NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इराक़ ने देश से अमेरिकी सेना की वापसी के लिए समयसीमा की मांग की
पिछले साल अमेरिका द्वारा ईरानी जनरल क़ासिम सुलेमानी की हत्या के बाद से विशेष रूप से देश में विदेशी सैनिकों की मौजूदगी पर कार्रवाई करने के लिए सरकार पर दबाव बढ़ रहा है।
पीपल्स डिस्पैच
26 Jul 2021
इराक़ ने देश से अमेरिकी सेना की वापसी के लिए समयसीमा की मांग की

इराक के प्रधानमंत्री मुस्तफा अल-कदीमी ने रविवार 25 जुलाई को कहा कि इराक को अब इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ने के लिए अमेरिकी सेना की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ अपनी बैठक में देश से शेष विदेशी लड़ाकू सैनिकों की वापसी के लिए एक निश्चित समयसीमा की मांग करेंगे।

कदीमी सोमवार को राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक से पहले एसोसिएटेड प्रेस से बोल रहे थे। उम्मीद है कि उनकी बैठक के बाद सैनिकों की वापसी की औपचारिक समयसीमा जारी की जाएगी।

कदीमी ने कहा कि हालांकि भविष्य में अमेरिका के साथ सैन्य समन्वय हो सकता है लेकिन इराकी सेना अपने दम पर इस्लामिक स्टेट या आईएसआईएस सहित सभी संभावित खतरों से लड़ने में सक्षम है। उन्होंने संकेत दिया कि प्रशिक्षण और सलाहकार उद्देश्यों के लिए कम संख्या में अमेरिकी सैनिक देश में रह सकते हैं।

इराक से सभी शेष विदेशी सैनिकों को वापस लेने का निर्णय इस साल अप्रैल में दोनों देशों के बीच "रणनीतिक वार्ता" में हो चुका है। हालांकि, निकासी की समय सीमा तय नहीं की गई थी। 7 अप्रैल को जारी एक संयुक्त बयान में दोनों देशों ने सहमति व्यक्त की थी कि, "अमेरिका और गठबंधन सैनिकों का मिशन अब प्रशिक्षण और सलाहकार कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए परिवर्तित हो गया है, इस तरह इराक से अन्य शेष लड़ाकू सैनिकों की पुन: तैनाती की अनुमति मिली।"

2014 में आईएसआईएस के बढ़ते खतरे के बाद तत्कालीन इराकी सरकार की अपील के बाद विदेशी सैनिकों को तैनात किया गया था। इराक ने 2017 में आईएसआईएस पर जीत की घोषणा कर दी है। देश में विदेशी सैनिकों की संख्या में पिछले एक साल में काफी कमी आई है।

इराक में 5,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक थे। इसको इराकी मिलिशिया से बढ़ती दुश्मनी का सामना करना पड़ा है। मिलिशिया ने उन ठिकानों पर हमला किया है जहां उन्हें तैनात किया गया था। जनवरी 2020 में ड्रोन हमले में अमेरिका द्वारा ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी और इराकी कमांडर अबू महदी अल-मुहांडिस की हत्या के बाद हमले बढ़े। इसके बाद इराकी संसद ने सरकार से देश से सभी विदेशी सैनिकों को वापस करने का आश्वासन देने की बात कहते हुए एक प्रस्ताव पारित किया था।

अनाधिकारिक अनुमानों के अनुसार, इराक में अभी लगभग 2,500 अमेरिकी सैनिक हैं।

Iraq
America
Qasem Soleimani

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम

यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

अमेरिका और चीन के राष्ट्रपति के बीच वार्ता का दांव और अफ़ग़ानिस्तान के बहाने शांति का दौर

क्या बंदूक़धारी हमारे ग्रह को साँस लेने देंगे


बाकी खबरें

  • दिल्ली उच्च न्यायालय
    भाषा
    सरकार की नीति जारी रहने तक बिना राशन कार्ड के मुफ़्त राशन वितरित करें: उच्च न्यायालय
    24 Aug 2021
    न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की एकल पीठ ने असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले सात लोगों की याचिका पर सुनवाई के दौरान कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण के महत्व पर भी जोर दिया।
  • उद्धव ठाकरे को थप्पड़ मारने वाली टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री नारायण राणे गिरफ्तार
    भाषा
    उद्धव ठाकरे को थप्पड़ मारने वाली टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री नारायण राणे गिरफ्तार
    24 Aug 2021
    एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि राणे को रत्नागिरी जिले में पुलिस ने हिरासत में लिया, जहां वह ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ के तहत दौरे पर थे। अधिकारी ने बताया कि हिरासत में लेने के बाद राणे को संगमेश्वर थाना ले…
  • मौद्रीकरण के नाम पर देश बेचने की योजना!
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मौद्रीकरण के नाम पर देश बेचने की योजना!
    24 Aug 2021
    विपक्ष ने इसे देश बेचने वाला कदम बताया है। सीपीएम महासचिव ने एक कार्टून शेयर करते हुए कहा कि “हमारे भारत को बेचना बंद करो मोदी जी”, जबकि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि “‘आत्मनिर्भर’ की बात…
  • नवउदारवाद और राष्ट्रवाद के बीच में खेती-किसानी का भविष्य
    प्रभात पटनायक
    नवउदारवाद और राष्ट्रवाद के बीच में खेती-किसानी का भविष्य
    24 Aug 2021
    पहले सरकार किसानी-खेती और उससे बाहर के पूंजीपतियों के बीच खुद को रक्षा दीवार की तरह खड़ा रखती थी, नवउदारवाद के अंतर्गत सरकार की यह बीच की दीवार की भूमिका भी खत्म हो गयी है अब बाहरी पूंजीपतियों को,…
  • आसमान से गिरते इंसान: मानव होने की निर्रथकता
    प्रतीक
    आसमान से गिरते इंसान: मानव होने की निरर्थकता
    24 Aug 2021
    कुछ इंसान आज के दौर में भगवान की तरह बर्ताव करते हैं। यह लोग दूसरे लोगों से ऐसे व्यवहार करते हैं, जैसे उद्दंड बच्चे उड़ती हुई तितलियों के साथ करते हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License