का नया तरीका है जो भक्तों ने, राम भक्तों ने नहीं, सरकार जी के भक्तों ने, योगी जी के भक्तों ने, बीजेपी के भक्तों ने ईजाद किया है।
  • फ़ाइल फ़ोटो- PTI
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: क्या अब दोबारा आ गया है LIC बेचने का वक्त?
    17 Apr 2022
    हर हफ़्ते की कुछ ज़रूरी ख़बरों को लेकर फिर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन..
  • hate
    न्यूज़क्लिक टीम
    नफ़रत देश, संविधान सब ख़त्म कर देगी- बोला नागरिक समाज
    16 Apr 2022
    देश भर में राम नवमी के मौक़े पर हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद जगह जगह प्रदर्शन हुए. इसी कड़ी में दिल्ली में जंतर मंतर पर नागरिक समाज के कई लोग इकट्ठा हुए. प्रदर्शनकारियों की माँग थी कि सरकार हिंसा और…
  • hafte ki baaat
    न्यूज़क्लिक टीम
    अखिलेश भाजपा से क्यों नहीं लड़ सकते और उप-चुनाव के नतीजे
    16 Apr 2022
    भाजपा उत्तर प्रदेश को लेकर क्यों इस कदर आश्वस्त है? क्या अखिलेश यादव भी मायावती जी की तरह अब भाजपा से निकट भविष्य में कभी लड़ नहींं सकते? किस बात से वह भाजपा से खुलकर भिडना नहीं चाहते?
  • EVM
    रवि शंकर दुबे
    लोकसभा और विधानसभा उपचुनावों में औंधे मुंह गिरी भाजपा
    16 Apr 2022
    देश में एक लोकसभा और चार विधानसभा चुनावों के नतीजे नए संकेत दे रहे हैं। चार अलग-अलग राज्यों में हुए उपचुनावों में भाजपा एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हुई है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License