NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इज़रायल ने गाज़ा पट्टी में किया हवाई हमला, संघर्षविराम का उल्लंघन
इज़रायल का दावा है कि ये हवाई हमले गाज़ा पट्टी से "आग लगाने वाले गुब्बारे" के गिराने के जवाब में किए गए। इन गुब्बारों ने दक्षिणी इज़रायल के अंदर कुछ खेतों में आग लगा दी।
पीपल्स डिस्पैच
16 Jun 2021
 गाज़ा

बुधवार 16 जून की सुबह इजरायल ने गाजा शहर और कब्जे वाले गाजा पट्टी के अंदर दक्षिणी शहर खास यूनूस पर हवाई हमले शुरू किए। अब तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है, हालांकि इसने हाल ही में इजरायल के हमले की यादें ताजा कर दी हैं।

इजरायली सुरक्षा बलों ने दावा किया कि ये हवाई हमला गाजा से दक्षिणी इजरायल में आग लगाने वाले गुब्बारों के गिराने के जवाब में किया गया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि इन गुब्बारों से खेतों में आग लग गई।

ये हमला 20 मई को युद्धविराम पर सहमत के बाद पहला उल्लंघन है। इस युद्धविराम के चलते कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्र के अंदर 11 दिनों के लंबे इजरायली हमले बंद हो गए थे। इन हमलों में 250 से अधिक फिलिस्तीनियों की मौत हो गई थी वहीं सैकड़ों लोग घायल हो गए थे और नागरिक बुनियादी ढांचे का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ था।

नेफ्ताली बेनेट के नेतृत्व में इज़रायल में बनी नई सरकार के अधीन ये पहला हमला है। पूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के अधीन 2006 से इस तरह के सैकड़ों हमले किए गए थे। इस साल इज़रायल ने हमास द्वारा नियंत्रित गाजा पट्टी की व्यापक भूमि, वायु और समुद्री नाकाबंदी को लागू कर दिया था।

रॉयटर्स समाचार एजेंसी को दिए गए एक बयान में, हमास के प्रवक्ता ने इज़रायल द्वारा इन हमलों की पुष्टि की और कब्जे के खिलाफ प्रतिरोध जारी रखने और कब्जे वाले पूर्वी येरूशेलम में "अपने अधिकारों और पवित्र स्थलों की रक्षा" करने का संकल्प लिया।

मंगलवार को, इज़रायली सरकार ने पुराने शहर में "द मार्च ऑफ द फ्लैग" नाम के एक अतिदक्षिणपंथी मार्च की अनुमति दी जिसमें हजारों चरमपंथी यहूदियों ने भाग लिया जिसमें "अरब मुर्दाबाद" जैसे नस्लवादी नारे लगाए। इजरायली सुरक्षा बलों ने दमिश्क गेट सहित शहर के अंदर कई स्थानों पर इसके जवाबी प्रदर्शनों पर क्रूर कार्रवाई की। उन्होंने कम से कम 33 फिलिस्तीनी प्रदर्शनकारियों को घायल कर दिया और करीब 17 को गिरफ्तार कर लिया।

कब्जे वाले अधिकारियों द्वारा पुराने शहर के शेख जर्राह, सिलवान और अन्य इलाके से कई फिलिस्तीनी परिवारों को बेदखल करने के प्रयासों के बाद पिछले महीने से कब्जे वाले पूर्वी येरुशेलम में लगातार उथल-पुथल बना हुआ है। मुस्लिमों द्वारा "पवित्र" माने जाने वाले पुराने शहर में अल-अक्सा परिसर में इजरायली सेना दो बार घुस गए।

मंगलवार को गाजा पट्टी में हजारों फिलिस्तीनियों ने पूर्वी येरुशेलम के अंदर सेटलर की निरंतर हिंसा और तथाकथित "मार्च ऑफ द फ्लैग" के विरोध में एक मार्च निकाला।

Israel
Gaza
attacks in gaza
israeli attacks

Related Stories

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार

2021: अफ़ग़ानिस्तान का अमेरिका को सबक़, ईरान और युद्ध की आशंका


बाकी खबरें

  • yogi
    अजय कुमार
    उत्तर प्रदेश : बिल्कुल पूरी नहीं हुई हैं जनता की बुनियादी ज़रूरतें
    09 Feb 2022
    लोगों की बेहतरी से जुड़े सरकारी मानकों के निगाह से देखने पर उत्तर प्रदेश में घाव ही घाव नजर आते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, ग़रीबी बेरोज़गारी के के हालात इतने बुरे हैं कि लगता है जैसे योगी सरकार ने इन…
  • देबांगना चैटर्जी
    फ़्रांस में खेलों में हिजाब पर लगाए गए प्रतिबंध के ज़रिये हो रहा है विभाजनकारी, भेदभावपूर्ण और ख़तरनाक खेल
    09 Feb 2022
    फ़्रांस में धर्मनिरपेक्षता को बरक़रार रखने के लिए खेलों में हिजाब और दूसरे "सुस्पष्ट धार्मिक चिन्हों" पर प्रतिबंध लगाने की कवायद पूरी तरह से पाखंड, भेदभाव और राजनीतिक हितों से भरी नज़र आती है। आख़िरकार…
  • Modi
    अजय गुदावर्ती
    मोदी की लोकप्रियता अपने ही बुने हुए जाल में फंस गई है
    09 Feb 2022
    अलोकप्रिय नीतियों के बावजूद पीएम की चुनाव जीतने की अद्भुत कला ही उनकी अपार लोकप्रियता का उदाहरण है। जहाँ इस लोकप्रियता ने अभी तक विमुद्रीकरण, जीएसटी और महामारी में कुप्रबंधन के बावजूद अच्छी तरह से…
  • unemployment
    कौशल चौधरी, गोविंद शर्मा
    ​गत 5 वर्षों में पदों में कटौती से सरकारी नौकरियों पर छाए असुरक्षा के बादल
    09 Feb 2022
    संघ लोकसेवा आयोग द्वारा 2016-17 में भर्ती किए गए कुल उम्मीदवार 6,103 की तदाद 2019-20 में 30 फीसदी घट कर महज 4,399 रह गई।
  • SP MENIFESTO
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जनता की उम्मीदों पर कितना खरा होगा अखिलेश का ‘वचन’
    09 Feb 2022
    समाजवादी पार्टी ने अपने कहे मुताबिक भाजपा के बाद अपने वादों का पिटारा खोल दिया, इस बार अखिलेश ने अपने घोषणा पत्र को समाजवादी वचन पत्र का नाम दिया, इसमें किसानों, महिलाओं, युवाओं पर विशेष ध्यान दिया…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License