NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ईरान ने सीरिया के भीतर अपनी सेनाओं पर इज़रायली हवाई हमले के बाद प्रतिक्रिया की चेतावनी दी
वर्ष 2011 में युद्ध की शुरुआत के बाद से सीरिया ने अपनी संप्रभुता के उल्लंघन में सीरिया के भीतर कई हवाई हमले किए हैं।
पीपल्स डिस्पैच
23 Nov 2020
ईरान ने सीरिया के भीतर अपनी सेनाओं पर इज़रायली हवाई हमले के बाद प्रतिक्रिया की चेतावनी दी

ईरान ने सीरियाई संप्रभुता के बार-बार उल्लंघन के ख़िलाफ़ इज़रायल को चेतावनी दी और देश के अंदर ईरान की उपस्थिति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वाले को "कुचलने" का जवाब देने का संकल्प लिया। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सईद खतीबज़ादेह सीरिया में शनिवार को इज़रायल के हवाई हमलों के बाद रविवार 22 नवंबर को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

इज़रायल ने 18 नवंबर और शनिवार 21 नवंबर को सीरिया में दो हवाई हमले किया है। बुधवार को दमिश्क के पास इज़रायली हवाई हमलों में कम से कम तीन सीरियाई सैनिकों की मौत हो गई और एक घायल हो गया। रिपोर्ट के अनुसार इराक़ी सीमा के पास शनिवार को दीर एज़ोर प्रांत में हुए हवाई हमलों में लगभग 14 सैनिक मारे गए। हालांकि, सईद खतीबज़ादेह ने शनिवार के हमले में किसी भी मौत की पुष्टि नहीं की।

हालांकि, इजरायल के सैनिकों ने बुधवार को दमिश्क के पास के क्षेत्रों पर अपने हमले को स्वीकार करते हुए दावा किया कि सीरियाई सैनिकों ने इज़रायल के नियंत्रण वाले गोलन हाइट्स में विस्फोटक उपकरणों को लगाने का प्रयास किया। इज़रायल ने इस गतिविधि में ईरानी कुद्स सैनिकों के शामिल होने का भी आरोप लगाया। ईरान ने इन आरोपों से इनकार किया और कहा कि सीरिया में ईरान की भागीदारी सलाहकार के रुप में है।

वर्ष 2011 में युद्ध की शुरुआत के बाद से इज़रायल ने सीरिया के अंदर सैकड़ों हवाई हमले किए हैं। हालांकि इज़रायल इन हवाई हमलों को शायद ही कभी स्वीकार करता है। जब भी इज़रायल इन हमलों को स्वीकार करता है तो वह उन्हें "ईरानी ठिकानों" पर हमला कहता है या "ईरानी समर्थित मिलिशिया के खि़लाफ़ हमला" बताता है।

देश में जारी युद्ध के दौरान मिलिशिया और आतंकवादी समूहों जैसे इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) और अल-कायदा के खिलाफ लड़ने में मदद करने के लिए बशर अल-असद की सरकार की सहमति से ईरानी और रूसी सेनाओं को देश में तैनात किया गया है।

खतीबज़ादेह ने यूएस सेक्रेट्री ऑफ स्टेट माइक पोम्पिओ के क़ब्ज़े वाले गोलन हाइट्स के अंदर एक अवैध इज़रायली बस्ती के दौरे की निंदा की। उन्होंने इसे सीरियाई संप्रभुता का उल्लंघन और ट्रम्प प्रशासन के कार्यकाल के समाप्त होने से पहले एक उकसावा बताया है।

1967 के युद्ध में इजरायल ने सीरियाई गोलन हाइट्स पर क़ब्ज़ा कर लिया और इसे 1981 में अवैध रूप से मिला लिया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पिछले साल दीर्घकालिक अमेरिकी नीति के ख़िलाफ़ और स्थापित अंतरराष्ट्रीय क़ानून के खि़लाफ़ जाते हुए इस क्षेत्र पर एकतरफा इजरायल की संप्रभुता को मान्यता दिया था।

IRAN
Syria
Israel
International news

Related Stories

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

ईरानी नागरिक एक बार फिर सड़कों पर, आम ज़रूरत की वस्तुओं के दामों में अचानक 300% की वृद्धि

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

रूस-यूक्रैन संघर्षः जंग ही चाहते हैं जंगखोर और श्रीलंका में विरोध हुआ धारदार

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल


बाकी खबरें

  • Yoweri Museveni
    सिलजा फ़्रोलिच
    अफ़्रीका : तानाशाह सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए कर रहे हैं
    11 Jan 2022
    युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी पर फर्जी सोशल मीडिया एकाउंट्स के ज़रिये अपनी सत्ता को मज़बूत करने का आरोप है। लेकिन वे अफ़्रीका में अकेले नहीं हैं। क्या महाद्वीप में सोशल मीडिया लोकतंत्र के लिए…
  • Elizabeth Holmes
    प्रबीर पुरकायस्थ
    एलिज़ाबेथ होम्स फ़ैसला: अमरीका में ग्राहकों से ठगी जायज़, पर निवेशकों से झूठ नहीं चलेगा
    11 Jan 2022
    अमरीका का जाना-परखा न्याय यही कहता है, कि उपभोक्ता ठग होते हैं और उनको ठगने में कोई गुनाह नहीं है। लेकिन निवेशकर्ताओं के साथ ऐसा सलूक नहीं किया जा सकता है, वे बड़े धनपति जो हैं। 
  • covid
    दित्सा भट्टाचार्य
    भारत की कोविड-19 मौतें आधिकारिक आंकड़ों से 6-7 गुना अधिक हैं: विश्लेषण
    11 Jan 2022
    नए अध्ययन के मुताबिक भारत में 2020 में अपेक्षित मृत्यु दर से कम की तुलना में 2021 में उच्च कोविड मृत्यु दर इस विषय में और अधिक शोध की मांग करता है।
  • Anand
    सत्यम श्रीवास्तव
    मध्य प्रदेश आनंद विभाग: कर्मकांड और प्रचार से दूर 'आनंद' की हक़ीक़त
    11 Jan 2022
    हिंदुस्तान में यह पहली बार हुआ था कि किसी एक राज्य (मध्य प्रदेश) में अपने नागरिकों की खुशहाली को मापने और खुशहाली का प्रचार-प्रसार करने के लिए सांस्थानिक स्तर पर पहल की। लेकिन सरकार द्वारा किए गए काम…
  •  Kashmir’s apple industry
    न्यूज़क्लिक टीम
    कश्मीर के सेब व्यापारी अपने भविष्य के लिए चिंतित, सरकार की तरफ़ से नहीं मिल रही मदद
    11 Jan 2022
    क़रीब 8,000 करोड़ के कश्मीर के सेब उद्योग को इलाक़े की अर्थव्यवस्था की बैकबोन माना जाता है, जिससे 30 लाख से ज़्यादा लोग जुड़े हुए हैं। मौजूदा समय में, #कश्मीरघाटी में 2,400 करोड़ तक की लागत के सेब का बाज़ार…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License