NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
पड़ताल: कोरोना को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के दावे भ्रामक
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने अन्य देशों की तुलना में ज्यादा नागरिकों को बचाया है। ये काफी भ्रामक टिप्पणी है। क्योंकि प्रधानमंत्री कुछ स्पष्ट नहीं कर रहे कि वो किसे “बचाया हुआ” मान रहे हैं। क्या उन लोगों की बात कर रहे हैं जो संक्रमित हुए लेकिन रिकवर हो गये या उन तमाम लोगों की बात कर रहे हैं जो आज ज़िंदा है।
राज कुमार
15 Aug 2021
पड़ताल: कोरोना को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के दावे भ्रामक

आज 75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल क़िले की प्राचीर से भाषण दिया। वैसे तो आप हर रोज ही प्रधानमंत्री को कहीं ना कहीं बोलते हुए देखते और सुनते होंगे। लेकिन स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल क़िले से दिया गया भाषण विशेष होता है। इसका विशेष महत्व और गरिमा होती है। अगर इस मौके पर लाल क़िले से प्रधानमंत्री द्वारा ऐसे गलत दावे किये जाएं जो तथ्यों के कहीं आस-पास भी नहीं फटकते, तो ये काफी चिंताजनक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या गलत दावा किया है? क्या है मामला? आइये, समझते है।

प्रधानमंत्री का दावा

प्रधानमंत्री ने लाल क़िले से बोलते हुए अपने भाषण के शुरुआती समय में कोरोना के बारे में बात की। उन्होंने कहा-

“...ये बात सही है कि अन्य देशों की तुलना में भारत में कम लोग संक्रमित हुए हैं। ये भी सही है कि दुनिया के देशों की जनसंख्या की तुलना में भारत में हम अधिकतम मात्रा में हमारे नागरिकों को बचा सके हैं...। ”

प्रधानमंत्री के भाषण के इस अंश को आप 11:22 टाइमकोड पर इस वीडियो में देख और सुन सकते हैं। इस टिप्पणी में प्रधानमंत्री दो दावे कर रहे हैं।

1.     अन्य देशों की तुलना में भारत में कम लोग संक्रमित हुए हैं।

2.     भारत ने अन्य देशों की तुलना में ज्यदा नागरिकों को बचाया है।

आइये, अब इन दोनों दावों की पड़ताल करते हैं।

क्या अन्य देशों की तुलना में भारत में कम लोग संक्रमित हुए हैं?

इस दावे की सच्चाई को जानने के लिए हमें दुनिया के अन्य देशों में कोरोना के संक्रमण के आंकड़े देखने होंगे और भारत से उसकी तुलना करनी होगी। दुनिया के विभिन्न देशों के कोरोना से संबंधित आंकड़े worldometer पर संग्रहित किए जाते हैं। जहां जाकर आप अलग-अलग देशों की स्थिति जान सकते हैं। इस वेबसाइट के अनुसार कोरोना संक्रमण के मामले में भारत विश्व में दूसरे नंबर पर है। वेबसाइट के अनुसार भारत में अब तक कोरोना के 3,21,92,576 केस दर्ज़ किए गए हैं। कोरोना संक्रमण के मामले में भारत विश्व में दूसरे स्थान पर है। मतलब भारत में अन्य देशों की तुलना में कम संक्रमण नहीं है बल्कि अमेरिका को छोड़कर विश्व के अन्य सभी देशों से ज्यादा संक्रमण भारत में है।

आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री मोदी का दावा गलत है कि भारत में अन्य देशों की तुलना में कम लोग संक्रमित हुए हैं। worldometer पर 222 देशों के आंकड़े हैं जिसमें भारत 220 देशों से ऊपर है।

हालांकि प्रधानमंत्री ने भाषण में इस संदर्भ में कहीं रेखांकित नहीं किया है कि वो प्रति दस लाख जनसंख्या पर संक्रमण की बात कर रहे हैं। लेकिन अगर इस हिसाब से भी तथ्यों को जांचें तो पता चलता है कि भारत में प्रति दस लाख जनसंख्या पर संक्रमण की दर 23,074 है और भारत में विश्व में 117वें स्थान पर है।

क्या भारत ने अन्य देशों की तुलना में ज्यादा नागरिकों को बचाया है?

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने अन्य देशों की तुलना में ज्यादा नागरिकों को बचाया है। ये काफी भ्रामक टिप्पणी है। क्योंकि प्रधानमंत्री कुछ स्पष्ट नहीं कर रहे कि वो किसे “बचाया हुआ” मान रहे हैं। क्या उन लोगों की बात कर रहे हैं जो संक्रमित हुए लेकिन रिकवर हो गये या उन तमाम लोगों की बात कर रहे हैं जो आज ज़िंदा है। प्रधानमंत्री की टिप्पणी में एक चालाकी और झोल है। इस तरह की टिप्पणी करके प्रधानमंत्री एक तीर से दो निशाने साधना चाहते हैं। वो कोरोना वारियर बनकर श्रेय भी लेना चाहते हैं और कोई ठोस और स्पष्ट तथ्य ना देकर ज़िम्मेदरी से भी बचना चाहते हैं। बस माहौल बनाते हैं।

बचाए गए लोगों बारे प्रधानमंत्री की टिप्पणी भ्रामक है। इसके तथ्यों की पड़ताल करना मुश्किल है क्योंकि ये टिप्पणी सिर्फ हवाबाज़ी है। लेकिन कोरोना से कितनी मौत हुई हैं ये आंकड़ा मौजूद है। कोरोना से होने वाली मौतों के मामले में हम विश्व में तीसरे स्थान पर हैं। भारत में अब तक कोरोना से 4,31,253 लोगों की जान गई है। गौरतलब है कि कोरोना से होने वाली मौतों के आंकड़े के संदर्भ में सरकार पर गंभीर सवाल उठे हैं और आरोप है कि सरकार कोरोना से हुई मौतों के आंकड़े छुपा रही है। तो कोरोना से मौत का ये आंकड़ा कई गुणा अधिक हो सकता है।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल क़िले से कोरोना संबंधी किये गए दावे गलत और भ्रामक है।

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार एवं ट्रेनर हैं। वे सरकारी योजनाओं से संबंधित दावों और वायरल संदेशों की पड़ताल भी करते हैं।)

Narendra modi
independence day
75th Independence day
Coronavirus
COVID-19
Modi Govt

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • MGNREGA
    सरोजिनी बिष्ट
    ग्राउंड रिपोर्ट: जल के अभाव में खुद प्यासे दिखे- ‘आदर्श तालाब’
    27 Apr 2022
    मनरेगा में बनाये गए तलाबों की स्थिति का जायजा लेने के लिए जब हम लखनऊ से सटे कुछ गाँवों में पहुँचे तो ‘आदर्श’ के नाम पर तालाबों की स्थिति कुछ और ही बयाँ कर रही थी।
  • kashmir
    सुहैल भट्ट
    कश्मीर में ज़मीनी स्तर पर राजनीतिक कार्यकर्ता सुरक्षा और मानदेय के लिए संघर्ष कर रहे हैं
    27 Apr 2022
    सरपंचों का आरोप है कि उग्रवादी हमलों ने पंचायती सिस्टम को अपंग कर दिया है क्योंकि वे ग्राम सभाएं करने में लाचार हो गए हैं, जो कि जमीनी स्तर पर लोगों की लोकतंत्र में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए…
  • THUMBNAIL
    विजय विनीत
    बीएचयू: अंबेडकर जयंती मनाने वाले छात्रों पर लगातार हमले, लेकिन पुलिस और कुलपति ख़ामोश!
    27 Apr 2022
    "जाति-पात तोड़ने का नारा दे रहे जनवादी प्रगतिशील छात्रों पर मनुवादियों का हमला इस बात की पुष्टि कर रहा है कि समाज को विशेष ध्यान देने और मज़बूती के साथ लामबंद होने की ज़रूरत है।"
  • सातवें साल भी लगातार बढ़ा वैश्विक सैन्य ख़र्च: SIPRI रिपोर्ट
    पीपल्स डिस्पैच
    सातवें साल भी लगातार बढ़ा वैश्विक सैन्य ख़र्च: SIPRI रिपोर्ट
    27 Apr 2022
    रक्षा पर सबसे ज़्यादा ख़र्च करने वाले 10 देशों में से 4 नाटो के सदस्य हैं। 2021 में उन्होंने कुल वैश्विक खर्च का लगभग आधा हिस्सा खर्च किया।
  • picture
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    डूबती अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए अर्जेंटीना ने लिया 45 अरब डॉलर का कर्ज
    27 Apr 2022
    अर्जेंटीना की सरकार ने अपने देश की डूबती अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) के साथ 45 अरब डॉलर की डील पर समझौता किया। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License