NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इराक़ ने अमेरिका से देश से अपने सैनिकों की वापसी में तेज़ी लाने के लिए कहा
साल 2003 में नाटो के नेतृत्व में आक्रमण के बाद तेल समृद्ध इस देश में अमेरिकी सैनिकों को तैनात किया गया था जिसे 2011 में वापस बुलाया गया लेकिन आईएसआईएस के उभार के बाद 2014 में फिर से तैनात किया गया।
पीपल्स डिस्पैच
16 Apr 2021
इराक़ ने अमेरिका से देश से अपने सैनिकों की वापसी में तेज़ी लाने के लिए कहा

इराक की सरकार ने अमेरिकी सैनिकों की देश से वापसी के लिए एक निश्चित समयसीमा तय करने के अपने प्रयासों को बढ़ा दिया है। मीडिया की विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार मुस्तफा अल-कदीमी के नेतृत्व वाली सरकार चाहती है कि सभी विदेशी सैनिक इस साल अक्टूबर में निर्धारित चुनाव से पहले देश छोड़ दें।

देश की आधिकारिक समाचार एजेंसी इराकी न्यूज एजेंसी ने गुरुवार को बताया कि देश के विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने सुरक्षा सहयोग का नए चरण और इराक के बाहर लड़ाकू सैनिकों की तैनाती के लिए अमेरिकी राजदूत से मुलाकात की ताकि ट्रांजिशन के संबंध में तीसरे दौर की रणनीतिक वार्ता के परिणामों को लागू करने के लिए उनकी बैठक में तेजी लाई जा सके।"

देश में अमेरिकी सेना की मौजूदगी लगातार परेशानी का सबब बन गई है क्योंकि कई मिलिशिया समूह रोजाना इन सैनिकों के ठिकानों पर मिसाइल से हमले करते हैं। बुधवार 14 अप्रैल को एक ड्रोन ने एक बेस पर विस्फोटक गिराया जो उत्तरी एरबिल शहर में अमेरिकी सैनिकों का ठिकाना था।

यह देश में विपक्ष के लिए रैली करने का स्थल बन गया है क्योंकि सैनिकों की वापसी की मांग को लेकर कई विरोध प्रदर्शन किए गए हैं। सैनिकों की उपस्थिति ईरान और इराक के बीच भी एक मुद्दा बन गई है क्योंकि ईरान ने बगदाद में अमेरिकी ड्रोन हमले में अपने रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) के कमांडर की पिछले वर्ष हुई हत्या के बाद सभी विदेशी सैनिकों को इस क्षेत्र से हटाने के लिए मजबूर करने का संकल्प लिया है।

इराक ने इस ड्रोन हमले को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया था और इसकी संसद ने एक प्रस्ताव पारित कर विदेशी सैनिकों को देश से बाहर करने को कहा था।

इन हमलों के बाद डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने बड़ी संख्या में अपने सैनिकों के "सुरक्षित ठिकानों" पर फिर से तैनात किया था और साथ ही सैनिकों की संख्या को घटाकर 2500 करने की घोषणा की थी।

जो बाइडन प्रशासन ने इस देश से सैनिकों को वापस लेने की इच्छा व्यक्त की थी और इसके लिए एक समयसीमा तय करने में विफल रहा।

8 अप्रैल को हुई बातचीत पर प्रतिक्रिया देते हुए मुस्तफा कादिमी ने ट्विटर पर एक पोस्ट में कहा था कि इराकी लोग "शांति, सुरक्षा और समृद्धि में रहने के लायक हैं"।

Iraq
America
ISIS

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम

यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

ड्रोन युद्ध : हर बार युद्ध अपराधों से बचकर निकल जाता है अमेरिका, दुनिया को तय करनी होगी जवाबदेही

अमेरिका और चीन के राष्ट्रपति के बीच वार्ता का दांव और अफ़ग़ानिस्तान के बहाने शांति का दौर


बाकी खबरें

  • Durand line
    एम के भद्रकुमार
    पाकिस्तान को मिला अफ़ग़ानिस्तान से झटका
    05 Jan 2022
    अफ़ग़ानिस्तान के घटनाक्रमों पर विचार की श्रृंखला के इस भाग में तालिबान सरकार को मान्यता दिये जाने के सिलसिले में पाकिस्तान की अनिच्छा को लेकर चर्चा की गयी है।
  • असद रिज़वी
    ‘सूर्य नमस्कार’ के बहाने ‘हिंदुत्व’ को शिक्षा-संस्थानों में घुसाने की कोशिश करती सरकार!
    05 Jan 2022
    सरकार द्वारा “आज़ादी” के “अमृत महोत्सव” के अवसर पर 1 जनवरी से 7 जनवरी के बीच स्कूलों में करवाए जा रहे 'सूर्य नमस्कार' कार्यक्रम पर प्रबुद्ध समाज ने सवाल किया है कि “क्या यह कार्यक्रम चुनावों से पहले…
  • bhasha singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    बुल्ली बाई की विकृत सोच से लड़ाई, पेड न्यूज़ और विज्ञापनों का ज़हर, सरकारी जवाबदेही की मांग
    04 Jan 2022
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने नये साल के आगाज़ में घिनौनी-बलात्कारी सोच के प्रतीक बुल्ली बाई के नाम पर मुस्लिम औरतों पर हुए हमले पर चर्चा करने के साथ-साथ मीडिया पर मोदी-योगी के प्रचार के…
  • अजय कुमार
    रोज़गार के रिपोर्ट कार्ड में मोदी सरकार फिर फेल
    04 Jan 2022
    पिछले 4 महीने में भारत की बेरोज़गारी दर और अधिक ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपी : सड़क और जल निकासी की उचित व्यवस्था के लिए धरना दे रही एक महिला की मौत
    04 Jan 2022
    81 दिनों से धरना दे रही रानी देवी की आगरा के एक गाँव के धरनास्थल पर रविवार को मौत हो गई।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License