NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फिलिस्तीन
इज़रायल का फ़िलिस्तीनियों को डराना धमकाना और उत्पीड़न लगातार जारी
सप्ताहांत में इज़रायली बलों ने पत्रकारों पर हिंसक हमला किया, शेख़ जर्राह में बेदखली का विरोध करने वाले प्रमुख फ़िलिस्तीनी एक्टिविस्टों को गिरफ़्तार किया और शेख़ जर्राह के समर्थन में हुई दौड़ में भाग लेने वाले फ़िलिस्तीनी लोगों पर हमला किया।
पीपल्स डिस्पैच
08 Jun 2021
इज़रायल का फ़िलिस्तीनियों को डराना धमकाना और उत्पीड़न लगातार जारी

इजरायली सुरक्षा बलों ने रविवार को प्रमुख फिलिस्तीनी कार्यकर्ता मोना अल-कुर्द को पूर्वी येरुशेलम में शेख जर्राह इलाके से उनके घर पर हिंसक छापेमारी में गिरफ्तार किया। उन्होंने उनके जुड़वां भाई मोहम्मद अल-कुर्द के लिए भी सम्मन दिया, जो पढ़ाने के लिए रामल्लाह में था।

उनके पिता नबील अल-कुर्द ने प्रेस को दिए एक बयान में कहा कि उनकी बेटी की गिरफ्तारी "माता-पिता को आतंकित करने के लिए एक ऑपरेशन का हिस्सा था, क्योंकि पड़ोस से जो आवाज उठी थी वह उसके युवाओं के कारण थी।" उन्होंने यह भी कहा कि पूछताछ के दौरान उनकी बेटी और बेटे को वकील तक पहुंच से वंचित कर दिया गया था, हालांकि यह इजरायल और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत उनका अधिकार था।

शेख जर्राह में कई फिलिस्तीनी परिवारों द्वारा सामना किए गए अवैध बेदखली के खिलाफ प्रतिरोध में ये अल-कुर्द युवा सबसे आगे रहे हैं। कई घंटे की पूछताछ के बाद आखिरकार दोनों को छोड़ दिया गया।

अपनी रिहाई के बाद मोना ने संवाददाताओं से कहा कि "अगर वे हमें जबरन निकालने के लिए हमारे घर पर छापा मारते हैं, तो मैं अपने कमरे में खुद को जंजीर से बांध लूंगी। मैं शेख जर्राह में अपना घर नहीं छोडूंगी।”

दो अन्य एक्टिविस्ट जुहैर अल-रजाबी और इयाद अबू स्नेना को भी सिलवान के निकटवर्ती इलाके से रविवार को वहां से जबरन बेदखली और विस्थापन का विरोध करने के लिए गिरफ्तार किया गया था।

उनकी गिरफ्तारी के बाद एक्टिविस्ट और समर्थक पुलिस थाने के बाहर जमा हो गए जहां उनकी मनमानी गिरफ्तारी और उनकी रिहाई की मांग करने के लिए उन्हें शांतिपूर्ण विरोध करने के लिए पकड़ा जा रहा था। इजरायली सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे, स्टन ग्रेनेड फेंके और रबर कोटेड स्टील की गोलियां चलाई।

इजरायली बलों ने अल-नक्सा (विस्थापन) की 54 वीं वर्षगांठ और शेख जर्राह के समर्थन में प्रदर्शनों में भाग लेने वाले फिलिस्तीनियों पर हिंसक रूप से शनिवार, 5 जून को कार्रवाई की और पत्रकारों का उपरकरण नष्ट करते हुए उन पर हमला किया और गिरफ्तार किया।

Israel
Palestine
israel-palestine conflict

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • jammu and kashmir
    अजय सिंह
    मुद्दा: कश्मीर में लाशों की गिनती जारी है
    13 Jan 2022
    वर्ष 2020 और वर्ष 2021 में सेना ने, अन्य सुरक्षा बलों के साथ मिलकर 197 मुठभेड़ अभियानों को अंजाम दिया। इनमें 400 से ज्यादा कश्मीरी नौजवान मारे गये।
  • Tilka Majhi
    जीतेंद्र मीना
    आज़ादी का पहला नायक आदिविद्रोही– तिलका मांझी
    13 Jan 2022
    ब्रिटिश साम्राज्य की स्थापना के बाद प्रथम प्रतिरोध के रूप में पहाड़िया आदिवासियों का यह उलगुलान राजमहल की पहाड़ियों और संथाल परगना में 1771 से लेकर 1791 तक ब्रिटिश हुकूमत, महाजन, जमींदार, जोतदार और…
  • marital rape
    सोनिया यादव
    मैरिटल रेप को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, क्या अब ख़त्म होगा महिलाओं का संघर्ष?
    13 Jan 2022
    गैर-सरकारी संगठनों द्वारा दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि मैरिटल रेप के लिए भी सज़ा मिलनी चाहिए। विवाहिता हो या नहीं, हर महिला को असहमति से बनाए जाने वाले यौन संबंध को न कहने का हक़…
  • muslim women
    अनिल सिन्हा
    मुस्लिम महिलाओं की नीलामीः सिर्फ क़ानून से नहीं निकलेगा हल, बडे़ राजनीतिक संघर्ष की ज़रूरत हैं
    13 Jan 2022
    बुल्ली और सुल्ली डील का निशाना बनी औरतों की जितनी गहरी जानकारी इन अपराधियों के पास है, उससे यह साफ हो जाता है कि यह किसी अकेले व्यक्ति या छोटे समूह का काम नहीं है। कुछ लोगों को लगता है कि सख्त कानूनी…
  • up elections
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपी चुनाव 2022: बीजेपी में भगदड़ ,3 दिन में हुए सात इस्तीफ़े
    13 Jan 2022
    सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने दावा किया है कि रोजाना राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार के एक-दो मंत्री इस्तीफा देंगे और 20 जनवरी तक यह…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License