NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इज़रायल ने बनाई फ़िलिस्तीन की इब्राहिमी मस्जिद के आसपास के इलाक़े को क़ब्ज़ाने की योजना
कोरोना वायरस महामारी के बावजूद नेतन्याहू प्रशासन ने अपनी दमनकारी नीतियों और फ़िलिस्तीनी भूमि के अवैध अधिग्रहण को जारी रखा है।
पीपल्स डिस्पैच
22 Apr 2020
इज़रायल

इज़रायल के अटॉर्नी जनरल अविचाई मंडेलब्लिट ने मंगलवार 21 अप्रैल को क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में पुराने हेब्रोन शहर के मध्य में इब्राहिमी मस्जिद के आसपास के फ़िलिस्तीनी क्षेत्र को क़ब्ज़ा करने की सरकार की योजना को मंज़ूरी दे दी है।

इज़रायल के रक्षा मंत्रालय ने पिछले दिसंबर में इस योजना को मंज़ूरी दी थी। ये अंतिम निर्णय अब प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मंज़ूरी के लिए लंबित है।

क़ब्ज़ा की जाने वाली भूमि फ़िलिस्तीन इस्लामिक वक्फ़ और फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण की है और एक बार लागू होने के बाद शहर की प्रसिद्ध शुहादा स्ट्रीट की थोक बाज़ार को नष्ट कर दिया जाएग। इज़रायल की परियोजना यहूदी श्रद्धालुओं के लाभ के लिए इस मस्जिद के आसपास के क्षेत्रों का पुनर्निर्माण करना है।

चरम दक्षिणपंथी इज़रायलियों का दावा है कि मस्जिद पैट्रिआर्क की कब्र है। इज़रायल ने इस मस्जिद पर क़ब्ज़ा कर लिया है और इसे फ़िलिस्तीनी और यहूदी भागों में विभाजित किया है और सभी मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करते हुए यहूदियों को 1994 से मस्जिद के अंदर प्रार्थना करने की अनुमति दी है। साथ ही यह ओस्लो के समझौते का उल्लंघन करता है जो इसी साल फ़िलिस्तीन मुक्ति संगठन (पीएलओ) के साथ हस्ताक्षर किए गए थे।

पहले से हेब्रोन शहर के बीच में इज़रायल की एक अवैध बस्ती है जिसमें 800 अवैध इज़रायली लोग भारी सैन्य सुरक्षा घेरे में रहते हैं।

यरूशलेम के दक्षिण में स्थित हेब्रोन क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में सबसे अधिक आबादी वाला फ़िलिस्तीनी शहर है जिसमें 2,00,000 से अधिक फ़िलिस्तीनी रहते हैं। हेब्रोन का पुराना शहर जिसमें इब्राहिमी मस्जिद शामिल है दो यूनेस्को का विश्व धरोहर स्थल है।

वक़्फ़ एवं धार्मिक मामलों के फ़िलिस्तीनी मंत्रालय ने फ़िलिस्तीनी समाचार एजेंसी डब्‌ल्यूएएफए की वेबसाइट पर जारी एक बयान में इस फ़ैसले की निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों और मुसलमानों के धार्मिक अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन बताया। इसने इस तथ्य की ओर भी इशारा किया है कि इज़रायल द्वारा इस तरह के कई उल्लंघन किए गए जिसके कई उदाहरण हेब्रोन में पाए गए हैं।

नेतन्याहू और बेनी गैंट्ज़ के बीच इज़रायल में नई यूनिटी गवर्नमेंट बनाने को लेकर हुए इस समझौते ने छह महीने तक के लिए नए क़ानूनों को लेकर लागू किए गए प्रतिबंध से फ़़िलिस्तीनी भूमि से संबंधित क़ानूनों को दूर रखा गया है। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि इजरायल का जल्द ही फिलिस्तीनी भूमि के बड़े हिस्से पर क़ब्ज़ा करने का इरादा है।

 

Israel
Netanyahu
Palestine
palestine land
Israel Occupied Palestine

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

फ़िलिस्तीन पर इज़राइली हिंसा और यूक्रेन-रूस में ख़ूनी जंग कब तक

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है


बाकी खबरें

  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    यूपी: योगी 2.0 में उच्च-जाति के मंत्रियों का दबदबा, दलितों-पिछड़ों और महिलाओं की जगह ख़ानापूर्ति..
    02 Apr 2022
    52 मंत्रियों में से 21 सवर्ण मंत्री हैं, जिनमें से 13 ब्राह्मण या राजपूत हैं।
  • अजय तोमर
    कर्नाटक: मलूर में दो-तरफा पलायन बन रही है मज़दूरों की बेबसी की वजह
    02 Apr 2022
    भारी संख्या में दिहाड़ी मज़दूरों का पलायन देश भर में श्रम के अवसरों की स्थिति को दर्शाता है।
  • प्रेम कुमार
    सीबीआई पर खड़े होते सवालों के लिए कौन ज़िम्मेदार? कैसे बचेगी CBI की साख? 
    02 Apr 2022
    सवाल यह है कि क्या खुद सीबीआई अपनी साख बचा सकती है? क्या सीबीआई की गिरती साख के लिए केवल सीबीआई ही जिम्मेदार है? संवैधानिक संस्था का कवच नहीं होने की वजह से सीबीआई काम नहीं कर पाती।
  • पीपल्स डिस्पैच
    लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया
    02 Apr 2022
    इज़रायल के क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में और विदेशों में रिफ़्यूजियों की तरह रहने वाले फ़िलिस्तीनी लोग लैंड डे मनाते हैं। यह दिन इज़रायली क़ब्ज़े के ख़िलाफ़ साझे संघर्ष और वापसी के अधिकार की ओर प्रतिबद्धता का…
  • मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद ज़ीशान अहमद
    भारत को अपने पहले मुस्लिम न्यायविद को क्यों याद करना चाहिए 
    02 Apr 2022
    औपनिवेशिक काल में एक उच्च न्यायालय के पहले मुस्लिम न्यायाधीश, सैयद महमूद का पेशेवराना सलूक आज की भारतीय न्यायपालिका में गिरते मानकों के लिए एक काउंटरपॉइंट देता है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License