NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
परमाणु समझौते के हस्ताक्षरकर्ताओं की बैठक से पहले ईरान ने अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने की मांग की
2015 के जेसीपीओए समझौते के हस्ताक्षरकर्ताओं की इन-पर्सन बैठक 6 अप्रैल को ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में आयोजित की जाएगी।
पीपल्स डिस्पैच
05 Apr 2021
परमाणु समझौते के हस्ताक्षरकर्ताओं की बैठक से पहले ईरान ने अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने की मांग की

ईरान के उप विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराक्ची ने रविवार 4 अप्रैल को फिर कहा कि मंगलवार को वियना में होने वाले ज्वाइंट कम्प्रीहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन (जेसीपीओए) की संयुक्त आयोग की बैठक के दौरान प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिका के साथ बातचीत करने की ईरान की कोई योजना नहीं है।

संयुक्त आयोग की "इन पर्सन" बैठक में परमाणु समझौते के सभी हस्ताक्षरकर्ता भाग लेंगे। यह जेसीपीओए में तैयार किया गया एक तंत्र है। COVID-19 के प्रकोप के कारण बैठक पिछले साल थम गई थी। इस बैठक में यूरोपीय संघ, चीन, रूस और ब्रिटेन के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।

पिछले अमेरिकी प्रस्तावों के आधार पर प्रतिबंधों के धीरे धारी हटाने को लेकर कयासों पर प्रतिक्रिया देते हुए अराक्ची ने रविवार को कहा, "हमारे पास क्रमशः कोई योजना या प्रस्ताव नहीं है और इसे स्वीकार नहीं करते हैं।"

शुक्रवार 2 अप्रैल को ईरान और अमेरिका दोनों के बयानों के मद्देनजर अराक्ची के ये बयान महत्वपूर्ण हो गया है। इनका कहना है कि वे संयुक्त आयोग की वार्ता के दौरान वियना में अपने मुद्दों को हल करने के लिए अप्रत्यक्ष वार्ता शुरू करेंगे। गुरुवार 1 अप्रैल को अमेरिका सहित परमाणु समझौते के सभी हस्ताक्षरकर्ताओं की एक वर्चुअल बैठक के बाद ये घोषणा की गई थी।

अमेरिका 2018 में डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन के अधीन 2015 के इस समझौते को अब तक का "सबसे बुरा समझौता" करार देते हुए इससे हट गया था और ईरान पर विभिन्न आर्थिक और राजनीतिक प्रतिबंध लगाए थे। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने इस समझौते के तहत इसके कुछ वादों को तोड़ दिया था।

जो बाइडन प्रशासन ने इस समझौते में शामिल होने की इच्छा व्यक्त की है लेकिन प्रतिबंधों को उठाने से पहले इनकार कर दिया है। ईरान द्वारा पूर्ण अनुपालन के लिए प्रतिबंधों को हटाना एक महत्वपूर्ण पूर्व शर्त है।

गुरुवार की इस बैठक के लिए इस समझौते के यूरोपीय हस्ताक्षरकर्ताओं, जर्मनी और फ्रांस व ब्रिटेन के साथ-साथ रूस और चीन द्वारा मार्ग प्रशस्त किया गया।

ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने गुरुवार की बैठक के बाद स्पष्ट किया था कि अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की वार्ता आवश्यक नहीं है और संयुक्त आयोग "तेजी से प्रतिबंध हटाने को" अंतिम रूप देगा।

IRAN
America
JCPOA Agreement

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

ईरानी नागरिक एक बार फिर सड़कों पर, आम ज़रूरत की वस्तुओं के दामों में अचानक 300% की वृद्धि

असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान पर विएना वार्ता गंभीर मोड़ पर 

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें


बाकी खबरें

  • एसकेएम की केंद्र को चेतावनी : 31 जनवरी तक वादें पूरे नहीं हुए तो 1 फरवरी से ‘मिशन उत्तर प्रदेश’
    मुकुंद झा
    एसकेएम की केंद्र को चेतावनी : 31 जनवरी तक वादें पूरे नहीं हुए तो 1 फरवरी से ‘मिशन उत्तर प्रदेश’
    16 Jan 2022
    संयुक्त किसान मोर्चा के फ़ैसले- 31 जनवरी को देशभर में किसान मनाएंगे "विश्वासघात दिवस"। लखीमपुर खीरी मामले में लगाया जाएगा पक्का मोर्चा। मज़दूर आंदोलन के साथ एकजुटता। 23-24 फरवरी की हड़ताल का समर्थन।
  • cm yogi dalit
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव और दलित: फिर पकाई और खाई जाने लगी सियासी खिचड़ी
    16 Jan 2022
    चुनाव आते ही दलित समुदाय राजनीतिक दलों के लिए अहम हो जाता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही हो रहा है। उनके साथ बैठकर खाना खाने की राजनीति भी शुरू हो गई है। अब देखना होगा कि दलित वोटर अपनी पसंद किसे बनाते हैं…
  • modi
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे : झुकती है सरकार, बस चुनाव आना चाहिए
    16 Jan 2022
    बीते एक-दो सप्ताह में हो सकता है आपसे कुछ ज़रूरी ख़बरें छूट गई हों जो आपको जाननी चाहिए और सिर्फ़ ख़बरें ही नहीं उनका आगा-पीछा भी मतलब ख़बर के भीतर की असल ख़बर। वरिष्ठ पत्रकार अनिल जैन आपको वही बता  …
  • Tribute to Kamal Khan
    असद रिज़वी
    कमाल ख़ान : हमीं सो गए दास्तां कहते कहते
    16 Jan 2022
    पत्रकार कमाल ख़ान का जाना पत्रकारिता के लिए एक बड़ा नुक़सान है। हालांकि वे जाते जाते भी अपनी आंखें दान कर गए हैं, ताकि कोई और उनकी तरह इस दुनिया को देख सके, समझ सके और हो सके तो सलीके से समझा सके।…
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    योगी गोरखपुर में, आजाद-अखिलेश अलगाव और चन्नी-सिद्धू का दुराव
    15 Jan 2022
    मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के अयोध्या से विधानसभा चुनाव लडने की बात पार्टी में पक्की हो गयी थी. लेकिन अब वह गोरखपुर से चुनाव लडेंगे. पार्टी ने राय पलट क्यों दी? दलित नेता चंद्रशेखर आजाद की पार्टी अब…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License