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इज़़रायल के हवाई हमले में दमिश्क के पास तीन सीरियाई नागरिकों की मौत
सीरियाई सरकार की समाचार एजेंसी एसएएनए के अनुसार सोमवार 27 अप्रैल को तड़के लेबनान की सीमा से इज़रायल द्वारा किए गए मिसाइल हमले में तीन सीरियाई नागरिकों की मौत हो गई।
पीपल्स डिस्पैच
28 Apr 2020
तीन सीरियाई नागरिकों की मौत

सोमवार 27 अप्रैल को तड़के सीरिया की राजधानी दमिश्क के पास एक इज़रायली मिसाइल हमले में तीन नागरिक मारे गए और तीन अन्य घायल हो गए। सीरियाई अरब न्यूज़ एजेंसी (एसएएनए) ने बताया कि इन मिसाइलों को दक्षिणी लेबनान सीमा की तरफ से इज़़रायली वायु सेना द्वारा दागा गया था।

इज़रायली अख़बार हरेटज़ और टाइम्स ऑफ़ इज़रायल के अनुसार इस हमले में सात लोग मारे गए।

घायलों में एक बच्चा शामिल है। इस हमले में अल-हुजैरा और अदलिया शहर में लोगों की घरों को काफी नुकसान पहुंचाया जो सीरियाई वायु सेना के अड्डे के नज़दीक है।

एसएएनए के अनुसार, सीरियाई वायु सेना ने बड़ी संख्या में मिसाइलों को निशाना बनाया और नष्ट कर दिया।

COVID-19 महामारी के बावजूद इज़रायल ने अपनी आक्रामक क्षेत्रीय नीति को जारी रखा है। इज़रायल में बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाले गठबंधन ने न केवल क़ब्ज़े वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में अपने हमले को जारी रखा है, बल्कि वेस्ट बैंक के हिस्से को शामिल करने का भी इरादा जताया है। सीरियाई आक्रमण देश के भीतर विद्रोही समूह को मज़बूत करने की इसकी योजनाओं का एक हिस्सा है। सोमवार को हुए हमले पिछले दस दिनों में ऐसा तीसरा हमला था। पिछले हफ्ते, इज़रायल ने हामान के पास के एक इलाके में हमला किया था।

27 अप्रैल सीरिया में COVID-19 के 43 मामले सामने आए हैं, वहीं तीन लोगों की मौत हो गई है।

हालांकि, इज़़रायल ने इन हमलों का दावा नहीं किया है, लेकिन रक्षा मंत्री नफ़्तेली बेनेट ने रविवार को एक रेडियो प्रसारण में कहा कि इज़़रायल सीरिया से "बाहर करने के लिए ईरान को घेरने की नीति" पर कायम है।

इज़़रायल का दावा है कि ईरानी सेना सीरियाई क्षेत्र का उपयोग इज़़रायल पर हमला करने के लिए कर रही है। सीरिया और ईरान ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है और इसके बजाय दावा किया है कि सीरिया विरोधी ताक़तों को सुरक्षा देने के लिए इज़़रायली हमले किए जाते हैं। सीरिया विरोधी ताक़ते देश में युद्ध को जारी रखे हुए है।

इज़रायली अधिकारियों ने 2011 से सीरिया में ऐसे हज़ारों मिसाइल हमलों को अंजाम देने की बात पहले स्वीकार कर चुकी है जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए हैं।

वर्ष 2011 में शुरू हुआ सीरिया का युद्ध नौवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। विदेशी समर्थित विद्रोहियों और सीरियाई सरकारी बलों के बीच की लड़ाई ने बड़ी संख्या में लोगों की जान ले ली है और मानव इतिहास में सबसे बड़े विस्थापन का कारण बना। इसकी लगभग आधी आबादी दुनिया भर में शरणार्थी शिविरों में रहने को मजबूर है। लगभग 3.75 मिलियन सीरियाई शरणार्थी तुर्की में हैं।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

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